UP News Today: उत्तर प्रदेश के पीएमश्री विद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच पढ़ने की आदत को मजबूत करने के लिए नई पहल शुरू की जा रही है। अब इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को प्रतिदिन दो दैनिक समाचार पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें देश-दुनिया में हो रही महत्वपूर्ण घटनाओं से जोड़ना है। समाचार पत्रों के नियमित पठन से बच्चों को नई जानकारियां हासिल करने के साथ अपनी भाषा और सामान्य ज्ञान को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।
1565 पीएमश्री स्कूलों तक पहुंचेगा लाभ
प्रदेश में कुल 1565 पीएमश्री विद्यालय हैं, जहां इस पहल को लागू किया जाएगा। समग्र शिक्षा परियोजना कार्यालय की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों के उपयोग के लिए प्रतिदिन दो दैनिक समाचार पत्र उपलब्ध कराए जाएं, ताकि बच्चे नियमित रूप से समाचार पढ़ सकें और वर्तमान घटनाओं से परिचित हो सकें।
पढ़ाई के साथ दुनिया की जानकारी

स्कूलों में अखबार उपलब्ध कराने के पीछे सिर्फ पढ़ने की आदत विकसित करना ही उद्देश्य नहीं है। बच्चों को आसपास के समाज, देश और दुनिया में होने वाली घटनाओं को समझने का अवसर भी मिलेगा। इससे उनमें सवाल पूछने, किसी विषय पर जानकारी जुटाने, घटनाओं को समझने और अपने विचार स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
बालोपयोगी पत्रिकाएं भी होंगी लाइब्रेरी का हिस्सा
समाचार पत्रों के साथ बच्चों की उम्र और कक्षा के अनुरूप मनोरंजक एवं बाल मनोविज्ञान पर आधारित पत्रिकाएं भी खरीदी जा सकेंगी। इससे विद्यालय की लाइब्रेरी को बच्चों के लिए अधिक रोचक और उपयोगी बनाने की कोशिश की जाएगी। अलग-अलग उम्र के विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार सामग्री उपलब्ध होने से उनमें किताबों और अन्य पठन सामग्री के प्रति रुचि बढ़ने की उम्मीद है।
भाषा कौशल और पठन क्षमता होगी मजबूत

नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने से विद्यार्थियों की भाषा और पठन क्षमता मजबूत करने में मदद मिलेगी। बच्चे नए शब्दों से परिचित होंगे और उनके शब्द भंडार में वृद्धि होगी। इसके साथ ही समाचारों को पढ़कर अपने शब्दों में लिखने की आदत भी विकसित की जा सकेगी। इस तरह अखबार विद्यार्थियों के लिए केवल जानकारी हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि भाषा सीखने का एक अतिरिक्त संसाधन भी बनेगा।
क्रिटिकल थिंकिंग पर रहेगा जोर
शिक्षा विभाग का जोर बच्चों में आलोचनात्मक सोच यानी Critical Thinking विकसित करने पर भी है। समाचार पढ़ते समय विद्यार्थी किसी घटना के कारण, प्रभाव और उससे जुड़े अलग-अलग पहलुओं को समझने की कोशिश कर सकते हैं। इससे उनमें सवाल करने, तथ्यों को समझने और किसी विषय पर अपना विचार बनाने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी।
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हर स्कूल को मिलेंगे पांच हजार रुपये
समाचार पत्रों और बालोपयोगी पत्रिकाओं की व्यवस्था के लिए प्रत्येक पीएमश्री विद्यालय को 10 महीने तक हर महीने 500 रुपये दिए जाएंगे। इस तरह एक विद्यालय को कुल पांच हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस धनराशि का इस्तेमाल विद्यार्थियों के लिए दैनिक समाचार पत्र और उपयोगी पठन सामग्री उपलब्ध कराने में किया जाएगा।
लाइब्रेरी मजबूत करने के लिए 20 हजार रुपये

पीएमश्री योजना के तहत चयनित परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में लाइब्रेरी को बेहतर बनाने के लिए भी प्रति विद्यालय 20 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से पुस्तकालय कक्ष के लिए जरूरी फर्नीचर और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी। इससे बच्चों के लिए पढ़ने का बेहतर और व्यवस्थित वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।
पुस्तकालय और अखबार के लिए 3.91 करोड़ रुपये
प्रदेश में पुस्तकालय और समाचार पत्रों से जुड़ी इस व्यवस्था के लिए कुल 3.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। विद्यालय प्रबंध समिति यानी एसएमसी स्कूल की आवश्यकता के अनुसार स्वीकृत धनराशि का इस्तेमाल पुस्तकालय फर्नीचर और संबंधित सुविधाओं को विकसित करने में कर सकेगी। इससे स्कूलों में उपलब्ध पठन संसाधनों को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
एकेडमिक कैलेंडर में भी रीडिंग गतिविधियां
बेसिक शिक्षा विभाग पहले ही विद्यालयों में Reading Culture विकसित करने पर जोर दे चुका है। मौजूदा शैक्षिक सत्र के एकेडमिक कैलेंडर में भी रीडिंग से जुड़ी गतिविधियों को विशेष महत्व दिया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों में नियमित पढ़ने की आदत को शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाना और उन्हें किताबों के साथ अन्य उपयोगी सामग्री पढ़ने के लिए प्रेरित करना है।
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पहले ही जारी किए जा चुके हैं निर्देश
अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा के 13 मई के पत्र में विद्यालयों में पठन संस्कृति को मजबूत करने और समाचार पत्रों के पठन-पाठन को अनिवार्य करने के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए गए थे। अब पीएमश्री विद्यालयों में दैनिक समाचार पत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बच्चों को मिलेगा पढ़ने का व्यापक मंच
इस पहल के जरिए पीएमश्री स्कूलों के विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से बाहर की दुनिया को समझने का अवसर मिलेगा। नियमित अखबार और पत्रिकाएं पढ़ने से उनमें जानकारी हासिल करने, सवाल करने, विचार व्यक्त करने और स्वतंत्र रूप से लिखने की आदत विकसित हो सकती है। शिक्षा विभाग की यह पहल स्कूलों में ऐसी पठन संस्कृति तैयार करने की दिशा में है, जिसमें विद्यार्थी किताबों के साथ समाचार और बालोपयोगी सामग्री को भी अपनी रोजमर्रा की पढ़ाई का हिस्सा बनाएं।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।











