Kanpur Fake Currency News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। रेल बाजार थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से कुल 2 लाख 4 हजार 650 रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई है। बरामद नोटों में 100, 50 और 500 रुपये के नोट शामिल हैं।
5वीं पास बताया जा रहा मास्टरमाइंड
फेक करेंसी के साथ 03 अभियुक्त गिरफ्तार
— POLICE COMMISSIONERATE KANPUR NAGAR (@kanpurnagarpol) September 10, 2026
मुखबिर की सूचना पर SOG/क्राइम ब्रांच एवं थाना रेलबाजार पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तों के कब्जे से लगभग ₹2 लाख की फेक करेंसी बरामद हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्तों… pic.twitter.com/OAQ1P9xK9q
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में उन्नाव के बांगरमऊ निवासी शेर सिंह (52) गिरोह का मास्टरमाइंड है। वह पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है। आरोप है कि वह प्रिंटर और विशेष तरह के कागज की मदद से नकली नोट तैयार करता था। इसके बाद इन नोटों को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन और आसपास के जिलों के रेलवे स्टेशनों पर चलाया जाता था।
रामलीला मैदान के पास छापा
पुलिस को गिरोह के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद रेल बाजार पुलिस ने रामलीला मैदान के पास एक किराए के कमरे में छापा मारा। पुलिस के पहुंचते ही मौके पर मौजूद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसी कमरे से नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान भी बरामद हुआ।
हजारों नकली नोट बरामद

पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से 1,991 नकली 100 रुपये के नोट, 71 नकली 50 रुपये के नोट और चार नकली 500 रुपये के नोट मिले। इन सभी नकली नोटों की कुल कीमत 2,04,650 रुपये बताई गई है।
नोट छापने का पूरा सामान मिला
नकली करेंसी के साथ पुलिस ने एक प्रिंटर, नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाला कागज, स्याही के कंटेनर, कैंची, पेपर कटर और तराजू बरामद किया है। इसके अलावा बैग और अन्य सामान भी पुलिस ने कब्जे में लिया है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपी किराए के कमरे में ही नकली नोट तैयार करते थे।
नकली नोटों का करते थे सौदा

जांच में पुलिस को पता चला है कि गिरोह छोटी दुकानों और भीड़भाड़ वाले बाजारों को निशाना बनाता था। रेलवे स्टेशन के आसपास की दुकानों पर भी नकली नोट चलाने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी नकली नोटों को असली रकम के मुकाबले तीन गुना रकम में देने का काम करते थे।
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कहां तक फैला है नेटवर्क?
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कब से नकली नोट छापने का काम कर रहे थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अब तक कितनी नकली करेंसी बाजार में पहुंचाई गई और इन नोटों को किन-किन इलाकों में भेजा गया। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
तीनों आरोपियों की हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शेर सिंह, रोशन अली (24) और सोमिल गुप्ता (36) के रूप में हुई है। रोशन अली मूल रूप से बलरामपुर का रहने वाला बताया गया है और फिलहाल कानपुर से जुड़ा हुआ था। वहीं सोमिल गुप्ता जालौन का रहने वाला है।
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पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है। सोमिल गुप्ता के खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज बताए गए हैं, जबकि रोशन अली पर सात मामले दर्ज हैं। वहीं शेर सिंह के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब पुलिस नकली नोटों के इस नेटवर्क की आगे की कड़ियों का पता लगाने में जुटी है।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।












