अमरोहा में गंगा का रौद्र रूप: तिगरी में बढ़ा जलस्तर, घाट डूबे; चार गांवों में फसलें डूबीं

Tigri Ganga Flood: अमरोहा में गंगा का जलस्तर बढ़ने से तिगरी घाट और आसपास के खेत पानी में डूब गए हैं। चार गांवों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।


September 8, 2026 by

Amroha Ganga Water Level: अमरोहा जिले में पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब गंगा नदी के जलस्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। गंगा नदी इन दिनों उफान पर है और तिगरी क्षेत्र में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को तिगरी गंगा का जलस्तर 200.70 सेमी दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 200.65 सेमी था। यानी 24 घंटे में जलस्तर में करीब 5 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है।

तिगरी घाट पर पहुंचा पानी

Tigri Ganga Flood

गंगा का जलस्तर बढ़ने से तिगरी गंगा घाट पर भी पानी भर गया है। घाट के आसपास पानी पहुंचने के कारण वहां रहने वाले पुरोहितों की झोपड़ियां भी जलमग्न हो गई हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर के चलते घाट क्षेत्र में गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और लोगों को पानी के बीच से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है।

खेतों में चार फीट तक पानी

गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर नदी किनारे बसे गांवों और कृषि क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। गांव ओसीताजगदेपुर में कई खेतों में करीब चार-चार फीट तक पानी भर गया है। खेतों में पानी जमा होने से किसानों की फसलें बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं और ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ रही है।

चार गांवों की फसलें पानी में डूबीं

ओसीताजगदेपुर समेत आसपास के चार गांवों के किसानों को गंगा के बढ़ते पानी से भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इन गांवों में किसानों की सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूब गई है। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसलों को नुकसान बढ़ने की आशंका है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।

हरिद्वार बैराज से छोड़ा जा रहा पानी

Amroha Ganga Water Level

स्थानीय स्तर पर गंगा का जलस्तर बढ़ने की एक बड़ी वजह पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश बताई जा रही है। बारिश के चलते हरिद्वार बैराज से लगातार गंगा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। बैराज से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी का असर गंगा के निचले क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है और अमरोहा के तिगरी क्षेत्र में जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

चारे के लिए भी ग्रामीण परेशान

बाढ़ जैसे हालात के बीच ग्रामीणों के सामने केवल फसल बचाने की चुनौती नहीं है, बल्कि पशुओं के लिए चारा जुटाना भी मुश्किल हो गया है। खेतों और आसपास के रास्तों में पानी भरने के कारण ग्रामीणों को चारा लाने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। पानी से घिरे इलाकों में रोजमर्रा की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

ये भी पढ़ें: आगरा से मुरादाबाद तक मूसलाधार बारिश, UP में अगले 48 घंटे बरसेगा पानी!

पानी के बीच फसल काट रहे किसान

खेतों में पानी भरने के बावजूद किसान अपनी बची हुई फसल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। कई किसान पानी में उतरकर फसल काटने और उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में जुटे हैं। ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर खेतों तक पहुंचना पड़ रहा है, जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जलस्तर पर प्रशासन की नजर

tigri flood farms

बाढ़ खंड तिगरी के जेई सुभाष कुमार ने बताया कि गंगा का जलस्तर पिछले कई दिनों से लगातार घट-बढ़ रहा है। विभाग की ओर से नदी के जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा स्थिति पर निगरानी बनाए रखी गई है, ताकि जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

खतरे के निशान से अभी दूर गंगा

जेई सुभाष कुमार के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे है। हालांकि पानी में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए विभाग पूरी तरह सतर्क है। बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

ये भी पढ़ें: सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने का मामला: कार्रवाई पर भड़के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, उठाए सवाल

किसानों की बढ़ी चिंता

गंगा के बढ़ते पानी ने नदी किनारे खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूबने के बाद किसान नुकसान को लेकर परेशान हैं। वहीं, ग्रामीणों को उम्मीद है कि यदि गंगा का जलस्तर जल्द नीचे आता है तो स्थिति और खराब होने से बच सकती है। फिलहाल तिगरी और आसपास के गांवों में ग्रामीण गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।

Share: