शाहजहांपुर में बाढ़ का खतरा: गर्रा-खन्नौत खतरे के निशान के करीब, घरों में घुसा पानी; 24 परिवारों का रेस्क्यू

Shahjahanpur News: शाहजहांपुर में गर्रा और खन्नौत नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। लोधीपुर में 24 परिवारों के करीब 85 लोगों को मोटरबोट से सुरक्षित निकाला गया।


September 28, 2026 • by

Shahjahanpur Flood News: शाहजहांपुर में सोमवार को गर्रा और खन्नौत नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा गहरा गया। दोनों नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। तटीय इलाकों में पानी तेजी से फैलने के कारण कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। सबसे ज्यादा असर खन्नौत नदी के किनारे बसे लोधीपुर और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई दिया, जहां लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।

लोधीपुर में घरों में घुसा पानी

लोधीपुर में खन्नौत नदी का पानी घरों तक पहुंचने के बाद 22 से 24 परिवार बाढ़ में फंस गए। इनमें करीब 80 से 85 लोग शामिल बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और क्षेत्रीय पार्षद की मदद से मोटरबोट के जरिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया। सोमवार दोपहर तक सभी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की गई।

रात से शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान

क्षेत्रीय पार्षद रूपेश वर्मा उर्फ अन्नू को बाढ़ की सूचना मिलने के बाद अधिकारियों से संपर्क किया गया। इसके बाद तीन से चार मोटरबोट नाविकों के साथ मौके पर भेजी गईं। पार्षद और स्थानीय लोगों की मदद से रात में ही घरों में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू कर दिया गया। कुछ परिवारों को एनटीआई में शिफ्ट किया गया, जबकि कुछ लोग घरों में ताला लगाकर रिश्तेदारों के यहां चले गए।

जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज हुई

जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज हुई

सिंचाई विभाग की सोमवार सुबह की रिपोर्ट के अनुसार, खन्नौत नदी का जलस्तर लोधीपुर पुल पर 145.90 मीटर गेज दर्ज किया गया। रविवार रात आठ बजे यहां जलस्तर 145.65 मीटर था। यानी कुछ ही घंटों में नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। लगातार बढ़ते पानी ने नदी किनारे रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।

खतरे के निशान से सिर्फ 65 सेंटीमीटर दूर

गर्रा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। अजीजगंज पुल पर रविवार रात आठ बजे जलस्तर 147.90 मीटर था, जो सोमवार सुबह बढ़कर 148.15 मीटर गेज पहुंच गया। गर्रा नदी का खतरे का निशान 148.80 मीटर है। ऐसे में नदी खतरे के निशान से महज 65 सेंटीमीटर नीचे रह गई है।

आने वाले घंटों में जलस्तर और बढ़ सकता है

आने वाले घंटों में जलस्तर और बढ़ सकता है

दियूनी बैराज से तीन दिन पहले छोड़ा गया 25 हजार क्यूसेक से अधिक पानी सोमवार रात तक शाहजहांपुर पहुंचने की संभावना जताई गई। इससे गर्रा और खन्नौत नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की आशंका है। प्रशासन और सिंचाई विभाग की निगाह अब नदी के जलस्तर पर बनी हुई है। प्रभावित इलाकों में स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त रेस्क्यू की जरूरत पड़ सकती है।

प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई

एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर नजर रख रहा है। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ प्रभावित परिवारों तक जरूरी मदद पहुंचाई जा रही है। प्रशासन की ओर से सुबह नाश्ता और दोपहर में भोजन के पैकेट भी वितरित किए गए।

घर से निकले, सामान वहीं छूटा

रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया, लेकिन कई परिवारों का घरेलू सामान उनके घरों में ही छूट गया। पानी लगातार बढ़ने से लोगों को कपड़े, फर्नीचर और अन्य जरूरी सामान खराब होने का डर सता रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से उन्हें हर साल बाढ़ के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है।

हनुमतधाम के चारों तरफ पानी

खन्नौत नदी का पानी बढ़ने के कारण हनुमतधाम के आसपास भी जलभराव हो गया है। सुरक्षा को देखते हुए हनुमतधाम को दर्शन के लिए बंद कर दिया गया है। हनुमानजी की प्रतिमा तक जाने वाली सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। मौके पर एनडीआरएफ की टीम और पुलिस बल तैनात किया गया है।

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कई मोहल्लों तक पहुंचा बाढ़ का पानी

हनुमतधाम के आसपास स्थित मोहल्ला ख्वाजा फिरोज, दलेलगंज और छोटी बिसरात में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। छोटी बिसरात से कुछ परिवारों को सुरक्षित निकालकर पास में बनाए गए आश्रय स्थल में पहुंचाया गया है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है।

एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में पानी

गर्रा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर अजीजगंज स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर पर भी पड़ा है। सेंटर के अंदर बाढ़ का पानी पहुंच गया है। आसपास के क्षेत्रों में भी जलस्तर बढ़ने से खतरा लगातार बना हुआ है।

सुभाषनगर में घुटनों तक पानी

सुभाषनगर कॉलोनी में बरुआ नाला के आसपास जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। कई जगह पानी घुटनों तक पहुंच गया है, जिससे लोगों का सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ है। क्षेत्रीय पार्षद नवनीत विनय सक्सेना ने नगर निगम अधिकारियों से संपर्क कर लोगों की आवाजाही के लिए ट्रैक्टर की व्यवस्था कराई। अब लोग इसी ट्रैक्टर के सहारे पानी से होकर आवागमन कर रहे हैं।

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दरवाजों तक पहुंचा पानी

सुभाषनगर में पानी लोगों के घरों के दरवाजों तक पहुंच चुका है। यदि जलस्तर और बढ़ता है तो कई घरों के अंदर पानी घुसने की आशंका है। वहीं खन्नौत और गर्रा नदियों में लगातार बढ़ते जलस्तर तथा बैराज से छोड़े गए पानी के कारण प्रशासन के सामने आने वाले घंटों में बाढ़ प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।

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