दीवाली-छठ पर घर जाने की ऐसी जिद, बेंगलुरु से ऑटो लेकर बिहार के निकल पड़ा परिवार!

Bengaluru to Motihari: ट्रेन में टिकट नहीं मिला तो बेंगलुरु में रहने वाले दो लोगों ने परिवार सहित बिहार के मोतिहारी जाने के लिए ऑटो बुक कर लिया। करीब 2200 किलोमीटर का सफर ऑटो से तय करने निकले परिवार की कहानी चर्चा में है।


November 6, 2026 • by

Bengaluru To Bihar Auto Journey: दीपावली और छठ महापर्व पर अपने घर पहुंचने की चाह में लोग लंबी से लंबी दूरी तय करने को तैयार हैं। ट्रेनों में भारी भीड़ और कंफर्म टिकट नहीं मिलने के कारण प्रवासी मजदूरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच बेंगलुरु में काम करने वाले बिहार के दो लोगों ने घर पहुंचने के लिए ऐसा रास्ता चुना, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। ट्रेन में टिकट नहीं मिलने पर दोनों ने परिवार सहित बिहार के मोतिहारी जाने के लिए ऑटो ही बुक कर लिया। करीब 2200 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए पूरा परिवार ऑटो से सफर पर निकल पड़ा।

ट्रेन का टिकट नहीं मिला तो ऑटो बना घर पहुंचने का सहारा

जानकारी के मुताबिक, बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले सुरेंद्र और वीरेंद्र बेंगलुरु में काम करते हैं। दीपावली और छठ महापर्व पर दोनों अपने परिवार के साथ घर जाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने ट्रेन से सफर करने की योजना बनाई और टिकट लेने का प्रयास भी किया, लेकिन उन्हें कंफर्म टिकट नहीं मिल सका। त्योहार के मौके पर घर पहुंचने की इच्छा इतनी प्रबल थी कि दोनों ने दूसरा विकल्प तलाशना शुरू कर दिया।

मुश्किल रास्ते से मंजिल पाने की कोशिश

ट्रेन में जगह नहीं मिलने के बाद सुरेंद्र और वीरेंद्र ने परिवार के साथ मोतिहारी पहुंचने के लिए ऑटो बुक कर लिया। इसके बाद पूरा परिवार करीब 2200 किलोमीटर की लंबी यात्रा पर निकल पड़ा। आमतौर पर इतनी लंबी दूरी के लिए लोग ट्रेन, बस या निजी कार का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इस परिवार ने ऑटो से सफर करने का फैसला किया। रास्ते से गुजर रहे लोगों ने जब ऑटो में पूरे परिवार को इतनी लंबी दूरी तय करते देखा तो वे भी हैरान रह गए।

ऑटो में परिवार को देखकर पुलिस भी चौंकी

गुरुवार रात उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में भागलपुर पुलिस चौकी के सामने वाहन चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक ऑटो को रोककर उसकी जांच की। ऑटो में परिवार सहित कुछ लोग सवार थे। पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो पता चला कि वे बेंगलुरु से बिहार के मोतिहारी जा रहे हैं। इसके बाद उनके सफर की पूरी कहानी सामने आई।

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अपनों के बीच त्योहार मनाने की उम्मीद

पूछताछ में सुरेंद्र और वीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि वे बेंगलुरु में काम करते हैं और त्योहार मनाने के लिए अपने घर मोतिहारी जा रहे हैं। ट्रेन में टिकट नहीं मिलने के कारण उन्होंने ऑटो बुक किया और परिवार के साथ निकल पड़े। करीब 2200 किलोमीटर की यह यात्रा राहगीरों के बीच चर्चा का विषय बन गई। त्योहारों पर घर लौटने के लिए प्रवासी परिवारों की ऐसी जद्दोजहद एक बार फिर बताती है कि अपनों के साथ दीपावली और छठ मनाने की चाह उनके लिए कितनी मायने रखती है।

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