Raksha Bandhan Free Travel: रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तर प्रदेश में महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलने के साथ ही बस स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ अचानक बढ़ गई है। बाराबंकी बस स्टेशन पर पर्व से एक दिन पहले गुरुवार को सामान्य दिनों के मुकाबले करीब चार गुना अधिक यात्री नजर आए। भारी भीड़ के कारण बस अड्डे पर कई जगह अव्यवस्था की स्थिति बनी रही और यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा।
करीब 64 घंटे मुफ्त सफर

प्रदेश सरकार की ओर से रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं को करीब 64 घंटे तक रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है। इसके तहत महिला यात्री अपने साथ एक सहयात्री को भी मुफ्त यात्रा करा सकती हैं। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार अपने घरों की ओर रवाना हो रहे हैं। यही वजह है कि बस अड्डों पर अचानक यात्रियों का दबाव कई गुना बढ़ गया।
बाराबंकी डिपो की बसें कम पड़ीं
बाराबंकी डिपो की 114 बसें 29 अलग-अलग रूटों पर संचालित हो रही हैं, लेकिन गुरुवार सुबह से ही बाहरी यात्रियों की भारी आमद शुरू हो गई। यात्रियों की संख्या इतनी अधिक रही कि उपलब्ध बसें कम पड़ गईं। कई यात्रियों को अपनी बारी के लिए तीन से चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
बैठने की जगह तक नहीं बची
बस स्टेशन परिसर में यात्रियों के बैठने के लिए लगाई गई कुर्सियां पूरी तरह भर गईं। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग बस अड्डे के बाहर और आसपास धूप में खड़े होकर बस आने का इंतजार करते रहे। लंबे समय तक बस का इंतजार करने के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बस आते ही मची चढ़ने की होड़

जैसे ही कोई बस बस स्टेशन पर पहुंचती, यात्रियों के बीच सीट हासिल करने की होड़ शुरू हो जाती। कई बार यात्रियों के उतरने से पहले ही लोग बस में चढ़ने का प्रयास करने लगते। इससे धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो जाती और बस में प्रवेश करना खासकर बच्चों और बुजुर्गों के साथ आए यात्रियों के लिए मुश्किल हो जाता।
सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती
लगातार बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बस स्टेशन पर तीन पुलिस टीमों की तैनाती कर दी। पुलिसकर्मी बस स्टेशन के भीतर और बाहर यात्रियों को व्यवस्थित करने में जुटे रहे। उनका प्रयास रहा कि यात्री कतार और अनुशासन के साथ बसों में चढ़ें तथा किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
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व्यवस्था संभालने में जुटे पुलिसकर्मी
पुलिस टीमों ने बसों के आसपास भीड़ को नियंत्रित करने के साथ यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से बस में बैठाने की कोशिश की। हालांकि यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक होने के कारण व्यवस्था बनाए रखना आसान नहीं रहा। भारी दबाव के बीच यात्रियों की परेशानी पूरी तरह कम नहीं हो सकी।
दो बसें आईं, फिर भी नहीं मिली जगह
सीतापुर निवासी पूजा वर्मा ने बताया कि वह सुबह से बस का इंतजार कर रही थीं। उनके मुताबिक दो बसें यात्रियों से भरकर निकल गईं, लेकिन उन्हें जगह नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि भाई को राखी बांधने के लिए घर जाना है, इसलिए मजबूरी में बस का इंतजार करना पड़ रहा है।
बच्चों-बुजुर्गों के साथ सफर मुश्किल
फतेहपुर निवासी ने बताया कि वह करीब तीन घंटे से बस स्टेशन पर बैठे हैं। उनका कहना था कि बस आते ही इतनी भीड़ उमड़ पड़ती है कि बच्चों और बुजुर्गों के साथ बस में चढ़ना बेहद कठिन हो जाता है। त्योहार के कारण घर पहुंचने की जल्दी के बीच यात्रियों को भीड़ के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मुफ्त सुविधा अच्छी, लेकिन बसें बढ़ें
लखनऊ जाने वाली यात्री ने कहा कि महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा अच्छी है, लेकिन यात्रियों की संख्या के हिसाब से बसें कम पड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ धूप में घंटों खड़े होकर बस का इंतजार करना बेहद परेशानी भरा है।
बुजुर्ग यात्री ने बताई समस्या
बुजुर्ग यात्री ने कहा कि रक्षाबंधन पर हर कोई अपने परिवार के पास पहुंचना चाहता है। ऐसे समय में अगर बसों की संख्या बढ़ा दी जाती तो यात्रियों को घंटों बस अड्डे पर इंतजार नहीं करना पड़ता। उनके मुताबिक त्योहार के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था जरूरी थी।
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त्योहार पर बढ़ता यात्री दबाव
रक्षाबंधन (Raksha Bandhan 2026) जैसे बड़े पर्व पर बड़ी संख्या में लोग अपने घर और परिवार के बीच पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन का सहारा लेते हैं। महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा से इस बार यात्रियों की संख्या और बढ़ गई है। बाराबंकी बस स्टेशन की स्थिति इसी बढ़े हुए यात्री दबाव को दिखाती है, जहां उपलब्ध संसाधनों के मुकाबले यात्रियों की संख्या काफी अधिक दिखाई दी।
घर पहुंचने की जल्दी में यात्री परेशान
एक ओर महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलने से उन्हें आर्थिक राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर बसों की उपलब्धता कम होने के कारण यात्रियों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवार बच्चों और बुजुर्गों के साथ बस अड्डों पर घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं। रक्षाबंधन से पहले बाराबंकी में बने हालात ने त्योहार के दौरान सार्वजनिक परिवहन पर बढ़ने वाले दबाव को सामने ला दिया है।

Sunny Singh उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध और स्थानीय समाचारों को कवर करने वाले पत्रकार हैं। उन्हें डिजिटल पत्रकारिता और समाचार लेखन का लगभग 4 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने India Update 24 और Hind 24 में कार्य किया है। वर्तमान में वे UP News 24 की डिजिटल डेस्क पर कार्यरत हैं।












