UP News: ED कोर्ट में फूट-फूटकर रोए आजम खां, हाथ जोड़कर जज से कही दिल की बात

UP News: गाजियाबाद की ईडी कोर्ट में पेशी के दौरान आजम खां भावुक होकर रो पड़े। जज के सामने हाथ जोड़कर उन्होंने कहा कि बदले की भावना से सब कुछ खत्म हो गया है।


November 1, 2026 • by

UP News In Hindi: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की गाजियाबाद स्थित ईडी की विशेष अदालत में पेशी के दौरान भावुक तस्वीर सामने आई। अदालत में सुनवाई के समय आजम खां फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने विशेष न्यायाधीश अवनीश कुमार पांडेय के सामने हाथ जोड़कर अपनी बात रखी।

इस दौरान उन्होंने कहा कि बदले की भावना से सब कुछ खत्म हो गया है। अदालत में पेश होते समय उन्होंने यह भी कहा कि अब बोलने के लिए कुछ बचा ही नहीं है। इस मामले में अदालत ने ईडी की कस्टडी रिमांड की मांग खारिज करते हुए आजम खां को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेजने का आदेश दिया।

अदालत में छलका आजम खां का दर्द

गाजियाबाद की विशेष ईडी अदालत में पेशी के दौरान आजम खां काफी भावुक नजर आए। विशेष न्यायाधीश अवनीश कुमार पांडेय के सामने उन्होंने हाथ जोड़कर अपनी बात रखी। इस दौरान उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े और वह फूट-फूटकर रोने लगे। आजम खां ने कहा कि बदले की भावना से सब कुछ खत्म हो गया है। उन्होंने अदालत में यह भी कहा कि अब उनके पास बोलने के लिए कुछ नहीं बचा है। उनकी इस भावुक प्रतिक्रिया ने अदालत में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।

रामपुर जेल से बाहर आते ही कार्रवाई।

आजम खां की गिरफ्तारी का घटनाक्रम भी काफी अहम रहा। शनिवार को रामपुर जेल से रिहा होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उन्हें गाजियाबाद स्थित ईडी की विशेष अदालत में पेश किया गया। ईडी की ओर से इस मामले में उनकी कस्टडी रिमांड की मांग की गई थी, ताकि उनसे पूछताछ की जा सके।

ईडी की रिमांड अर्जी खारिज

गाजियाबाद की विशेष अदालत में सुनवाई के बाद आजम खां को राहत नहीं मिली। अदालत ने ईडी की कस्टडी रिमांड की मांग खारिज करते हुए उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद आजम खां को डासना जेल भेज दिया गया। इस आदेश के बाद फिलहाल उन्हें न्यायिक हिरासत में रहना होगा।

अधिवक्ता ने ईडी की कार्रवाई पर उठाए सवाल

आजम खां के अधिवक्ता और पूर्व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेश यादव ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि आजम खां के बैंक खाते में एक भी पैसे का हेरफेर नहीं हुआ है। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार बदले की भावना से उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उनका कहना था कि यदि ईडी को आजम खां से पूछताछ करनी थी तो इसके लिए पहले भी बी-वारंट लेकर पूछताछ की जा सकती थी।

केंद्र और प्रदेश सरकार पर लगाए आरोप

महेश यादव ने प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी केंद्र और प्रदेश सरकार के इशारे पर काम कर रही है। अधिवक्ता के मुताबिक, आजम खां के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के पीछे राजनीतिक उद्देश्य है।

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हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी

आजम खां के अधिवक्ता महेश यादव ने स्पष्ट किया कि ईडी की इस कार्रवाई को कानूनी तौर पर चुनौती दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले में उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की जाएगी। अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी। एक तरफ आजम खां को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ उनका पक्ष ईडी की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है।

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