Kanpur News Today: कानपुर में पांडु नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी के बाद नदी से सटे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बर्रा और गुजैनी क्षेत्र में नदी के बढ़ते पानी का असर दिखाई देने लगा है। करीब 30 मकान जलभराव की चपेट में आ गए हैं। घरों में पानी पहुंचने के बाद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
घरों में पानी भरने से परिवार हुए प्रभावित
पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ बर्रा और गुजैनी के निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई घरों में पानी भरने से लोगों को अपना सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा। प्रभावित परिवारों के लिए प्रशासन की ओर से राहत और बचाव की व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसी तरह की जनहानि न हो।
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अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
रविवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम सदर अनुभव सिंह और सदर तहसीलदार विनय द्विवेदी ने नगर निगम तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जलभराव की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
कंपोजिट विद्यालय में बनाया गया राहत शिविर
प्रभावित परिवारों की तत्काल जरूरतों को देखते हुए कंपोजिट विद्यालय में राहत शिविर स्थापित किया गया है। यहां सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए गए लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से राहत शिविर में भोजन और पेयजल समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का इंतजाम किया गया है।
राहत किट से लोगों को मिल रही मदद
राहत शिविर में प्रभावित परिवारों को बाढ़ राहत किट भी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि जलभराव से प्रभावित लोगों को जरूरी सामान के लिए परेशानी न उठानी पड़े। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से स्थिति के बारे में जानकारी ली और जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
कई नदियों का जलस्तर बढ़ा

कानपुर जिले में सिर्फ पांडु नदी ही नहीं, बल्कि गंगा, यमुना, नोन और रिंद नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई नदियों में पानी बढ़ने के कारण प्रशासन ने बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
176 गांव बाढ़ संभावित घोषित
बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिले की चार तहसीलों के 176 गांवों को बाढ़ संभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। प्रशासन ने इन इलाकों में पहले से तैयारियां तेज कर दी हैं, ताकि पानी का स्तर और बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
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35 बाढ़ चौकियों से लगातार निगरानी

बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए जिले में 35 बाढ़ चौकियां सक्रिय की गई हैं। इन चौकियों के माध्यम से नदियों के जलस्तर और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। प्रशासनिक मशीनरी को अलर्ट मोड पर रखा गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
जरूरत पड़ने पर 101 शरणालय तैयार
प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के लिए जिले में 101 बाढ़ शरणालय भी तैयार किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि जरूरत बढ़ने पर इन शरणालयों का इस्तेमाल किया जा सकता है। मौजूदा परिस्थितियों में राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत रखने के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
पांडु नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और उन्हें आवश्यक राहत उपलब्ध कराना है। नदी के जलस्तर में आगे होने वाले बदलाव के आधार पर राहत एवं बचाव अभियान को और तेज किया जा सकता है।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।











