सड़क बनी नदी, बैलगाड़ी बनी सहारा, बिजनौर में बाढ़ के बीच चारा लेने निकले किसानों की तस्वीरें वायरल

Bijnor Flood: बिजनौर के चांदपुर खादर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सड़क पर तेज बहाव के बीच ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं, जबकि पशुओं के चारे के लिए किसान बैलगाड़ी लेकर गहरे पानी में उतरने को मजबूर हैं।


September 9, 2026 by

Bijnor Flood News: बिजनौर के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के बीच गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। चांदपुर खादर क्षेत्र में गंगा का पानी सड़कों के ऊपर से बह रहा है। तेज बहाव के कारण सड़क का एक हिस्सा भी बह गया है, जिससे ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है।

रास्ता हुआ जलमग्न

गंगा का पानी बढ़ने के बाद खादर क्षेत्र के कई रास्ते पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। कई जगह पानी इतना गहरा है कि सड़क दिखाई तक नहीं दे रही। तेज बहाव के बीच लोगों का इस रास्ते से गुजरना बेहद खतरनाक बना हुआ है। इसके बावजूद रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए ग्रामीण पानी पार करने को मजबूर हैं।

चारे के लिए उठाना पड़ रहा खतरा

बाढ़ जैसे हालात में सबसे ज्यादा परेशानी पशुपालकों को हो रही है। पशुओं के लिए चारा जुटाना बड़ी चुनौती बन गया है। चारे की जरूरत पूरी करने के लिए किसान गहरे और तेज बहाव वाले पानी में बैलगाड़ी लेकर उतर रहे हैं। पानी के बीच बैलगाड़ी निकालते किसानों की तस्वीरें इलाके के मुश्किल हालात बयां कर रही हैं।

ये भी पढ़ें: राशन कार्डधारकों की हुई बल्ले-बल्ले: यूपी में 35 kg मुफ्त राशन के साथ मिलेगी 18 रुपये किलो चीनी

हर कदम पर हादसे का डर

हर कदम पर हादसे का डर

सड़क के ऊपर से बह रहे पानी और तेज धार के बावजूद ग्रामीण जरूरी सामान लाने-ले जाने के लिए रास्ता पार कर रहे हैं। गहरे पानी में पैदल चलना हो या बैलगाड़ी निकालना, दोनों ही स्थिति में हादसे का खतरा बना हुआ है। अचानक पानी का बहाव तेज होने पर किसी अनहोनी की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

तेज धार ने बढ़ाई परेशानी

गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण सड़क का एक हिस्सा भी पानी की तेज धार में बह गया है। इससे पहले से मुश्किल आवागमन और ज्यादा जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों को अब आने-जाने के लिए पानी से भरे रास्ते का सहारा लेना पड़ रहा है।

गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि पानी का स्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आसपास के गांवों में भी बाढ़ का खतरा गहरा सकता है। सड़कों पर पानी आने से सामान्य जनजीवन पहले ही प्रभावित हो चुका है।

रोजमर्रा की जिंदगी हुई मुश्किल

रोजमर्रा की जिंदगी हुई मुश्किल

बाढ़ जैसे हालात के बीच ग्रामीणों के लिए रोजमर्रा के जरूरी काम करना भी मुश्किल हो गया है। आने-जाने के रास्ते पानी में डूबने के कारण लोगों को अतिरिक्त जोखिम उठाना पड़ रहा है। सबसे बड़ी चिंता पशुओं के चारे की है, जिसके लिए किसानों को जान जोखिम में डालकर पानी पार करना पड़ रहा है।

ये भी पढ़ें: मुरादाबाद में रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, गांवों में बढ़ा बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट

आगे और बिगड़ सकते हैं हालात

ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर अगर आगे भी बढ़ता रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल लोग पानी से घिरे रास्तों के बीच अपनी जरूरतें पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं। पशुपालक किसी तरह पशुओं के लिए चारे का इंतजाम कर रहे हैं, जबकि सड़क के क्षतिग्रस्त होने से सुरक्षित आवागमन की समस्या लगातार बनी हुई है।

Share: