Gorakhpur News Today: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में औद्योगिक विकास के साथ आवासीय सुविधाओं का भी विस्तार होने जा रहा है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) क्षेत्र में 371 करोड़ रुपये की लागत से एक नई आवासीय टाउनशिप विकसित करने की योजना प्रस्तावित की गई है। ग्राम चकभोप में विकसित सेक्टर-25 में बनने वाली इस टाउनशिप में कुल 855 आवासीय भूखंड होंगे। खास बात यह है कि यहां 90 से लेकर 300 वर्गमीटर तक के प्लॉट सात अलग-अलग श्रेणियों में विकसित किए जाएंगे। इस परियोजना से गीडा क्षेत्र में काम करने वाले उद्यमियों, कर्मचारियों, श्रमिकों और आसपास के लोगों को आवास की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक क्षेत्र के साथ बढ़ेंगी आवासीय सुविधाएं
गोरखपुर में औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। गीडा क्षेत्र में लगातार नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं। इसके साथ ही यहां काम करने वाले उद्यमियों, कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए आवास की मांग भी बढ़ती जा रही है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए गीडा की ओर से सेक्टर-25 में आवासीय टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई गई है। करीब 371 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र के आसपास ही बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को काम के लिए दूर-दराज के इलाकों से रोजाना आवागमन न करना पड़े।
लिंक एक्सप्रेसवे के पास होगी टाउनशिप की लोकेशन
प्रस्तावित आवासीय टाउनशिप की सबसे बड़ी खासियत इसकी लोकेशन मानी जा रही है। यह परियोजना गीडा के अधिसूचित क्षेत्र में ग्राम चकभोप स्थित सेक्टर-25 में विकसित की जाएगी। यह इलाका गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के बिल्कुल पास है, जो आगे चलकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ता है। ऐसे में यहां आवास बनाने वाले लोगों को गोरखपुर शहर के साथ प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों तक पहुंचने में भी सहूलियत मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते यह क्षेत्र भविष्य में आवासीय विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण बन सकता है।
सात श्रेणियों में विकसित किए जाएंगे 855 प्लॉट
इस टाउनशिप में अलग-अलग जरूरतों और बजट वाले लोगों को ध्यान में रखते हुए सात श्रेणियों में आवासीय भूखंड विकसित किए जाएंगे। सबसे बड़ा प्लॉट 300 वर्गमीटर का होगा, जबकि सबसे छोटा भूखंड 90 वर्गमीटर का निर्धारित किया गया है। योजना के तहत 300 वर्गमीटर के 129, 250 वर्गमीटर के 89, 200 वर्गमीटर के 157 और 180 वर्गमीटर के 103 प्लॉट प्रस्तावित हैं। इसके अलावा 150 वर्गमीटर के 118, 120 वर्गमीटर के 162 और 90 वर्गमीटर के 97 भूखंड विकसित किए जाएंगे। इस तरह सभी सात श्रेणियों को मिलाकर कुल 855 आवासीय प्लॉट उपलब्ध होंगे।
सड़क से लेकर पार्क तक की होंगी सुविधाएं
गीडा की इस परियोजना में केवल आवासीय भूखंड विकसित करने पर ही ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र को व्यवस्थित टाउनशिप के रूप में तैयार करने की योजना है। इसके लिए आंतरिक सड़कों, जल निकासी व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और पार्क जैसी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य लोगों को ऐसा आवासीय परिसर उपलब्ध कराना है, जहां घर बनाने के साथ ही बुनियादी सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था हो। बेहतर आधारभूत ढांचे के जरिए इस क्षेत्र को रहने के लिहाज से सुविधाजनक बनाने की तैयारी है।
दो चरणों में होगा 855 भूखंडों का आवंटन
प्रस्तावित योजना के तहत सभी 855 आवासीय भूखंडों का आवंटन दो चरणों में किया जाएगा। इससे अलग-अलग आकार की श्रेणियों के प्लॉट चरणबद्ध तरीके से आवंटित किए जा सकेंगे। हालांकि, आवंटन की तारीख, प्लॉट की कीमत और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी इस योजना के आगामी चरणों में सामने आएगी। ऐसे में इच्छुक लोगों को गीडा की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।
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कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए भी होंगे किफायती आवास
इस आवासीय परियोजना में औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों और श्रमिकों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है। गीडा क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक, संस्थागत और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले लोगों के लिए किफायती दरों पर ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणी के आवासीय भवन भी प्रस्तावित किए गए हैं। इससे कम आय वर्ग के कर्मचारियों और मजदूरों को भी औद्योगिक क्षेत्र के नजदीक आवास की सुविधा मिल सकेगी। फिलहाल कई कर्मचारियों को रोजाना दूर-दराज के इलाकों से काम पर पहुंचना पड़ता है। ऐसे में इस तरह के आवास विकसित होने से उनकी आवागमन संबंधी परेशानियां कम हो सकती हैं।
गीडा के विकास को मिलेगी नई दिशा
गीडा में औद्योगिक इकाइयों की बढ़ती संख्या के साथ आवासीय जरूरतें भी लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में सेक्टर-25 की यह प्रस्तावित टाउनशिप औद्योगिक विकास और आवासीय सुविधाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है। 371 करोड़ रुपये की इस परियोजना से न केवल 855 आवासीय भूखंड विकसित होंगे, बल्कि उद्योगों के आसपास एक व्यवस्थित आवासीय क्षेत्र तैयार करने की दिशा में भी काम आगे बढ़ेगा।
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गीडा के एसीईओ रामप्रकाश के मुताबिक, क्षेत्र में लगातार नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं। इसके कारण उद्यमियों के साथ कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए भी आवास की मांग बढ़ रही है। सेक्टर-25 की आवासीय योजना से उद्योगों के आसपास ही आवासीय सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं। Read More..










