नफरत की सौदागरी बंद करो, चुनावी माहौल पर भड़के सपा नेता एसटी हसन; बोले- हिंदू-मुस्लिम एकता देश की ताकत

UP Politics: सपा के पूर्व सांसद एस.टी. हसन ने चुनावी ध्रुवीकरण, कांवड़ यात्रा और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति बंद होनी चाहिए और समाज में फूट डालने वाली ताकतों के खिलाफ सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।


July 28, 2026 by

UP Politics Latest News: मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ. एस.टी. हसन ने चुनावी माहौल और सांप्रदायिक मुद्दों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं, वैसे-वैसे समाज को बांटने वाली बातें तेज हो जाती हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोग चुनावी लाभ के लिए समाज में ध्रुवीकरण की राजनीति कर रहे हैं और लोगों के बीच दूरी पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का किया जिक्र

एस.टी. हसन ने कहा कि देश में रहने वाले अधिकांश हिंदू और मुस्लिम किसी न किसी रूप में एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उनका दावा है कि ऐसा कोई हिंदू परिवार नहीं होगा जिसका किसी मुस्लिम से किसी न किसी स्तर पर संबंध न हो। उन्होंने कहा कि वर्षों से दोनों समुदाय साथ रहते आए हैं और सामाजिक जीवन में एक-दूसरे के सहयोगी रहे हैं।

कांवड़ यात्रा का दिया उदाहरण

कांवड़ यात्रा का दिया उदाहरण

पूर्व सांसद ने अपने बयान में कांवड़ यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब कांवड़ श्रद्धालु यात्रा पर निकलते हैं तो उनके भोजन की धार्मिक मान्यताओं का पूरा ध्यान रखा जाता है। यदि भोजन में लहसुन जैसी चीजें न हों तो श्रद्धालु बिना किसी आपत्ति के भोजन कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार लोग यह जानते हुए भी कि ढाबा किसी मुस्लिम का है, वहां भोजन करते हैं या फल खरीदते हैं। ऐसे में केवल धार्मिक पहचान के आधार पर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।

नफरत की सौदागरी पर जताई नाराजगी

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एस.टी. हसन ने कहा कि समाज में नफरत फैलाने की राजनीति अब बंद होनी चाहिए। उनके मुताबिक इस तरह की बयानबाजी और विवादों से किसी का भला नहीं होने वाला। उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए आपसी विश्वास और भाईचारे की जरूरत है, न कि धार्मिक आधार पर लोगों को बांटने की।

चुनावी ध्रुवीकरण पर लगाया आरोप

सपा नेता ने कहा कि चुनाव के समय कुछ लोग जानबूझकर ऐसे मुद्दे उठाते हैं जिनसे समाज में ध्रुवीकरण हो। उनका कहना था कि इनका उद्देश्य लोगों को भावनात्मक रूप से प्रभावित कर राजनीतिक लाभ लेना होता है। उन्होंने कहा कि जनता को ऐसे प्रयासों को समझना चाहिए और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना चाहिए।

‘डिवाइड एंड रूल’ का किया उल्लेख

अपने बयान में एस.टी. हसन ने ब्रिटिश शासन की ‘डिवाइड एंड रूल’ नीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भारत पर शासन करने के लिए लोगों के बीच फूट डालने की रणनीति अपनाई थी। उनका दावा है कि आज भी कुछ ऐसी ताकतें सक्रिय हैं जो भारत को कमजोर करने के लिए समाज में दरार पैदा करना चाहती हैं।

भारत की ताकत पर जताया विश्वास

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पूर्व सांसद ने कहा कि भारत में दुनिया की महाशक्ति बनने की पूरी क्षमता है। उनके अनुसार यदि देश के लोग आपस में एकजुट रहें तो भारत तेजी से आगे बढ़ सकता है। लेकिन यदि समाज को धर्म और जाति के आधार पर बांटने की कोशिशें सफल हो जाती हैं, तो इसका नुकसान पूरे देश को उठाना पड़ सकता है।

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सरकार से की कार्रवाई की मांग

एस.टी. हसन ने सरकार से अपील की कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन जानबूझकर समाज में नफरत फैलाने या देश के लोगों के बीच फूट डालने का प्रयास कर रहा है, तो उसकी पूरी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि ऐसे लोगों के संबंध कहीं देश विरोधी ताकतों से तो नहीं जुड़े हैं। यदि ऐसा पाया जाता है तो कानून के अनुसार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

वीडियो बयान बना चर्चा का विषय

एस.टी. हसन का यह वीडियो बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आया है और तेजी से साझा किया जा रहा है। चुनावी माहौल में आए इस बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को नई दिशा दी है। अपने बयान में उन्होंने चुनावी ध्रुवीकरण, हिंदू-मुस्लिम भाईचारे, कांवड़ यात्रा और देश की एकता जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखी है।

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