UP News Today: उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में सीआरपीएफ जवान जवाहिर (42) की मौत हो गई। जवाहिर कश्मीर में तैनात थे और करीब आठ दिन पहले ही छुट्टी लेकर अपने घर रोशनपुर गांव आए थे। परिवार के साथ कुछ दिन बिताने के बाद उन्हें 29 अगस्त को दोबारा ड्यूटी पर लौटना था, लेकिन इससे पहले ही एक घरेलू हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं।
लाइट बोर्ड में प्लग लगाते ही लगा तेज करंट
बताया गया कि शनिवार को जवाहिर घर में लाइट के बोर्ड में प्लग लगा रहे थे। इसी दौरान बोर्ड से जुड़े तार का एक हिस्सा कटा हुआ था, जिस पर उनकी नजर नहीं पड़ी। प्लग लगाते समय वह कटे तार के संपर्क में आ गए और अचानक तेज करंट की चपेट में आ गए। करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलस गए और घर में चीख-पुकार मच गई।
परिवार और ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की
जवाहिर को करंट लगने के बाद परिजनों ने किसी तरह उन्हें तार से अलग किया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। जवान की हालत गंभीर देखकर परिवार और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर ले जाया गया। सभी को उम्मीद थी कि समय रहते उपचार मिलने से उनकी जान बच जाएगी।
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अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर में चिकित्सकों ने जवाहिर की जांच की। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस जवान के घर लौटने से परिवार में खुशी का माहौल था, उसी घर में कुछ ही देर बाद मातम पसर गया।
कश्मीर में तैनात थे CRPF हवलदार जवाहिर
जवाहिर वर्तमान में सीआरपीएफ में हवलदार के पद पर तैनात थे और उनकी ड्यूटी कश्मीर में थी। उनके पिता महंत यादव ने बताया कि जवाहिर करीब आठ दिन पहले ही छुट्टी लेकर घर आए थे। परिवार के बीच रहकर छुट्टी बिताने के बाद वह 29 अगस्त को वापस ड्यूटी पर जाने की बात कर रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर में हुआ यह हादसा उनके परिवार से हमेशा के लिए उन्हें छीन लेगा।
परिवार की खुशियां मातम में बदलीं
जवाहिर की मौत के बाद उनकी पत्नी रीना का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी दो बेटियां सृष्टि और श्रुति तथा बेटा मयंक भी पिता की मौत से बेसुध हैं। घर में परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी भावुक हो गए। जवान के अचानक चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पिता ने हादसे को बताया दुर्घटना
परिवार के मुताबिक जवाहिर घर में सामान्य तरीके से लाइट बोर्ड में प्लग लगा रहे थे। उस दौरान बोर्ड के पास मौजूद कटे तार पर उनका या परिवार के किसी सदस्य का ध्यान नहीं गया। इसी वजह से वह करंट की चपेट में आ गए। परिवार का कहना है कि घटना पूरी तरह एक हादसा थी और किसी को भी इस तरह की अनहोनी की उम्मीद नहीं थी।
पुलिस ने दर्ज किए परिवार के बयान
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी ली और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए। डॉक्टरों ने भी जवाहिर की मौत का कारण करंट लगना बताया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार परिवार की ओर से घटना को दुर्घटना बताया गया है और मामले में किसी आपराधिक कार्रवाई की मांग नहीं की गई है।
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अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटा परिवार
जवाहिर के शव को आवश्यक प्रक्रिया के बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंपे जाने की तैयारी की जा रही है। परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी बेहद दर्दनाक है क्योंकि जवाहिर कुछ दिन पहले ही कश्मीर से छुट्टी लेकर अपनों के बीच पहुंचे थे। 29 अगस्त को ड्यूटी पर लौटने की तैयारी कर रहे जवान की जिंदगी एक घरेलू विद्युत हादसे में अचानक खत्म हो गई।
एक कटे तार ने उजाड़ दिया पूरा परिवार
अंबेडकर नगर की यह घटना बिजली के उपकरणों और खुले या कटे तारों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत भी बताती है। घर में मामूली दिखने वाली विद्युत खराबी भी जानलेवा साबित हो सकती है। जवाहिर के परिवार के लिए यह हादसा कभी न भर पाने वाला दुख छोड़ गया है।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।
