आजम खान की मुश्किलें फिर बढ़ीं: जौहर ट्रस्ट से 500 करोड़ की वसूली की तैयारी, ED भी कसेगा शिकंजा!

Azam Khan News: जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद आजम खान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। आयकर विभाग 500 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की तैयारी में है।


September 15, 2026 by

Azam Khan Jauhar Trust: उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान और उनके परिजनों से जुड़े जौहर ट्रस्ट की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं। ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने के बाद अब आयकर विभाग ने उस पर कर, जुर्माने और ब्याज की वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में प्रकरण को आगे की कार्रवाई और अंतिम निस्तारण के लिए नई दिल्ली स्थित आयकर विभाग के मुख्यालय भेजा गया है।

सूत्रों के मुताबिक, जौहर ट्रस्ट से 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की वसूली की संभावना जताई जा रही है। विभागीय जांच में ट्रस्ट के पास करीब 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय के निवेश से संबंधित तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, वसूली की अंतिम राशि और कार्रवाई का स्वरूप विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद अब टैक्स वसूली की तैयारी

income tax department

राजधानी लखनऊ स्थित आयकर विभाग ने बीते दिनों जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था। यह कार्रवाई ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों में सामने आई अनियमितताओं और उसके संचालन से जुड़े कई गंभीर सवालों के आधार पर की गई थी। अब रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद विभाग का फोकस ट्रस्ट की अघोषित आय पर कर निर्धारण और उससे जुड़ी देनदारियों की वसूली पर है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों की जांच के दौरान बड़ी रकम के निवेश और आय के स्रोतों को लेकर सवाल उठे थे। इसी आधार पर अब आयकर कानून के तहत कर और अन्य देनदारियों का आकलन किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

450 करोड़ की अघोषित आय पर 30 फीसदी जुर्माने की चर्चा

बताया जा रहा है कि विभाग करीब 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय से जुड़े मामले में 30 फीसदी जुर्माने के साथ आयकर और उस पर लागू ब्याज की वसूली की तैयारी कर रहा है। यदि विभागीय आकलन में यह रकम और उससे जुड़ी देनदारी पुष्ट होती है, तो कुल वसूली की राशि 500 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच सकती है।

हालांकि, अंतिम रकम आयकर विभाग द्वारा किए जाने वाले मूल्यांकन, लागू प्रावधानों और मामले के निस्तारण पर निर्भर करेगी। फिलहाल प्रकरण मुख्यालय भेजे जाने के बाद आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

ट्रस्ट को पक्ष रखने के कई मौके

आयकर विभाग की कार्रवाई के पीछे ट्रस्ट से जुड़ी कई वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का हवाला दिया गया है। विभाग ने ट्रस्ट को अपना पक्ष रखने और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कई अवसर दिए थे। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों के अनुसार, ट्रस्ट की ओर से ऐसे पर्याप्त और पुख्ता प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिनसे उठे सवालों का संतोषजनक समाधान हो सके।

जांच के दौरान फर्जी तरीके से ट्रस्टी बनाए जाने, संदिग्ध लोगों से चंदा लेने और ट्रस्ट की गतिविधियों में सरकारी धन के इस्तेमाल जैसे आरोपों से जुड़े बिंदुओं की भी जांच की गई थी।

सरकारी फंड पर भी नजर

Mohammad Ali Jauhar University Rampur

जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में एक प्रमुख मुद्दा यह भी बताया जा रहा है कि सरकारी विभागों से प्राप्त धन का इस्तेमाल जौहर यूनिवर्सिटी की इमारतों के निर्माण में किया गया। इसी आधार पर अब राज्य सरकार की ओर से भी संबंधित सरकारी धन की वसूली की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

यदि जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित विभाग अपने स्तर पर वित्तीय वसूली की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। इससे ट्रस्ट और उससे जुड़े लोगों पर कानूनी और आर्थिक दबाव और बढ़ने की संभावना है।

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ईडी की पूछताछ जारी

दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी भी जौहर ट्रस्ट से जुड़े लोगों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रहा है। हाल के दिनों में ईडी ने जिन लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी, उन्हें अब बारी-बारी से राजधानी स्थित जोनल कार्यालय बुलाकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।

ईडी की जांच में ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों और सरकारी धन के इस्तेमाल से संबंधित पहलुओं को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि धन का प्रवाह किन माध्यमों से हुआ और उससे किन लोगों या संस्थाओं को लाभ पहुंचा।

संपत्ति जब्ती की तैयारी

प्रवर्तन निदेशालय

सूत्रों के अनुसार, ईडी जल्द ही जौहर ट्रस्ट से जुड़ी उन इमारतों के संबंध में कार्रवाई कर सकता है, जिनके निर्माण में सरकारी विभागों के धन के इस्तेमाल का आरोप है। जांच में यदि इन संपत्तियों का संबंध वित्तीय अनियमितताओं से स्थापित होता है, तो उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

इसके अलावा, आजम खान और उनके परिजनों से जुड़ी चल-अचल संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इन संपत्तियों का संबंध अवैध धन, संदिग्ध निवेश या वित्तीय अनियमितताओं से तो नहीं है।

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आयकर और ईडी की कार्रवाई से बढ़ेगा दबाव

जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद अब आयकर विभाग की प्रस्तावित कर वसूली और ईडी की जांच ने मामले को और गंभीर बना दिया है। एक ओर जहां आयकर विभाग अघोषित आय से जुड़े कर, जुर्माने और ब्याज की वसूली की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर ईडी संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रहा है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि नई दिल्ली स्थित आयकर मुख्यालय में प्रकरण का निस्तारण कब होता है और विभाग जौहर ट्रस्ट पर कितनी देनदारी तय करता है। साथ ही, ईडी की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी।

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