यूपी में चंबल नदी का खौफनाक मंजर: 100 से ज्यादा सवारियों वाली मोटर बोट बही, मचा हड़कंप

UP News: चंबल नदी में 100 से ज्यादा सवारियों से भरी मोटर बोट का इंजन अचानक बंद हो गया, जिससे बोट तेज बहाव में बहने लगी और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि बोट को मध्य प्रदेश के कनेरा में सुरक्षित रोक लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।


August 16, 2026 by

UP News In Hindi: रविवार सुबह चंबल नदी में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मध्य प्रदेश के नगरा से उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित कैंजराघाट की ओर जा रही सवारियों से भरी मोटर बोट अचानक नदी के तेज बहाव में बहने लगी। बताया जा रहा है कि बोट में 100 से अधिक लोग सवार थे। अचानक आई इस स्थिति से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी।

अचानक बंद हुआ मोटर बोट का इंजन

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे मोटर बोट चंबल नदी के बीच रास्ते में थी, तभी उसका इंजन अचानक बंद हो गया। इंजन बंद होते ही बोट पर नियंत्रण प्रभावित हुआ और वह नदी की तेज धारा के साथ बहने लगी। कुछ ही देर में सवार यात्रियों को खतरे का एहसास हुआ और बोट में दहशत का माहौल बन गया।

डीजल खत्म होने की बात सामने आई

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोटर बोट का इंजन डीजल खत्म होने की वजह से बंद हुआ था। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। यदि बोट में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध होता तो संभवतः इंजन बंद होने की स्थिति से बचा जा सकता था। घटना ने नदी में बड़ी संख्या में यात्रियों को ले जाने वाली मोटर बोट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

तेज धारा में बहती रही बोट, यात्रियों में मची दहशत

इंजन बंद होने के बाद बोट चंबल की धारा में बहती चली गई। नदी के तेज बहाव के बीच बोट में मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। कई यात्री घबराकर मदद की उम्मीद में इधर-उधर देखने लगे। देखते ही देखते बोट पर चीख-पुकार मच गई और लोगों को अपनी जान का डर सताने लगा।

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कनेरा में बोट को सुरक्षित रोक लिया गया

हालात बिगड़ने के बावजूद आखिरकार मोटर बोट को मध्य प्रदेश के कनेरा क्षेत्र में सुरक्षित रोक लिया गया। बोट के रुकने के बाद उसमें सवार यात्रियों ने राहत की सांस ली। गनीमत रही कि तेज बहाव में बहने के बावजूद बोट किसी बड़े हादसे का शिकार नहीं हुई और सभी यात्रियों की जान बच गई।

हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश के बासौनी और खेड़ा राठौर थाने की पुलिस सक्रिय हुई। अधिकारियों ने कैंजराघाट पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मौके पर पहुंची टीम ने मोटर बोट में सवार लोगों से भी घटना के बारे में जानकारी जुटाई और परिस्थितियों का जायजा लिया।

तहसीलदार ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर ली जानकारी

हादसे की सूचना मिलने के बाद तहसीलदार संपूर्ण कुलश्रेष्ठ भी कैंजराघाट पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से घटना की जानकारी ली और पूरे मामले की स्थिति को समझा। प्रशासन की टीम ने यह भी देखा कि मोटर बोट किस परिस्थिति में नदी के बहाव में बहने लगी और उसे सुरक्षित कैसे रोका गया।

बड़ा हादसा टलने से प्रशासन ने ली राहत की सांस

चंबल नदी में तेज बहाव के बीच 100 से ज्यादा लोगों से भरी बोट का बहना बेहद गंभीर स्थिति थी। अगर बोट समय रहते सुरक्षित नहीं रोकी जाती या नदी में पलट जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। राहत की बात यह रही कि मोटर बोट को कनेरा में सुरक्षित रोक लिया गया और यात्रियों की जान बच गई।

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यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद मोटर बोट संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को नदी पार कराने वाली बोट में पर्याप्त ईंधन, इंजन की स्थिति और अन्य सुरक्षा इंतजामों की जांच बेहद जरूरी है। घटना के कारणों की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बोट में डीजल की कमी क्यों हुई और रवाना होने से पहले सुरक्षा मानकों की जांच की गई थी या नहीं।

चंबल में यात्रा के दौरान सतर्कता जरूरी

चंबल नदी का बहाव कई स्थानों पर तेज रहता है, ऐसे में मोटर बोट से सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। रविवार की घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि इंजन में मामूली खराबी या ईंधन की कमी भी बड़ी संख्या में यात्रियों के लिए जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती है। हालांकि इस मामले में समय रहते बोट को सुरक्षित रोक लिया गया और एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।

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