Atiq Ahmed Son Abaan Postmortem Report: झांसी-कानपुर हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद (21) की मौत को लेकर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हादसे की टक्कर इतनी भीषण थी कि अबान के शरीर पर कुल 23 गंभीर चोटें मिलीं। उसके लीवर, फेफड़े और तिल्ली बुरी तरह फट गए थे, जबकि कई पसलियां भी टूट गई थीं। शरीर के अंदर अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आई दर्दनाक सच्चाई

गुरुवार रात करीब 11:30 बजे झांसी मेडिकल कॉलेज में तीन डॉक्टरों के पैनल ने अबान और उसके साथी सोनू के शव का पोस्टमॉर्टम किया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की मौत सड़क हादसे में आई गंभीर चोटों के कारण हुई। पोस्टमॉर्टम में स्पष्ट हुआ कि अबान के शरीर के अंदरूनी अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे। लीवर, लंग्स और तिल्ली फटने के साथ ही पसलियां टूट गई थीं, जिससे अत्यधिक अंदरूनी ब्लीडिंग हुई और यही उसकी मौत का प्रमुख कारण बनी।
सोनू की भी हादसे में दर्दनाक मौत
अबान के साथ कार में पीछे की सीट पर बैठे उसके साथी सोनू की भी इस हादसे में जान चली गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सोनू के सिर की हड्डी टूट गई थी और उसके दोनों हाथों में भी फ्रैक्चर मिला। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उसकी मौत भी दुर्घटना में लगी गंभीर चोटों की वजह से हुई।
तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमॉर्टम

पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. रजनीश ने बताया कि सबसे पहले अबान के शव का परीक्षण किया गया, उसके बाद सोनू के शव का पोस्टमॉर्टम हुआ। इस पूरी प्रक्रिया में डॉ. पंकज मुसतारिया और डॉ. जिया जफर भी शामिल रहे। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि दोनों की मौत पूरी तरह सड़क दुर्घटना में आई गंभीर चोटों के कारण हुई है।
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भाई ने शव देखा तो खुद को संभाल नहीं पाया
पोस्टमॉर्टम के दौरान अबान का बड़ा भाई अहजम मेडिकल कॉलेज के पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचा। जैसे ही उसने अपने छोटे भाई का शव देखा, वह फूट-फूटकर रोने लगा। वहां मौजूद रिश्तेदारों ने किसी तरह उसे संभाला। इसके बाद उसने पुलिस अधिकारियों से पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट देने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिपोर्ट उपलब्ध कराने की बात कही।
एक ही एंबुलेंस से प्रयागराज भेजे गए दोनों शव
पोस्टमॉर्टम पूरा होने के बाद अहजम ने रिश्तेदारों के साथ अबान और सोनू के शव एक ही एंबुलेंस में रखवाए। देर रात करीब 12 बजे दोनों शवों को प्रयागराज के लिए रवाना किया गया। परिवार के मुताबिक, दोनों का अंतिम संस्कार प्रयागराज में किया जाएगा।
भाई अली से मिलने जा रहा था अबान
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह अबान प्रयागराज से झांसी के लिए निकला था। उसका उद्देश्य झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मुलाकात करना था। उसके साथ क्रेटा कार में चार अन्य दोस्त भी मौजूद थे। रास्ते में झांसी-कानपुर हाईवे पर पूंछ थाना क्षेत्र के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई।
120 की रफ्तार बनी हादसे की वजह

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, दुर्घटना के समय कार की रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा थी। कार उसी तरफ से डिवाइडर से टकराई, जहां आगे की सीट पर अबान बैठा था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार लगभग सात फीट तक हवा में उछल गई और उसके हिस्से करीब 40 फीट दूर तक हाईवे पर बिखर गए। वाहन का बायां हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
सबसे ज्यादा चोटें अबान को लगीं
हादसे के समय कार उसका साथी मोहम्मद जैद चला रहा था। अबान आगे वाली सीट पर बैठा था जबकि उसके पीछे सोनू बैठा हुआ था। जिस तरफ से कार डिवाइडर से टकराई, उसी तरफ अबान बैठा होने के कारण उसे सबसे अधिक गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के कुछ ही समय बाद अबान और सोनू ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि कार में सवार उमर अहमद, मोहम्मद जैद और फारुक अहजम घायल हो गए।
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प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी
हादसे के बाद सबसे पहले मौके पर पहुंचे प्रत्यक्षदर्शी दीपक यादव ने बताया कि जोरदार धमाके की आवाज सुनकर वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कार का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं खुला। इसके बाद वह पास के घर से लोहे की सब्बल लेकर आए और कार का दरवाजा तोड़ा।
दीपक के मुताबिक, दरवाजा खुलते ही उन्होंने सबसे पहले एक युवक को बाहर निकालने की कोशिश की। उसके मुंह में काफी खून भरा हुआ था। उसने धीमी आवाज में कहा, “मेरा नाम अबान है… मुझे बचा लो…”। इतना कहने के बाद वह बेहोश हो गया। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
मिट्टी में भाइयों को आने दिया जाए
प्रयागराज से झांसी पहुंचे अबान के बड़े भाई अहजम ने पहले दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया और फिर मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। इस दौरान उसने भावुक होकर कहा कि “मिट्टी में भाइयों को आने दिया जाए।” उसके पहुंचने के बाद पुलिस ने पंचनामा भरने की कार्रवाई पूरी कर शवों का पोस्टमॉर्टम कराया। अहजम ने पुलिस को तहरीर भी सौंपी है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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सोनू दुबई से लौटकर कर रहा था ट्रेलर का काम
सोनू का शव लेने उसके जीजा मध्य प्रदेश के सतना से झांसी पहुंचे। उन्होंने बताया कि सोनू कुछ समय पहले ही दुबई से भारत लौटा था और यहां ट्रेलर संचालन का काम कर रहा था। कांवड़ यात्रा के चलते काम प्रभावित होने के कारण वह अपने दोस्तों के साथ झांसी जा रहा था, लेकिन रास्ते में हादसे का शिकार हो गया।
अतीक परिवार पर एक और बड़ा संकट
अबान अहमद माफिया अतीक अहमद का सबसे छोटा बेटा था। अतीक के कुल पांच बेटे थे। वर्ष 2023 में उसका बेटा असद अहमद झांसी में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। वर्तमान में बड़ा बेटा उमर लखनऊ जेल में और दूसरा बेटा अली झांसी जेल में बंद है। अबान से बड़ा भाई अहजम पढ़ाई कर रहा है। अबान की मौत के बाद परिवार पर एक और बड़ा दुख टूट पड़ा है।

Sunny Singh उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध और स्थानीय समाचारों को कवर करने वाले पत्रकार हैं। उन्हें डिजिटल पत्रकारिता और समाचार लेखन का लगभग 4 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने India Update 24 और Hind 24 में कार्य किया है। वर्तमान में वे UP News 24 की डिजिटल डेस्क पर कार्यरत हैं।
