UP Politics News: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कानून व्यवस्था और कमजोर वर्ग के लोगों की सुरक्षा को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर कोई सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर होने के दावे करती है, तो उसकी जिम्मेदारी यह भी है कि वह कमजोर वर्ग से आने वाले जिम्मेदार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उन्हें न्याय दिलाए।
संजय जी के इस्तीफे की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि संजय जी को नैतिक आधार पर ऐसी सरकार से इस्तीफा दे देना चाहिए, जो कानून व्यवस्था को लेकर बड़े दावे करती है, लेकिन कमजोर वर्ग के लोगों को सुरक्षा और न्याय दिलाने में असफल रहती है। उनके मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें नहीं लगता कि संजय जी की ओर से रखी गई मांगें पूरी होंगी।
जाति को लेकर सरकार पर निशाना

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपने बयान में जाति के आधार पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसी मामले में आरोपी मुख्यमंत्री की ही जाति से संबंधित होता है, तो पिछले कुछ वर्षों में ऐसी स्थिति देखने को मिली है कि सरकार और मुख्यमंत्री पीड़ितों की बजाय आरोपी का पक्ष लेते नजर आते हैं।
यह बेहद चिंता का विषय
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि इस तरह की स्थिति बेहद चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चाहे किसी भी दल या जाति से हों, उन्हें पूरी तरह निष्पक्ष रहना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी मामले में कार्रवाई जाति या धर्म के आधार पर न हो।
कार्रवाई में निष्पक्षता जरूरी
आजाद ने कहा कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में सरकार और प्रशासन की भूमिका निष्पक्ष होनी चाहिए। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई उसके धर्म या जाति को देखकर नहीं, बल्कि मामले के तथ्यों और कानून के आधार पर होनी चाहिए।
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फेसबुक पोस्ट पर भी उठाया सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने सवाल उठाया कि क्या किसी फेसबुक पोस्ट के आधार पर किसी की हत्या को सही ठहराया जा सकता है? उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने फेसबुक पर कोई पोस्ट की है और वह कानून के दायरे में गलत है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
FIR का रास्ता मौजूद है
सांसद ने कहा कि किसी फेसबुक पोस्ट को लेकर पुलिस कार्रवाई कर सकती है और जरूरत पड़ने पर FIR भी दर्ज की जा सकती है। लेकिन उनका सवाल यह है कि किसी सोशल मीडिया पोस्ट को आधार बनाकर किसी की हत्या को कैसे उचित ठहराया जा सकता है।
कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं
चंद्रशेखर आजाद के बयान का मुख्य सवाल यही रहा कि अगर किसी पोस्ट से कानून का उल्लंघन हुआ है तो उसके लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने इशारा किया कि किसी भी परिस्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने को सही नहीं ठहराया जा सकता।
जाति और धर्म से ऊपर हो कार्रवाई
उन्होंने दोहराया कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई जाति या धर्म के आधार पर प्रभावित न हो। उनके मुताबिक, शासन की जिम्मेदारी है कि पीड़ित को न्याय मिले और कानून सभी के लिए समान रूप से लागू हो।
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कानून व्यवस्था पर बहस तेज
चंद्रशेखर आजाद का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब उन्होंने सरकार के कानून व्यवस्था से जुड़े दावों पर सवाल उठाते हुए कमजोर वर्ग के लोगों की सुरक्षा और न्याय का मुद्दा उठाया है। उनके बयान में सरकार से निष्पक्ष कार्रवाई और कानून के मुताबिक प्रक्रिया अपनाने की मांग प्रमुख रूप से दिखाई दी।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।












