ग्राहकों को खिलाई जा रही थी ऐसी मिठाई: लखनऊ में गोबर और भैंसों के बीच चल रहा था कारोबार

Lucknow News: लखनऊ के काकोरी में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में मिठाई प्रतिष्ठान में गंदगी, गोबर और 40-50 भैंसों के बीच मिठाइयां बनती मिलीं। करीब 1,675 किलो दूषित मिठाइयां और 1,000 लीटर खराब घोल मिलने पर प्रतिष्ठान बंद कराया गया।


August 22, 2026 by

Lucknow News In Hindi: लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान मिठाई बनाने वाले एक प्रतिष्ठान में बेहद अस्वच्छ और चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। हरदोईया लालनगर स्थित शिवाछी स्वीट में गंदगी और गोबर के बीच मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। परिसर में करीब 40 से 50 भैंसें बंधी मिलीं और उनके गोबर की छींटें तैयार मिठाइयों तक पहुंच रही थीं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद प्रतिष्ठान को तत्काल बंद करा दिया।

तैयार मिठाइयों के आसपास फैली थी गंदगी

शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शिवाछी स्वीट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान परिसर में स्वच्छता के मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई। जिस स्थान पर मिठाइयां तैयार की जा रही थीं, उसी परिसर में बड़ी संख्या में भैंसें बंधी हुई थीं। पशुओं की मौजूदगी के कारण वहां गोबर और गंदगी फैली हुई थी, जिससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने का खतरा बना हुआ था।

मिठाई के घोल में मिलीं मरी हुई मक्खियां

सहायक आयुक्त द्वितीय (खाद्य) विजय प्रताप सिंह के मुताबिक, टीम को मौके पर करीब 1000 लीटर मिठाई बनाने का घोल मिला। जांच के दौरान इस घोल में मरी हुई मक्खियां पाई गईं। खाद्य पदार्थ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले घोल की ऐसी स्थिति ने प्रतिष्ठान में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

ये भी पढ़ें: ताजमहल की खूबसूरती पर दाग: सीवर के पानी और नालों की दुर्गंध से ख़राब हो रही आगरा की छवि

1675 किलो मिठाइयां दूषित मिलने से मचा हड़कंप

जांच के दौरान टीम ने बड़ी मात्रा में तैयार मिठाइयों को भी दूषित पाया। करीब 1,675 किलो मिठाइयां ऐसी मिलीं जिन्हें खाद्य सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षित नहीं माना गया। इनमें 1,000 किलो कलाकंद, 300 किलो डोडा बर्फी, 350 किलो चिकनी बर्फी और 25 किलो पेड़ा शामिल था। विभाग ने इन खाद्य पदार्थों को नष्ट कराने का निर्णय लिया है।

देर रात सील हुई सामग्री

देर रात सील हुई सामग्री

विभाग के अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई देर रात तक चली। इस वजह से दूषित मिठाइयों और अन्य सामग्री को फिलहाल एक कमरे में रखकर सील कर दिया गया। अब विभागीय टीम की मौजूदगी में इसे नष्ट कराया जाएगा। कुल मिलाकर करीब 2,675 किलो दूषित खाद्य पदार्थों के निस्तारण की कार्रवाई की जाएगी।

686 किलो खाद्य सामग्री भी टीम ने की जब्त

जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने करीब 686 किलो अन्य खाद्य सामग्री भी जब्त की। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 79,170 रुपये बताई गई है। इसमें सूजी, स्किम्ड मिल्क पाउडर, बूंदी, मूंगफली, गरी लच्छा, फिटकरी समेत कई अन्य सामग्री शामिल है। विभाग ने इन सामग्रियों की गुणवत्ता और उपयोग से जुड़े पहलुओं को भी जांच के दायरे में लिया है।

15 नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे जाएंगे

निरीक्षण के दौरान टीम ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों और सामग्री के कुल 15 नमूने लिए। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनमें किसी तरह की मिलावट या मानकों के उल्लंघन की स्थिति स्पष्ट होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

25 कर्मचारी बिना जरूरी सुरक्षा उपकरणों के मिले

प्रतिष्ठान में काम करने वाले कर्मचारियों की स्थिति भी खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं मिली। करीब 25 कर्मचारी बिना एप्रेन, सिर ढकने वाले कपड़े और दस्तानों के काम करते पाए गए। इसके अलावा कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं कराया गया था। खाद्य पदार्थों को सीधे हाथों और असुरक्षित परिस्थितियों में तैयार किए जाने से संक्रमण और दूषण का खतरा बढ़ सकता था।

ये भी पढ़ें: कासगंज में बाढ़ बनी आफत: 25 दिन से गांवों में अंधेरा, घरों में घुस रहे सांप-बिच्छू; ग्रामीणों में दहशत

खुली नाली और गंदे पानी ने बढ़ाई परेशानी

निरीक्षण के दौरान परिसर में खुली नाली और गंदा पानी भी मिला। मिठाई बनाने वाले स्थान के आसपास इस तरह की अस्वच्छ व्यवस्था खाद्य पदार्थों की स्वच्छता के लिए गंभीर खतरा मानी जाती है। पशुओं की मौजूदगी, गोबर, गंदा पानी और खुली नाली के बीच खाद्य पदार्थ तैयार किए जाने पर विभाग ने कड़ी कार्रवाई की।

संचालक को कारण बताओ नोटिस

खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रतिष्ठान के संचालक संजीत कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि संचालक की ओर से दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकता है। फिलहाल प्रतिष्ठान को बंद करा दिया गया है और जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर विभाग सख्त

काकोरी के इस मामले ने खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से साफ है कि खाद्य पदार्थों को दूषित वातावरण में तैयार करने और मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जा सकती है। अब प्रयोगशाला रिपोर्ट और संचालक के जवाब के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।

Share: