UP Crime: चावल मिल में नकली नोटों की फैक्ट्री, STF की रेड में 100, 200 और 500 के जाली नोट बरामद

UP Crime News: श्रावस्ती में एक चावल मिल के अंदर नकली नोट छापने की फैक्ट्री पकड़ी गई। STF और पुलिस की छापेमारी में 100, 200 और 500 रुपये के जाली नोट, प्रिंटर और नोट बनाने के उपकरण बरामद हुए।


November 6, 2026 • by

UP Crime News Today: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में नकली नोट छापने के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। यहां एक चावल मिल के अंदर जाली नोट तैयार करने का कारखाना चलाया जा रहा था। लखनऊ से पहुंची स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इस पूरे मामले का खुलासा किया।

कार्रवाई के दौरान मौके से 100, 200 और 500 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मिल मालिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बरामद नकली नोटों की कुल कीमत 1 लाख 74 हजार रुपये बताई गई है।

चावल मिल के अंदर चल रहा था जाली नोट बनाने का खेल

जानकारी के मुताबिक, श्रावस्ती जिले के सोनवा थाना क्षेत्र के भिठिया चिचड़ी गांव में स्थित गिरिराज चावल मिल में नकली नोट तैयार करने का काम चल रहा था। बाहर से सामान्य चावल मिल दिखाई देने वाली इस जगह के अंदर जाली करेंसी बनाने की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। इसकी भनक लखनऊ एसटीएफ को लगी तो टीम ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। शुरुआती जांच के बाद एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की योजना बनाई।

लखनऊ STF और स्थानीय पुलिस ने मिलकर मारा छापा

एसटीएफ लखनऊ की टीम स्थानीय पुलिस को साथ लेकर चावल मिल पहुंची और वहां तलाशी अभियान शुरू किया। गुरुवार को हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और एसटीएफ की टीम ने मिल परिसर के अलग-अलग हिस्सों की बारीकी से जांच की। तलाशी के दौरान टीम को वहां नकली नोट बनाने से जुड़ी सामग्री और उपकरण मिले। इसके बाद पूरे परिसर की छानबीन की गई, जिसमें जाली नोट तैयार करने का कारखाना सामने आया।

100, 200 और 500 रुपये के नकली नोट बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस को तैयार नकली करेंसी भी मिली। बरामद नोटों में 100, 200 और 500 रुपये के नोट शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, मौके से कुल 1 लाख 74 हजार रुपये मूल्य के निर्मित जाली नोट बरामद किए गए। इसके अलावा पांच हजार 500 रुपये नकद भी मिले हैं। इतनी बड़ी मात्रा में अलग-अलग मूल्यवर्ग के नकली नोट मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच शुरू कर दी।

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प्रिंटर से लेकर कागज और कटिंग के सामान तक मिले

पुलिस और एसटीएफ की तलाशी में नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण और सामग्री बरामद हुई। इनमें एक कलर प्रिंटर, प्रिंटर केबल, इंक रिफिल, जेके एक्सेल बॉन्ड पेपर, स्केल, कटर ब्लेड और कैंची शामिल हैं। इसके साथ ही जाली नोट बनाने में इस्तेमाल की जा रही अर्द्धनिर्मित सामग्री और कागज की कतरन भी बरामद की गई। इन सामानों की बरामदगी से पुलिस को मिल परिसर में चल रही गतिविधियों के बारे में अहम जानकारी मिली है।

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तलाशी में मिले कई अहम दस्तावेज

नकली नोट बनाने के उपकरणों के अलावा पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन और कुछ पहचान पत्र भी बरामद किए हैं। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं। पुलिस ने इन दस्तावेजों को भी अपने कब्जे में लिया है। अब जांच एजेंसियां बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान की जांच के जरिए इस पूरे मामले से जुड़े लोगों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।

मिल मालिक समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

मिल मालिक समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

छापेमारी के दौरान पुलिस और एसटीएफ की टीम ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गिरिजा शंकर जायसवाल पुत्र छोटे लाल जायसवाल निवासी शिवनगर, गोंडा रोड, थाना कोतवाली देहात, जनपद बहराइच; नरेन्द्र कुमार चौरसिया पुत्र सुखराम चौरसिया निवासी ग्राम लालबोझी, पोस्ट भटपुरवा, थाना नवीन मॉडर्न, श्रावस्ती और बृजेन्द्र गोस्वामी पुत्र उदयराज गोस्वामी निवासी ग्राम भगवानपुर बनकट, थाना इकौना, श्रावस्ती के रूप में हुई है। इनमें गिरिजा शंकर जायसवाल चावल मिल का मालिक बताया गया है।

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जेल भेजे गए तीनों आरोपी, नेटवर्क की जांच जारी

कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस और एसटीएफ इस बात की जांच कर रही हैं कि चावल मिल में नकली नोट छापने का काम कब से चल रहा था और इस गतिविधि से अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं। बरामद मोबाइल फोन, पहचान पत्र और अन्य सामग्री की जांच भी मामले की आगे की कड़ियां जोड़ने में अहम हो सकती है।

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