Bijnor Crime: नमक के नीचे मिला शराब तस्करी का सीक्रेट तहखाना, 30 लाख की 350 पेटी बरामद

Bijnor Crime: बिजनौर में चांदपुर पुलिस ने नमक की बोरियों के नीचे बने गुप्त तहखाने से 30 लाख रुपये की 350 पेटी अवैध शराब बरामद की। चंडीगढ़ से बिहार जा रहे ट्रक के चालक और परिचालक को गिरफ्तार किया गया है।


November 6, 2026 • by

Bijnor Crime News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में शराब तस्करी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। तस्करों ने फिल्म ‘पुष्पा’ की तर्ज पर ट्रक के अंदर गुप्त तहखाना बना रखा था। ऊपर से देखने पर ट्रक में सिर्फ नमक की बोरियां दिखाई देती थीं, लेकिन इनके नीचे जालीदार गुप्त जगह में अवैध शराब की सैकड़ों पेटियां छिपाई गई थीं। चांदपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए ट्रक से 30 लाख रुपये कीमत की 350 पेटी अवैध शराब बरामद की है। पुलिस ने मौके से चालक और परिचालक को गिरफ्तार कर लिया है।

नमक की बोरियों के पीछे छिपा था शराब का बड़ा खेल

बिजनौर के चांदपुर क्षेत्र में दौलतपुर पुलिस चेकपोस्ट पर पुलिस की नियमित चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक ट्रक में अवैध शराब ले जाए जाने की मुखबिर से सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस ने चेकपोस्ट पर घेराबंदी कर संदिग्ध ट्रक को रुकवा लिया। ट्रक संख्या यूपी 35 ईटी 8866 के ऊपर नमक की बोरियां लदी हुई थीं। पहली नजर में गाड़ी सामान्य मालवाहक ट्रक दिखाई दे रही थी, लेकिन पुलिस को उसके अंदर कुछ गड़बड़ी होने का शक हुआ।

ट्रक के निचले हिस्से में मिला गुप्त तहखाना

ट्रक के निचले हिस्से में मिला गुप्त तहखाना

पुलिस ने जब ट्रक की बारीकी से जांच की तो उसके निचले हिस्से में विशेष जाली लगाकर बनाया गया गुप्त तहखाना दिखाई दिया। इस जगह को इस तरह तैयार किया गया था कि बाहर से देखने पर शराब की पेटियों का पता लगाना आसान न हो। पुलिस ने जब गुप्त जगह को खुलवाया तो उसके अंदर शराब की सैकड़ों पेटियां छिपाकर रखी मिलीं। ट्रक को थाने लाकर जब शराब की गिनती कराई गई तो कुल 350 पेटियां बरामद हुईं। इनकी बाजार कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है।

चंडीगढ़ से बिहार पहुंचाई जा रही थी शराब की खेप

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि शराब की यह खेप चंडीगढ़ से बिहार ले जाई जा रही थी। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए ट्रक में नमक की बोरियों को ऊपर रखा था, ताकि चेकिंग के दौरान किसी को शराब की मौजूदगी का शक न हो। बरामद शराब हरियाणा राज्य में बिक्री के लिए अधिकृत थी, लेकिन इसे अवैध तरीके से बिहार पहुंचाने की तैयारी की जा रही थी। पुलिस ने ट्रक समेत शराब की पूरी खेप को कब्जे में ले लिया है।

20 हजार रुपये और रोजाना 500 रुपये का दिया था लालच

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ट्रक चालक अनिल कुमार पांडे निवासी बिहार और परिचालक शीशपाल सिंह कुशवाह निवासी कुशीनगर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में चालक अनिल कुमार पांडे ने बताया कि कुशीनगर के विकास नाम के व्यक्ति ने उसे शराब की खेप पहुंचाने का काम सौंपा था। इसके बदले उसे 20 हजार रुपये और रोजाना 500 रुपये देने का लालच दिया गया था। चालक के मुताबिक उसे चंडीगढ़ के सेक्टर फेज-2 से ट्रक सौंपा गया था।

मेरठ और धामपुर के रास्ते कुशीनगर पहुंचना था ट्रक

पूछताछ में चालक ने बताया कि उसे ट्रक लेकर मेरठ और धामपुर के रास्ते कुशीनगर पहुंचना था। वहां शराब की खेप आगे पहुंचाई जानी थी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि शराब की खेप कहां से लोड की गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। शुरुआती पूछताछ में विकास नाम के व्यक्ति की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है।

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हर चेकिंग पॉइंट पर बदल जाता था ट्रक का ड्राइवर

तस्करों ने पुलिस की निगरानी और चेकिंग से बचने के लिए एक और तरीका अपना रखा था। पूछताछ में सामने आया कि ट्रक को एक ही चालक पूरे रास्ते नहीं चलाता था। हर नए चेकिंग पॉइंट या निर्धारित लोकेशन पर ड्राइवर बदल दिया जाता था। एक चालक ट्रक को तय जगह तक पहुंचाता और फिर दूसरा चालक आगे की जिम्मेदारी संभालता था। इस तरीके से तस्कर पुलिस की पकड़ से बचते हुए शराब की खेप को मंजिल तक पहुंचाने की कोशिश करते थे।

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मुख्य तस्कर और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस

एसपी ग्रामीण गौतम राय के मुताबिक, पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद 350 पेटी अवैध शराब को कब्जे में लेकर पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अब मुख्य तस्कर विकास और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चंडीगढ़ से बिहार तक शराब पहुंचाने के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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