UP Political News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को वरिष्ठ सपा नेता आजम खान से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। ED की टीमों ने आजम खान और उनके करीबियों से जुड़े रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली समेत करीब 10 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
X पर पोस्ट कर जताई नाराजगी
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ED की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई व्यापक जनहित के बजाय भाजपा समर्थक एक छोटे वर्ग को संतुष्ट करने के उद्देश्य से की जा रही है। अखिलेश ने अपने बयान में इसे संकीर्ण और सांप्रदायिक सोच रखने वाले 1 से 2 फीसदी समर्थकों को खुश करने की कोशिश बताया।
यूनिवर्सिटी बनाने वाले पर कार्रवाई का आरोप
सपा प्रमुख ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग शिक्षा और शिक्षार्थियों के विरोधी हैं तथा स्कूलों को बंद करवाने की राजनीति करते हैं, वही आज यूनिवर्सिटी बनाने वाले व्यक्ति के खिलाफ ED की कार्रवाई करवा रहे हैं। उन्होंने आजम खान से जुड़ी मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए सरकार की कार्रवाई की मंशा पर सवाल उठाया।
असल भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?

अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि यदि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रही है तो सत्ता से जुड़े उन लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती, जिन पर गंभीर आरोप लगाए जाते रहे हैं। उन्होंने कई मुद्दों का उल्लेख करते हुए भाजपा सरकार से जवाब मांगा और कहा कि कार्रवाई का दायरा सभी के लिए समान होना चाहिए।
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राम मंदिर से लेकर स्मार्ट सिटी तक मुद्दे उठाए
अखिलेश यादव ने अपने बयान में राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े आरोपों, रेलवे की बदहाली, स्कूलों और सड़कों की खराब स्थिति जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने महाकुंभ से जुड़े कार्यों में कथित अनियमितताओं और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए।
10 ठिकानों पर एक साथ पहुंची ED की टीमें
जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय की अलग-अलग टीमों ने आजम खान और उनके करीबियों से जुड़े करीब 10 परिसरों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली समेत अलग-अलग स्थानों पर चल रही इस कार्रवाई से राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। ED की यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट यानी PMLA के तहत की जा रही है।
वित्तीय लेनदेन की जांच पर फोकस
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी की ओर से आजम खान से जुड़े वित्तीय लेनदेन और फंडिंग से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच टीमों द्वारा वित्तीय दस्तावेजों, लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजात की जांच की जा रही है। कार्रवाई के दौरान कई परिसरों में डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जाने की बात कही जा रही है।
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जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले

ED की कार्रवाई में मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े परिसरों पर भी जांच की जा रही है। एजेंसी की नजर उन दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों पर है, जो कथित वित्तीय लेनदेन, फंडिंग और संपत्तियों से जुड़े मामलों की जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
सरकारी धन के इस्तेमाल की भी पड़ताल
जांच का एक प्रमुख पहलू वित्तीय संसाधनों और सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल भी बताया जा रहा है। ED की टीम दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संबंधित वित्तीय लेनदेन और फंडिंग का पूरा नेटवर्क क्या है।
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राजनीतिक टकराव और बढ़ने के संकेत
ED की कार्रवाई के बाद सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। एक ओर जांच एजेंसी की कार्रवाई को वित्तीय मामलों की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं अखिलेश यादव ने इसे राजनीतिक निशाना साधने की कार्रवाई बताया है। अब इस मामले में ED की जांच से आगे क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
अखिलेश यादव के बयान ने बढ़ाई सियासी गर्मी
आजम खान से जुड़े परिसरों पर ED की छापेमारी के बीच अखिलेश यादव का बयान उत्तर प्रदेश की सियासत में नई बहस का कारण बन गया है। उन्होंने कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार से उन मामलों में भी कार्रवाई करने की मांग की, जिनका उन्होंने अपने बयान में जिक्र किया। वहीं, ED की जांच आगे बढ़ने के साथ वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों से जुड़े नए तथ्य सामने आने की संभावना है।

Sunny Singh उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध और स्थानीय समाचारों को कवर करने वाले पत्रकार हैं। उन्हें डिजिटल पत्रकारिता और समाचार लेखन का लगभग 4 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने India Update 24 और Hind 24 में कार्य किया है। वर्तमान में वे UP News 24 की डिजिटल डेस्क पर कार्यरत हैं।
