यूपी में बाढ़ का खतरा: सरयू खतरे के निशान से ऊपर, कानपुर के 5 गांवों में घुसा गंगा का पानी!

UP Flood: यूपी में गंगा और सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गोरखपुर में सरयू खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि कानपुर के पांच गांवों में गंगा का पानी घुस गया है।


September 11, 2026 by

UP Flood News Today: गोरखपुर के बड़हलगंज इलाके में सरयू नदी का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। गुरुवार को भी बड़हलगंज और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का असर देखने को मिला। लेटाघाट का प्लेटफार्म पानी में डूब गया है। यहां करीब 100 मीटर लंबे पाथवे पर लोग टहलते हैं। दक्षिणांचल के करीब 20 गांव बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।

तुर्तीपार में 72 सेंटीमीटर ऊपर नदी

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, तुर्तीपार में सरयू का जलस्तर बुधवार सुबह 8 बजे 64.670 मीटर था, जो गुरुवार को बढ़कर 64.730 मीटर पहुंच गया। नदी खतरे के निशान से करीब 72 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 6 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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मुक्तिपथ के सभी प्लेटफार्म डूबे

सरयू के बढ़ते जलस्तर का असर मुक्तिपथ पर भी पड़ा है। यहां बने सभी 40 प्लेटफार्म बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। वहीं, राप्ती और रोहिन नदियों का जलस्तर कम हुआ है। बर्डघाट में राप्ती नदी का पानी पिछले 16 घंटे में करीब 50 सेंटीमीटर नीचे आया है।

कछारांचल में गांवों के सामने संकट

सरयू की बाढ़ से कछारांचल में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। पानी तेजी से फैलने के कारण दर्जनों गांव बाढ़ से घिर गए हैं। कई संपर्क मार्गों पर पानी पहुंचने से लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। जैतपुर, ज्ञानकोल, गोनघट, बगहा देवार, बलथर और खैराटी समेत कई गांवों के लोग बाढ़ के बीच रहने को मजबूर हैं। जैतपुर में करीब 70 घर हैं।

कानपुर के 5 गांवों में घुसा गंगा का पानी

कानपुर में भी गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्र के पांच गांवों में पानी घुस गया है। भगवानदीनपुरवा के बाद भोपालपुरवा, बनियापुरवा, दुर्गापुर, गिल्लीपुरवा और डल्लपुरवा की गलियों में पानी भर गया है। ग्रामीणों की आवाजाही के लिए चार नाव और दो ट्रैक्टर लगाए गए हैं।

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अभी घरों तक नहीं पहुंचा पानी

अभी घरों तक नहीं पहुंचा पानी

बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी गलियों और सड़कों तक पहुंच चुका है, लेकिन फिलहाल घरों के अंदर पानी नहीं पहुंचने की बात कही गई है। भगवानदीनपुरवा के लोगों के आवागमन के लिए चार नावों की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों के मुताबिक, गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है, जिससे आने वाले समय में परेशानी बढ़ने की आशंका है।

गंगा चेतावनी बिंदु के पार

गंगा चेतावनी बिंदु के पार

कानपुर में गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में करीब 15 सेंटीमीटर बढ़ा है। गंगा बैराज में चेतावनी बिंदु 114 मीटर है, जबकि जलस्तर बढ़कर 114.630 मीटर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान 115 मीटर से बेहद करीब है। शुक्लागंज में भी गंगा चेतावनी बिंदु 113 मीटर को पार कर 113.020 मीटर पर पहुंच गई है।

बैराज से छोड़ा गया लाखों क्यूसेक पानी

बैराज से छोड़ा गया लाखों क्यूसेक पानी

हरिद्वार से 81,514 क्यूसेक और नरौरा से करीब 1.05 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं, कानपुर बैराज से गुरुवार को गंगा में 3.90 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर पर आने वाले घंटों में दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

प्रयागराज में गंगा-यमुना पर बढ़ा दबाव

प्रयागराज के फाफामऊ में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रात 8 बजे नदी का जलस्तर 82 मीटर के स्तर से महज 5 सेंटीमीटर दूर था। वहीं, नैनी में कुछ समय स्थिर रहने के बाद यमुना का जलस्तर घटने लगा था। हालांकि टोंस और बेलन नदियों के दबाव के कारण गंगा और यमुना के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी की चिंता बनी हुई है।

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प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं। सिंचाई विभाग के बाढ़ प्रखंड के सहायक अभियंता निखिल प्रसाद ने बताया कि जलस्तर और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों की टीम प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है।

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