रामपुर में पनीर फैक्ट्री पर छापा, 76 किलो बदबूदार पनीर और 100 लीटर मक्खियों वाला दूध मिला

Rampur News: रामपुर के शाहबाद क्षेत्र में खाद्य विभाग ने पनीर प्रतिष्ठान पर छापा मारकर 76 किलो बदबूदार पनीर और 100 लीटर मक्खियों वाला दूध नष्ट कराया। टीम ने 10 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे और प्रतिष्ठान का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया।


August 27, 2026 by

Rampur News Today: रामपुर के शाहबाद क्षेत्र के खरसोल गांव में गुरुवार दोपहर खाद्य विभाग की टीम ने पनीर तैयार करने वाले एक प्रतिष्ठान पर छापेमारी की। रक्षाबंधन के त्योहार से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट की जांच के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। टीम के पहुंचते ही प्रतिष्ठान में मौजूद खाद्य सामग्री की जांच शुरू की गई।

सफाई व्यवस्था देखकर अधिकारी भी हैरान

जिला अभिहित अधिकारी संजीव सिंह के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली। खाद्य पदार्थ तैयार करने और रखने के स्थान पर स्वच्छता के मानकों का पालन होता नहीं पाया गया। टीम ने मौके पर मौजूद पनीर और दूध की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की।

76 किलो पनीर से आ रही थी तेज बदबू

जांच के दौरान टीम को करीब 76 किलो पनीर मिला। अधिकारियों के अनुसार, इस पनीर से तेज बदबू आ रही थी, जिसके बाद उसकी गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए। खाद्य विभाग ने पनीर को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए उसे मौके पर ही नष्ट कराने की कार्रवाई की।

100 लीटर दूध में मिलीं मक्खियां

100 लीटर दूध में मिलीं मक्खियां

निरीक्षण के दौरान करीब 100 लीटर दूध भी मिला, जिसमें मक्खियां पड़ी हुई थीं। दूध की इस स्थिति को देखकर खाद्य विभाग की टीम ने इसे भी इस्तेमाल के लिए असुरक्षित माना। खराब पनीर और दूध को किसी भी तरह बाजार तक पहुंचने से रोकने के लिए तत्काल नष्ट कराने का निर्णय लिया गया।

10 खाद्य पदार्थों के लिए गए नमूने

जिला अभिहित अधिकारी ने बताया कि टीम ने प्रतिष्ठान से पनीर और दूध के अलावा अन्य खाद्य पदार्थों के भी नमूने लिए। कुल 10 खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अब प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की वास्तविक गुणवत्ता और नियमों के उल्लंघन से जुड़ी स्थिति और स्पष्ट होगी।

गड्ढा खुदवाकर जमीन में दबाया गया सामान

गड्ढा खुदवाकर जमीन में दबाया गया सामान

खाद्य विभाग की टीम ने खराब पाए गए 76 किलो पनीर और 100 लीटर दूध को मौके पर ही नष्ट कराया। इसके लिए गड्ढा खुदवाया गया और खाद्य सामग्री को उसमें दबा दिया गया, ताकि इसे दोबारा किसी भी रूप में इस्तेमाल या बेचने की संभावना न रहे। नष्ट किए गए पनीर और दूध की अनुमानित कीमत करीब 30,460 रुपये बताई गई है।

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प्रतिष्ठान का लाइसेंस भी किया गया निरस्त

खाद्य पदार्थों की खराब स्थिति और प्रतिष्ठान में मिली अव्यवस्थाओं को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया। विभाग का कहना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

रक्षाबंधन को लेकर पूरे जिले में निगरानी

संजीव सिंह के अनुसार, रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए पूरे रामपुर जिले में खाद्य विभाग की टीमें सक्रिय हैं। त्योहार के दौरान पनीर, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट या खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इन क्षेत्रों में विशेष नजर

खाद्य विभाग की निगरानी टांडा, स्वार, मिलक, शाहबाद और बिलासपुर समेत उन क्षेत्रों में अधिक रखी जा रही है, जहां बड़े पैमाने पर पनीर का उत्पादन किया जाता है। अधिकारियों की टीमें प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और जरूरी लाइसेंस समेत अन्य मानकों की जांच कर रही हैं।

बंद मिले प्रतिष्ठानों पर भी नजर

अधिकारी ने बताया कि पहले की कार्रवाई के बाद कई पनीर बनाने वाले प्रतिष्ठानों पर ताले लगे मिले हैं। विभाग अब केवल खुले प्रतिष्ठानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बंद मिले ऐसे केंद्रों पर भी नजर रख रहा है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं संचालक कार्रवाई से बचने के लिए किसी दूसरे स्थान पर पनीर तैयार करके उसकी आपूर्ति तो नहीं कर रहे हैं।

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नियम तोड़ने वालों पर जारी रहेगी कार्रवाई

खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि दूध, पनीर और मानव स्वास्थ्य से सीधे जुड़े खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग की टीमें लगातार निरीक्षण और सैंपलिंग कर रही हैं। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान और संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

त्योहार से पहले उपभोक्ताओं की सेहत पर फोकस

रक्षाबंधन के दौरान मिठाइयों और दूध से बने उत्पादों की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। रामपुर में हुई कार्रवाई से साफ है कि त्योहार के मौसम में खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग ने निगरानी और सख्त कर दी है।

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