दिन में महिला दरोगा, रात में कैमरे पर अश्लील खेल: बगल में QR कोड लगाकर वर्दी की आड़ में गंदा धंधा?

Anu Rani Suspended: दिन में यूपी पुलिस की खाकी वर्दी और रात में कैमरे के सामने आपत्तिजनक वीडियो। मेरठ की महिला दरोगा से जुड़े सोशल मीडिया कंटेंट ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया।


August 17, 2026 by

Meerut Woman Sub Inspector Anu Rani: उत्तर प्रदेश के मेरठ में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करने के मामले में महिला सब इंस्पेक्टर अनु रानी के खिलाफ पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस कप्तान ने विभागीय सोशल मीडिया पॉलिसी के उल्लंघन के मामले में महिला दरोगा को निलंबित कर दिया है। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट से आपत्तिजनक वीडियो हटवा दिए गए।

कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय थीं दरोगा

जानकारी के अनुसार, महिला सब इंस्पेक्टर के दो यूट्यूब चैनल और एक इंस्टाग्राम अकाउंट थे। इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके द्वारा वीडियो पोस्ट किए जाते थे। पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद इन अकाउंट्स पर मौजूद कंटेंट की जांच की गई। विभाग ने माना कि सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया कुछ कंटेंट पुलिस विभाग की निर्धारित सोशल मीडिया पॉलिसी के अनुरूप नहीं था।

नाइट सूट में वीडियो का मामला

Anu Rani Suspended

बताया गया है कि महिला दरोगा के सोशल मीडिया अकाउंट पर नाइट सूट में बनाए गए कुछ वीडियो भी पोस्ट थे, जिनकी शैली और कंटेंट को विभाग ने आपत्तिजनक माना। वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के साथ उनके माध्यम से दर्शकों से जुड़ने और ऑनलाइन गतिविधि बढ़ाने की कोशिश भी की जा रही थी। मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने के बाद पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया गया।

वीडियो में QR कोड भी दिखाई दिया

meerut woman sub inspector anu rani

मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, कुछ वीडियो में QR कोड भी दिखाई दे रहा था। इस वजह से सोशल मीडिया कंटेंट के जरिए कमाई किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, विभागीय कार्रवाई का मुख्य आधार सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन बताया गया है। पुलिस की ओर से जारी बयान में किसी अन्य आरोप की पुष्टि नहीं की गई है।

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पुलिस कप्तान के पास पहुंचा मामला

बताया गया है कि महिला दरोगा से जुड़े वीडियो पुलिस कप्तान के संज्ञान में पहुंचे थे। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला उपनिरीक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई विभागीय सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन को लेकर की गई है।

DSP स्तर की महिला अधिकारी करेंगी जांच

निलंबन के साथ ही मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस ने जांच की जिम्मेदारी क्षेत्राधिकारी कार्यालय की अधिकारी श्रीमती सौम्या सिंह को सौंपी है। जांच के दौरान सोशल मीडिया अकाउंट, पोस्ट किए गए कंटेंट और विभागीय नियमों के उल्लंघन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।

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वर्दी में जिम्मेदारी के साथ ऑनलाइन आचरण भी जरूरी

पुलिस विभाग में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर निर्धारित नियम हैं। किसी भी पुलिसकर्मी की ऑनलाइन गतिविधि विभाग की छवि और आचार-व्यवस्था से जुड़ी मानी जाती है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर विभागीय नीति के विपरीत पाए जाने वाले कंटेंट को लेकर कार्रवाई की जा सकती है। मेरठ का यह मामला भी इसी नीति के उल्लंघन से जुड़ा बताया गया है।

आपत्तिजनक वीडियो हटवाए गए

मामला सामने आने के बाद संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट से आपत्तिजनक वीडियो डिलीट करा दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य विभागीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। फिलहाल विभागीय जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस का आधिकारिक बयान

पुलिस के बयान के अनुसार, “प्रकरण में उक्त महिला उपनिरीक्षक को विभागीय सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करने के संबंध में निलंबित किया गया है तथा विभागीय जांच क्षेत्राधिकारी कार्यालय श्रीमती सौम्या सिंह को सौंपी गई है।” पुलिस के इसी बयान से स्पष्ट है कि वर्तमान कार्रवाई सोशल मीडिया पॉलिसी के उल्लंघन को आधार बनाकर की गई है।

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जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

मेरठ में महिला दरोगा से जुड़े इस मामले में फिलहाल निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है और विभागीय जांच की जिम्मेदारी DSP स्तर की महिला अधिकारी को दी गई है। जांच में सोशल मीडिया गतिविधियों, पोस्ट किए गए कंटेंट और विभागीय नियमों के उल्लंघन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय ले सकता है।

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