संभल में लम्पी बीमारी ने बढ़ाई पशुपालकों की चिंता, दो गायों में दिखे बीमारी के लक्षण

Sambhal News: संभल में लम्पी बीमारी को लेकर पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। भड़वाड़ा गांव में कई गौवंश के बीमार होने की बात सामने आई है। पशुपालकों ने जल्द टीकाकरण की मांग की है।


September 12, 2026 by

Sambhal News In Hindi: संभल जिले के ग्रामीण इलाकों में गौवंश में लम्पी बीमारी के मामले सामने आने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। बीमारी की आशंका और पशुओं के बीमार पड़ने के बाद किसान अपने स्तर पर इलाज कराने को मजबूर हैं। पशुपालकों का कहना है कि समय रहते टीकाकरण नहीं हुआ तो बीमारी दूसरे पशुओं तक भी फैल सकती है।

भड़वाड़ा गांव में दो गौवंश बीमार

संभल ब्लॉक के भड़वाड़ा गांव में भी गौवंश में लम्पी बीमारी फैलने की बात सामने आई है। गांव के किसान नरेश सिंह के अनुसार, उनकी दो गायें बीमारी की चपेट में हैं। बीमारी के चलते दोनों गायों का दूध उत्पादन बंद हो गया है और उन्होंने चारा खाना भी छोड़ दिया है। इससे पशुपालक को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

निजी इलाज पर निर्भर पशुपालक

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नरेश सिंह का कहना है कि गांव में सरकारी स्तर पर समय से टीकाकरण नहीं होने के कारण पशुपालकों को बीमार पशुओं के इलाज के लिए निजी व्यवस्था का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और पशु चिकित्सा विभाग से गांव में जल्द से जल्द टीकाकरण अभियान चलाने की मांग की है, ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके।

महिला पशुपालक की भी यही परेशानी

गांव की महिला पशुपालक नीरू सैनी ने भी अपनी दो गायों के लम्पी बीमारी से पीड़ित होने की जानकारी दी। उनका कहना है कि पशु बीमार होने से परिवार की आमदनी पर सीधा असर पड़ता है। पशुपालकों के लिए गौवंश केवल पशु नहीं, बल्कि उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है।

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पशुधन बचाने की मांग

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पूर्व ग्राम प्रधान जयप्रकाश सिंह ने भी गांव में गौवंश के बीच बीमारी फैलने की बात कही है। उन्होंने पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए गांव में जल्द टीकाकरण कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो इससे बड़ी संख्या में पशु प्रभावित हो सकते हैं।

कुछ गांवों में शुरू हुआ टीकाकरण

जहां संभल ब्लॉक के ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार शाम तक टीकाकरण नहीं होने की बात सामने आई, वहीं संभल तहसील के पंवासा ब्लॉक के कई गांवों में पशुओं को लम्पी बीमारी से बचाने के लिए वैक्सीनेशन किया गया। केली पतरासी, भामोरी पट्टी, लदनपुर, अतरासी, सौंधन और सिहावली गांवों में पशुओं का टीकाकरण किया गया है।

विभाग ने टीमों को दिए निर्देश

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र सिंह ने पशु चिकित्सा टीमों को टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों को लम्पी बीमारी के लक्षण, इसके फैलने के तरीके और बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करने पर भी जोर दिया गया है।

साफ-सफाई पर भी जोर

पशु चिकित्सा विभाग की ओर से पशुपालकों को पशुओं के आसपास साफ-सफाई रखने की सलाह दी जा रही है। मच्छर-मक्खी जैसे कीटों की रोकथाम को भी बीमारी से बचाव के लिए जरूरी बताया गया है। विभाग का कहना है कि पशुओं की नियमित निगरानी और साफ-सफाई से संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।

संक्रमित पशुओं को अलग रखें

संक्रमित पशुओं को अलग रखें

विभाग ने पशुपालकों से संदिग्ध या बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की अपील की है। किसी पशु में लम्पी बीमारी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सा विभाग को सूचना देने के लिए कहा गया है। इससे संदिग्ध मामलों की समय पर जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग ने नए मामलों पर दी जानकारी

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र सिंह के अनुसार, फिलहाल कोई नया संदिग्ध या पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। विभाग की टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं और टीकाकरण के साथ ग्रामीणों को बीमारी से बचाव के बारे में जागरूक किया जा रहा है। पशुपालकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें।

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पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह

लम्पी बीमारी को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों से सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है। पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखने पर उन्हें दूसरे पशुओं से अलग रखना, साफ-सफाई बनाए रखना और तुरंत विभाग को सूचना देना अहम है। पशुपालकों की मांग है कि संवेदनशील गांवों में टीकाकरण अभियान को और तेज किया जाए, ताकि उनके पशुधन को बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।

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