Varanasi Fan Factory Fire: वाराणसी के मुढ़ैला तिराहे पर स्थित पंखा फैक्टरी के गोदाम में लगी भीषण आग ने आसपास के इलाके में दहशत फैला दी। सुबह करीब 4 बजे फैक्टरी से उठीं आग की लपटें और काले धुएं का घना गुबार देखते ही देखते पास स्थित मेघना अस्पताल तक पहुंच गया। अस्पताल के वार्डों और निजी कमरों में धुआं भरने से भर्ती मरीजों और तीमारदारों की मुश्किलें बढ़ गईं। कई मरीजों को सांस लेने में परेशानी होने लगी, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तत्काल उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराना शुरू किया।
अस्पताल के वार्डों में धुआं
फैक्टरी से उठता धुआं अस्पताल की दूसरी और तीसरी मंजिल तक पहुंच गया। वार्डों और कमरों में धुएं की गंध फैलने से मरीजों और उनके परिजनों में अफरातफरी मच गई। एहतियातन ऊपरी मंजिलों पर भर्ती मरीजों को ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचाया गया। कुछ तीमारदार अपने मरीजों को अस्पताल से बाहर सुरक्षित स्थानों पर ले जाते दिखाई दिए। अस्पताल प्रशासन ने धुएं को अंदर आने से रोकने के लिए खिड़कियां सील करने और एग्जॉस्ट फैन चालू करने का प्रयास किया।
प्लास्टिक, कॉपर वायर और गत्तों ने बढ़ाई आग की भयावहता

फैक्टरी के गोदाम में पंखों के प्लास्टिक बॉडी पार्ट्स, फाइबर फिनिश ब्लेड्स, कॉपर बाइंडिंग वायर और पैकेजिंग के लिए बड़ी मात्रा में गत्ते रखे हुए थे। आग लगने के बाद इन सामग्रियों ने लपटों को तेजी से फैलने में मदद की। प्लास्टिक और फाइबर के जलने से निकले घने धुएं ने आसपास के वातावरण को प्रभावित किया। गोदाम में रखे कार्टन और पॉलिथीन पैकेजिंग के कारण आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया।
50 मीटर के दायरे में रहने वाले लोग परेशान

आग और धुएं का असर फैक्टरी के आसपास करीब 50 मीटर के दायरे में साफ दिखाई दिया। मकानों, दुकानों और अस्पताल में मौजूद लोगों को धुएं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। आसमान में उठता काला धुआं करीब दो से ढाई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि फैक्टरी की टीनशेड को फाड़कर बाहर निकलती दिखाई दीं। इस दृश्य को देखकर आसपास के लोग सहम गए और कई परिवार अपने घरों से बाहर निकल आए।
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पुलिस ने खाली कराए मकान
आग की भयावहता को देखते हुए मंडुवाडीह थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एहतियातन आसपास के मकानों में रह रहे लोगों को बाहर निकलवाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मेघना अस्पताल में धुआं पहुंचने के बाद उसका दूसरा गेट भी बंद कराया गया। अस्पताल की ऊपरी मंजिलों पर मौजूद मरीजों और कर्मचारियों को नीचे लाया गया। आग की सूचना पर आसपास के लोग भी घरों से बाहर निकल आए और घटनास्थल पर भीड़ जुट गई।
संकरे रास्ते ने दमकलकर्मियों की बढ़ाई चुनौती
फैक्टरी चांदपुर-रोहनिया मार्ग से अंदर जाने वाले संकरे रास्ते पर स्थित है। इसकी वजह से दमकल की गाड़ियां सीधे गोदाम के गेट तक नहीं पहुंच सकीं। अग्निशमन अधिकारियों के मुताबिक, दमकल की गाड़ियों को सड़क पर खड़ा कर पाइप के माध्यम से आग पर पानी की बौछार करनी पड़ी। फैक्टरी के सामने स्थित मकान और आसपास की छतों से भी लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने में मदद की। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए पानी के साथ फोम और अन्य अग्निशमन रसायनों का इस्तेमाल किया।
आठ टैंकर और 50 दमकलकर्मियों ने संभाला मोर्चा

मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत के अनुसार, आग की भयावहता को देखते हुए दमकल विभाग की आठ गाड़ियों को मौके पर लगाया गया। करीब 50 दमकलकर्मियों ने लगातार अभियान चलाया। आग बुझाने के लिए लगभग डेढ़ लाख लीटर पानी की बौछार की गई। आसपास के औद्योगिक संस्थानों और चांदपुर-मुढ़ैला क्षेत्र से टैंकरों में पानी भरकर लाया जाता रहा। दमकलकर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग को काफी हद तक नियंत्रित किया।
रात 10 बजे तक 95 प्रतिशत आग पर काबू
अग्निशमन अधिकारियों के मुताबिक, रात करीब 10 बजे तक गोदाम की लगभग 95 प्रतिशत आग पर काबू पा लिया गया था। हालांकि, अंदर रखे ज्वलनशील सामान के कारण रह-रहकर आग की लपटें उठती रहीं। गोदाम में मौजूद सामग्री और गर्मी के कारण आग को पूरी तरह बुझाने में चुनौती बनी रही। दमकलकर्मी लगातार आग बुझाने और दोबारा लपटें उठने की आशंका को नियंत्रित करने में जुटे रहे।
फैक्टरी की इमारत के स्तंभ झुके
आग की तेज गर्मी का असर फैक्टरी की दो मंजिला इमारत पर भी दिखाई दिया। तापमान बढ़ने के कारण भवन के कुछ स्तंभ आगे की ओर झुक गए। इससे इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। आग की चपेट में आए गोदाम में बड़ी मात्रा में तैयार माल और कच्चा सामान रखा था। फैक्टरी प्रबंधक अनादिशंकर गुप्ता ने बताया कि शुरुआती अनुमान के मुताबिक आग से कई करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
करोड़ों के नुकसान का अनुमान
फैक्टरी प्रबंधक अनादिशंकर गुप्ता के अनुसार, निदेशक फिलहाल हैदराबाद में हैं। आग पूरी तरह बुझने के बाद गोदाम में बचे सामान, तैयार माल और स्टॉक का मिलान किया जाएगा। इसके बाद ही वास्तविक नुकसान का आकलन हो सकेगा। फिलहाल आग से हुए नुकसान का अनुमान कई करोड़ रुपये लगाया जा रहा है।
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शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। अग्निशमन स्टेशन अधिकारी विनोद पांडेय ने बताया कि फैक्टरी के पास फायर एनओसी थी और अग्नि सुरक्षा से जुड़े मानक भी पाए गए। हालांकि, गोदाम में रखे केमिकल, कार्टन और अन्य ज्वलनशील उपकरणों ने आग को तेजी से फैलाने में भूमिका निभाई। घटना की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।
गोदाम में वेंटिलेशन की व्यवस्था भी जांच के दायरे में

अग्निशमन अधिकारियों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक और अन्य व्यावसायिक गोदामों में क्षमता से अधिक सामान रखे जाने पर आग बुझाने में मुश्किल आती है। इस घटना में भी वेंटिलेशन यानी हवा और धुएं की निकासी की व्यवस्था जांच का विषय है। गोदाम में धुएं के निकलने का पर्याप्त रास्ता नहीं होने से अंदर गर्मी और धुआं जमा होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, आग लगने और उसके तेजी से फैलने के वास्तविक कारणों का पता विशेषज्ञों की जांच के बाद ही चल सकेगा।
फैक्टरी में मौजूद था सिर्फ एक गार्ड
घटना के समय फैक्टरी में केवल एक सुरक्षा गार्ड मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। आग लगने के शुरुआती समय में गोदाम के अंदर मौजूद ज्वलनशील सामान और संकरा रास्ता राहत कार्य में चुनौती बने। पुलिस और अग्निशमन विभाग आग लगने के सटीक कारणों की जांच कर रहे हैं। फॉरेंसिक और इलेक्ट्रिकल सुरक्षा विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग तकनीकी खराबी के कारण लगी या सुरक्षा व्यवस्था में किसी कमी की वजह से इसका दायरा बढ़ा।
चांदपुर-रोहनिया मार्ग पर लगा जाम
आग देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मुढ़ैला तिराहे पर जुट गए। दमकल की गाड़ियों की आवाजाही और लोगों की भीड़ के कारण चांदपुर-रोहनिया मार्ग का एक लेन पूरी तरह जाम हो गया। मंडुवाडीह पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रास्ता खाली कराया और दमकल वाहनों के आवागमन को सुचारु कराया। आग की भयावहता देखने के लिए राहगीर भी सड़क पर रुकते रहे, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
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समय पर दमकल पहुंचने से टला बड़ा हादसा
स्थानीय निवासी अनूप शाही ने बताया कि फैक्टरी से जिस तेजी से आग की लपटें उठ रही थीं, उससे आसपास के मकानों और अस्पताल को बड़ा खतरा हो सकता था। उनका कहना था कि दमकल की गाड़ियां समय पर पहुंचकर आग पर काबू नहीं पातीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, अस्पताल में मौजूद तीमारदार वैभव मिश्रा ने बताया कि वार्ड में धुआं भरने जैसा माहौल बन गया था, जिसके बाद मरीजों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा।
अस्पताल और फैक्टरी की नजदीकी ने बढ़ाई चिंता
इस अग्निकांड ने घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित फैक्टरियों, गोदामों और अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। फैक्टरी के ठीक सामने मालिक का मकान और पास में निजी अस्पताल होने के कारण आग का असर सीधे आसपास के लोगों तक पहुंचा। घटना के दौरान मरीजों को दूसरी मंजिलों से नीचे लाना पड़ा और आसपास के मकान खाली कराने पड़े। अब जांच कमेटी आग के कारणों के साथ-साथ सुरक्षा इंतजामों और गोदाम में रखे सामान की स्थिति की भी पड़ताल करेगी।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं। Read More..
















