UP Elections News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी काफी समय बाकी है, लेकिन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने गठबंधन की संभावनाओं को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। दोनों दल चुनाव से पहले सीट बंटवारे पर जल्द बातचीत शुरू कर सकते हैं। कांग्रेस का मानना है कि सीटों को लेकर अंतिम तस्वीर चुनाव के बिल्कुल करीब आने से पहले साफ होनी चाहिए, ताकि दोनों पार्टियां अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के साथ कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बना सकें।
403 सीटों पर दोनों दलों का सर्वे
सूत्रों के मुताबिक, सपा और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अपने-अपने स्तर से सर्वे कराया है। इन सर्वे के जरिए दोनों पार्टियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि किस विधानसभा क्षेत्र में उनका संगठन कितना मजबूत है, कौन सा उम्मीदवार चुनावी स्थिति में बेहतर हो सकता है और किन सीटों पर गठबंधन के सहारे जीत की संभावना मजबूत हो सकती है। सर्वे के आंकड़े आगे होने वाली सीट बंटवारे की बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कांग्रेस की सम्मानजनक सीटों पर नजर
कांग्रेस गठबंधन की बातचीत में अपने लिए सम्मानजनक संख्या में सीटों की मांग रख सकती है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि सीटों का फैसला केवल चुनावी समीकरण के आधार पर नहीं, बल्कि संगठन की स्थिति और स्थानीय स्तर की संभावनाओं को ध्यान में रखकर होना चाहिए। कांग्रेस चाहती है कि उसे ऐसी सीटें मिलें, जहां उसका संगठन और स्थानीय राजनीतिक आधार चुनाव में प्रभावी प्रदर्शन करने की स्थिति में हो।
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2017 के अनुभव से सबक लेने की कोशिश
सपा और कांग्रेस पहले भी विधानसभा चुनाव में गठबंधन कर चुकी हैं। वर्ष 2017 में दोनों दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन गठबंधन का अपेक्षित राजनीतिक लाभ नहीं मिल सका। उस समय कांग्रेस ने सपा के साथ गठबंधन के तहत 114 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे केवल सात सीटों पर जीत मिली थी। दोनों दलों के बीच जमीनी स्तर पर पर्याप्त समन्वय की कमी को भी इसकी प्रमुख वजहों में गिना गया था।
कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल पर जोर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि इस बार सीटों का बंटवारा समय रहते तय किया जाना जरूरी है। इससे दोनों दलों के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाने का पर्याप्त समय मिलेगा। पार्टी का मानना है कि यदि उम्मीदवारों और सीटों को लेकर अंतिम समय तक असमंजस बना रहा तो कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय प्रभावित हो सकता है और गठबंधन को चुनावी स्तर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
2024 के लोकसभा चुनाव से बढ़ा भरोसा
विधानसभा चुनाव के 2017 के अनुभव के विपरीत, 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस का गठबंधन अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहा था। इसी अनुभव के आधार पर दोनों दल अब विधानसभा चुनाव की रणनीति में पहले से बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दे रहे हैं। कांग्रेस के भीतर यह भी चर्चा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान बने जमीनी समन्वय को विधानसभा स्तर तक मजबूत तरीके से पहुंचाया जाए।
2022 में कांग्रेस को मिली थीं दो सीटें

वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में पार्टी को केवल दो विधानसभा सीटों पर जीत हासिल हुई थी। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी अब उन क्षेत्रों की पहचान करने में जुटी है जहां वह अपने संगठन और संभावित उम्मीदवारों के दम पर बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच बातचीत

गठबंधन की संभावनाओं के बीच कांग्रेस और सपा के शीर्ष नेतृत्व के बीच भी बातचीत का सिलसिला जारी है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस सांसदों के साथ बैठक कर उत्तर प्रदेश समेत चुनावी तैयारियों पर चर्चा की है। इस बैठक में पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बीच भी एक दौर की बातचीत हो चुकी है।
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कांग्रेस ने सीटों को तीन श्रेणियों में बांटा
कांग्रेस ने अपने सर्वे के आधार पर उत्तर प्रदेश की विधानसभा सीटों को तीन श्रेणियों-ए, बी और सी-में बांटने की प्रक्रिया शुरू की है। पार्टी के मुताबिक, इस वर्गीकरण से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किन सीटों पर कांग्रेस अपने दम पर मजबूत स्थिति में है, किन क्षेत्रों में गठबंधन का फायदा मिल सकता है और किन सीटों पर संगठन को अभी और मजबूत करने की जरूरत है। यह वर्गीकरण सीट बंटवारे की रणनीति तैयार करने में भी उपयोगी हो सकता है।
अब बातचीत के अगले दौर पर नजर
403 विधानसभा सीटों पर सर्वे पूरा होने के बाद अब दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर औपचारिक बातचीत का रास्ता साफ होता दिख रहा है। हालांकि अंतिम फैसला दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच चर्चा के बाद ही होगा। फिलहाल कांग्रेस समय रहते सीटों पर सहमति बनाने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दे रही है, जबकि सपा के साथ गठबंधन को लेकर आगे की रणनीति पर जल्द मंथन होने की संभावना है।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।











