संभल में मंदिर की जमीन पर गरजा बुलडोजर: ढाई घंटे में सब साफ, मच गया हड़कंप!

Sambhal News: यूपी के संभल में चामुंडा देवी मंदिर की जमीन पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर दो मंजिला धर्मकांटा और 100 मीटर लंबी दीवार ढहा दी। जानिए कोर्ट के आदेश के बाद हुई इस बड़ी कार्रवाई की पूरी कहानी।


August 21, 2026 by

Bulldozer Action Sambhal: संभल में निर्माणाधीन चामुंडा देवी मंदिर की जमीन पर बने अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र की नगर पंचायत सिरसी में प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बुलडोजर की मदद से निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुई और लगभग ढाई घंटे तक चली। शाम करीब 3:30 बजे तक दो मंजिला धर्मकांटा और करीब 100 मीटर लंबी दीवार को पूरी तरह हटा दिया गया।

तहसीलदार कोर्ट के आदेश के बाद ध्वस्तीकरण

प्रशासन के मुताबिक, यह कार्रवाई मंदिर कमेटी की शिकायत के बाद शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई। मंदिर कमेटी ने आरोप लगाया था कि मंदिर की जमीन पर कब्जा कर निर्माण कराया गया है, जिससे चामुंडा देवी मंदिर के निर्माण में परेशानी आ रही थी। शिकायत के आधार पर तहसीलदार न्यायालय में मामला चला और सुनवाई के बाद बेदखली का आदेश जारी किया गया। इसके बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की।

मार्च में आया था बेदखली का आदेश

एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि सिरसी नगर पंचायत क्षेत्र में चामुंडा देवी मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर मंदिर कमेटी की ओर से शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद तहसीलदार न्यायालय ने कब्जेदार मंजर खां को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 13 मार्च को न्यायालय ने बेदखली का आदेश दिया था।

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डीएम कोर्ट में अपील भी हुई खारिज

तहसीलदार न्यायालय के आदेश के खिलाफ जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दाखिल की गई थी। प्रशासन के अनुसार, इस अपील पर भी सुनवाई हुई और 24 जुलाई को इसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ। प्रशासन के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और जमीन पर बने अवैध निर्माण को हटाने की तैयारी शुरू कर दी गई।

एसडीएम से लेकर राजस्व टीम तक रही मौजूद

sambhal chamunda devi temple

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान मौके पर प्रशासन और राजस्व विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। एसडीएम विकास चंद्र के साथ तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह, नायब तहसीलदार शुभम प्रताप सिंह और कानूनगो अमीचन्द मौके पर पहुंचे। इसके अलावा सात लेखपालों की टीम भी कार्रवाई में शामिल रही। टीम में पुष्पेंद्र कुमार, आमोद कुमार, नितिन शर्मा, स्पर्श गुप्ता, गुन्नू बाबू, रोहित कुमार और मुकेश कुमार यादव शामिल थे।

नगर पंचायत ने मुहैया कराई मशीनरी

अतिक्रमण हटाने के लिए नगर पंचायत सिरसी की ओर से जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन को मजदूरों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी मशीन उपलब्ध कराई गई। नायब तहसीलदार शुभम प्रताप सिंह को पूरी कार्रवाई का प्रभारी बनाया गया था। मशीनों की मदद से पहले दीवार और फिर धर्मकांटे के निर्माण को हटाने का काम किया गया।

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करीब 72 वर्गमीटर जमीन पर था निर्माण

प्रशासन के अनुसार, मंदिर की कुल करीब एक बीघा जमीन में से लगभग 72 वर्गमीटर हिस्से में दो मंजिला धर्मकांटा बनाया गया था। इसके साथ करीब 100 मीटर लंबी दीवार भी बनी हुई थी। प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण मंदिर की जमीन पर होने के कारण मंदिर निर्माण में बाधा उत्पन्न कर रहा था। इसी आधार पर न्यायालयी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे हटाया गया।

सुरक्षा के लिए पुलिस बल रहा तैनात

Bulldozer Action Sambhal

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को देखते हुए मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया था। हजरतनगर गढ़ी थाने से करीब 12 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाया गया। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी से निर्माण हटाया गया। अधिकारियों के अनुसार, पूरी कार्रवाई के दौरान मौके पर किसी तरह का विरोध या विवाद सामने नहीं आया और टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई पूरी की।

19 अगस्त को हुआ था मौके का निरीक्षण

बुलडोजर कार्रवाई से पहले राजस्व विभाग ने मौके का निरीक्षण भी किया था। 19 अगस्त को तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह और हल्का लेखपाल पुष्पेंद्र कुमार ने संबंधित जमीन और वहां बने निर्माण की स्थिति देखी थी। निरीक्षण के बाद कार्रवाई के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी की गईं। इसके बाद शुक्रवार को विशेष टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की।

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ढाई घंटे में पूरी हुई कार्रवाई

शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे जेसीबी से अवैध निर्माण हटाने का काम शुरू किया गया। करीब ढाई घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान दो मंजिला धर्मकांटा और 100 मीटर लंबी दीवार को गिरा दिया गया। करीब 3:30 बजे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी हो गई। इसके बाद प्रशासनिक और राजस्व टीम मौके से वापस लौट गई।

अब मंदिर निर्माण का रास्ता साफ होने की उम्मीद

प्रशासन की कार्रवाई के बाद मंदिर कमेटी की ओर से की गई शिकायत के आधार पर विवादित निर्माण को हटा दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, न्यायालयी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। अब मंदिर की जमीन पर बने अवैध निर्माण के हटने से निर्माण कार्य में आ रही बाधा दूर होने की उम्मीद है। पूरे मामले में प्रशासन ने कार्रवाई को न्यायालय के आदेशों के अनुपालन के तौर पर बताया है।

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