लखनऊ में गांधी जयंती की झलक: सीएम योगी ने चलाया चरखा, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का दिया संदेश!

Lucknow News: गांधी जयंती पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के गांधी आश्रम में चरखा चलाकर स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। बच्चों ने बापू के प्रिय भजन सुनाए।


October 2, 2026 • by

Gandhi Jayanti: लखनऊ में गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी के विचारों को याद करते हुए स्वदेशी, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने गांधी आश्रम पहुंचकर चरखा चलाया और खादी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि चरखा केवल सूत कातने का साधन नहीं, बल्कि भारत के आत्मनिर्भर बनने की भावना का प्रतीक है। गांधी जी ने स्वदेशी के माध्यम से देशवासियों को अपने श्रम, कौशल और स्थानीय उत्पादों पर भरोसा करना सिखाया था।

गांधी आश्रम से जुड़ी बचपन की यादें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांधी आश्रम में चरखा चलाते हुए अपने बचपन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि गांधी आश्रम के कपड़ों और चरखे से उनकी पुरानी स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। चरखे का महत्व केवल कपड़ा तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक स्वतंत्रता और स्वावलंबन की भावना को भी दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से गांधी जी के स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के संदेश को अपने दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।

GPO पार्क में बापू को श्रद्धांजलि

GPO पार्क में बापू को श्रद्धांजलि

इससे पहले शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हजरतगंज स्थित जीपीओ पार्क पहुंचे। यहां उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी नमन किया और उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

बच्चों के भजनों से गूंजा कार्यक्रम

गांधी जयंती के कार्यक्रम में बच्चों ने महात्मा गांधी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ और ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठकर बच्चों के भजन सुने। भजनों के माध्यम से कार्यक्रम में गांधी जी के आध्यात्मिक और नैतिक विचारों को याद किया गया। बच्चों की प्रस्तुति ने समारोह को विशेष बना दिया और उपस्थित लोगों को बापू के विचारों से जुड़ने का अवसर मिला।

स्वदेशी मंत्र ने आंदोलन को बनाया जनआंदोलन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वदेशी और स्वावलंबन के मंत्र को स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण आधार बनाया था। उनके नेतृत्व में देश का बिखरा हुआ स्वतंत्रता आंदोलन एक व्यापक जनआंदोलन में बदल गया। गांधी जी ने आम नागरिकों को आंदोलन से जोड़ते हुए उनमें स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और अपने श्रम के प्रति सम्मान की भावना विकसित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के विचार आज भी समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।

स्वदेशी, स्वच्छता और स्वावलंबन अपनाने की अपील

सीएम योगी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को स्वदेशी, स्वच्छता और स्वावलंबन को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। गांधी जी का संदेश केवल स्वतंत्रता संग्राम तक सीमित नहीं था, बल्कि वह समाज और राष्ट्र के निर्माण से भी जुड़ा हुआ था। उनके विचारों को अपनाकर देश के नागरिक स्थानीय उत्पादों, कारीगरों और श्रमिकों को प्रोत्साहन दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

खादी के कपड़ों पर 25 फीसदी छूट

गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने खादी को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से दी जा रही छूट का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी की छूट दी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से खादी के कपड़े अपनाने और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि खादी का उपयोग केवल गांधी जी के विचारों को याद करना नहीं, बल्कि स्थानीय कारीगरों और बुनकरों के परिश्रम को सम्मान देना भी है।

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लोकल टू ग्लोबल से कारीगरों को मिलेगा मंच

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘लोकल टू ग्लोबल’ की भावना के माध्यम से प्रदेश के कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों के हुनर को बड़ा मंच मिल सकता है। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से पारंपरिक कौशल को पहचान मिलेगी और कारीगरों के लिए नए अवसर तैयार होंगे। उन्होंने कहा कि गांधी जी का आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन का मंत्र विकसित भारत की आधारशिला बनेगा। खादी और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर नागरिक इस दिशा में अपना योगदान दे सकते हैं।

शास्त्री जी की सादगी और दृढ़ संकल्प को किया याद

शास्त्री जी की सादगी और दृढ़ संकल्प को किया याद

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए उनके व्यक्तित्व और योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी अपनी सादगी, सज्जनता और सरल जीवनशैली के लिए प्रसिद्ध थे। उनका व्यक्तित्व जितना सरल था, उतना ही दृढ़ और संघर्षशील भी था। मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी ने अपने विचारों को केवल शब्दों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें अपने कार्यों से साबित किया।

‘जय जवान, जय किसान’ बना देश का मंत्र

सीएम योगी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री का नारा ‘जय जवान, जय किसान’ स्वतंत्र भारत की भावना का प्रतीक बन गया। एक ओर देश का जवान सीमाओं की सुरक्षा में जुटा था, वहीं दूसरी ओर किसान अपने परिश्रम से देश की खाद्यान्न जरूरतों को पूरा करने में लगा था। शास्त्री जी के आह्वान ने देशवासियों में जवानों और किसानों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा और खाद्यान्न व्यवस्था में दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज भारत खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर है। देश अपनी बड़ी आबादी की जरूरतों को पूरा करने के साथ कई देशों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवान भी शास्त्री जी के उस संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसे उन्होंने वर्ष 1965 में देशवासियों के सामने रखा था। मुख्यमंत्री ने जवानों और किसानों के योगदान को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

स्वच्छ भारत अभियान में गांधी जी के विचारों की झलक

स्वच्छ भारत अभियान में गांधी जी के विचारों की झलक

मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से उनके संदेश को आगे बढ़ाया। स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने वाला यह अभियान स्वच्छ और स्वस्थ भारत के निर्माण की आधारशिला बना। सीएम ने कहा कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ समाज में नारी गरिमा के प्रति सम्मान और जागरूकता को भी प्रोत्साहन मिला है।

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गांधी और शास्त्री के विचारों को जीवन में उतारने का संदेश

गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के विचारों को याद करते हुए स्वदेशी, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया। चरखा चलाने से लेकर खादी अपनाने की अपील तक, मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरों को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांधी जी का स्वावलंबन का विचार और शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश आज भी देश के विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

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