School Holiday News: मुरादाबाद में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या और प्रमुख मार्गों पर संभावित भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया ने 22 और 24 अगस्त को जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया है। प्रशासन का मानना है कि इन दिनों कांवड़ियों की आवाजाही बढ़ने से सड़क पर यातायात दबाव बढ़ सकता है और दुर्घटना या शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रह सकती है।
स्कूल से उच्च शिक्षा तक छुट्टी

डीएम के आदेश का दायरा प्राथमिक विद्यालयों तक सीमित नहीं है। 22 और 24 अगस्त को प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। प्रशासन ने यह निर्णय कांवड़ यात्रा के दौरान विद्यार्थियों की आवाजाही कम करने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया है।
परीक्षाओं पर नहीं पड़ेगा असर
हालांकि, जिन शिक्षण संस्थानों में बोर्ड, विश्वविद्यालय या किसी आयोग की ओर से पहले से निर्धारित परीक्षा होनी है, उन्हें इस अवकाश से छूट दी गई है। डीएम ने स्पष्ट किया है कि पूर्व निर्धारित परीक्षाएं अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होंगी। यानी परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा और केवल सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित रहेंगी।
अंतिम शनिवार और सोमवार को बढ़ेगी भीड़
सावन माह के अंतिम शनिवार को कांवड़ियों के गंगा जल लेने के लिए निकलने और इसके बाद अंतिम सोमवार को विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने की वजह से मुरादाबाद में भीड़ बढ़ने की संभावना है। हरिद्वार और ब्रजघाट से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों के जत्थों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से पुलिस और प्रशासन ने प्रमुख मार्गों पर पहले से यातायात व्यवस्था तैयार कर ली है।
दिल्ली हाईवे पर भारी वाहनों की रोक
कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन को आशंका है कि हाईवे पर कांवड़ियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी के बीच भारी वाहनों के संचालन से जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए यातायात पुलिस ने भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने की व्यवस्था की है।
कांठ रोड पर वनवे व्यवस्था
मुरादाबाद के कांठ रोड पर भी कांवड़ियों की संख्या बढ़ने की स्थिति में वनवे व्यवस्था लागू रहेगी। यातायात पुलिस लगातार मार्गों की स्थिति पर नजर रखेगी और भीड़ बढ़ने पर हल्के वाहनों के लिए भी वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कराया जा सकता है। इसका उद्देश्य कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही के साथ सामान्य यातायात को भी नियंत्रित रखना है।
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हरिद्वार से लौट रहे कांवड़िये

एसपी यातायात सुभाष चंद्र गंगवार के अनुसार हरिद्वार और ब्रजघाट से गंगा जल लेने के लिए कांवड़ियों के जत्थे निकल चुके हैं। बरेली, पीलीभीत और बदायूं समेत आसपास के जिलों के कांवड़िये गंगाजल लेकर वापस लौट रहे हैं। इनके जत्थे मुरादाबाद होकर आगे बढ़ेंगे, इसलिए दिल्ली हाईवे और अन्य प्रमुख सड़कों पर यातायात दबाव बढ़ने की संभावना है।
शाहजहांपुर से दिल्ली जाने वालों के लिए रूट
शाहजहांपुर से दिल्ली की ओर जाने वाले भारी वाहनों को बदायूं, बबराला, नरौरा, बुलंदशहर और हापुड़ के रास्ते दिल्ली भेजा जाएगा। वापसी के दौरान भी यही वैकल्पिक मार्ग इस्तेमाल किया जाएगा। यदि हाईवे पर कांवड़ियों की संख्या काफी बढ़ती है, तो जरूरत के अनुसार हल्के वाहनों को भी इसी वैकल्पिक मार्ग पर भेजा जा सकता है।
मुरादाबाद-दिल्ली मार्ग पर डायवर्जन
मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाले भारी वाहनों के लिए संभल, बबराला, नरौरा, बुलंदशहर और हापुड़ होकर जाने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने पर हल्के वाहनों को भी मुख्य हाईवे से हटाकर इसी रूट पर भेजा जा सकता है। इससे कांवड़ मार्ग पर वाहनों और पैदल श्रद्धालुओं के बीच टकराव की स्थिति से बचने की कोशिश होगी।
बरेली-रामपुर के वाहनों को वैकल्पिक रास्ता
बरेली और रामपुर से दिल्ली की तरफ जाने वाले भारी वाहनों को बिलारी, सिरसी, संभल और चौधरी सराय होते हुए गंगा एक्सप्रेस-वे की ओर भेजा जाएगा। इन वाहनों को आगे इसी वैकल्पिक मार्ग से दिल्ली की दिशा में बढ़ना होगा। वापसी के लिए भी इसी मार्ग का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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मेरठ और दिल्ली जाने वालों के लिए अलग रूट
मुरादाबाद से मेरठ और दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों के लिए गांगन तिराहा, मनोटा, सिरसी, संभल, बबराला, नरौरा, डिबाई, बुलंदशहर और हापुड़ होकर जाने की व्यवस्था की गई है। यातायात पुलिस जरूरत के अनुसार इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करेगी ताकि कांवड़ मार्ग पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
दिल्ली-गाजियाबाद से आने वाले वाहनों का रूट
दिल्ली और गाजियाबाद से रामपुर, बरेली और लखनऊ की तरफ जाने वाले भारी वाहनों को हापुड़, सिंभावली, डिबाई, नरौरा और बदायूं के रास्ते भेजा जाएगा। इस व्यवस्था के तहत वाहनों को कांवड़ियों की भीड़ वाले प्रमुख मार्गों से दूर रखा जाएगा, जिससे यात्रा के दौरान यातायात संचालन सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बिजनौर-हरिद्वार जाने वालों को भी डायवर्जन
बिजनौर और हरिद्वार की ओर जाने वाले भारी वाहनों के लिए काशीपुर तिराहा, ठाकुरद्वारा, जसपुर, अफजलगढ़ और धामपुर का मार्ग निर्धारित किया गया है। वापसी में भी वाहनों को इसी रास्ते से भेजा जाएगा। कांठ रोड पर कांवड़ियों की भीड़ अधिक होने की स्थिति में हल्के वाहनों को भी जरूरत के मुताबिक इस वैकल्पिक रूट पर भेजा जा सकता है।
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सुरक्षा और यातायात पर प्रशासन की नजर
कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण को देखते हुए मुरादाबाद पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। शिक्षण संस्थानों में अवकाश और भारी वाहनों के रूट डायवर्जन का उद्देश्य भीड़ के बीच दुर्घटना की आशंका कम करना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित यातायात व्यवस्था का पालन करें और कांवड़ मार्गों पर अनावश्यक भीड़ या वाहन खड़े करने से बचें।
श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा पर जोर
मुरादाबाद में आने वाले दिनों में कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ यातायात व्यवस्था और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित मार्ग मिले और आम लोगों को भी कम से कम परेशानी हो। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों की छुट्टी, भारी वाहनों पर रोक, वनवे व्यवस्था और वैकल्पिक रूट लागू किए जा रहे हैं।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।
