UP Politics News: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन का माहौल बेहद गर्म रहा। विपक्ष के जोरदार विरोध, नारेबाजी और हंगामे के बीच राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। विपक्ष लगातार विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर रहा, जबकि सरकार ने विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट की आवश्यकता बताई। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और अंततः बुधवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
विपक्ष के विरोध के बीच वित्त मंत्री ने पेश किया बजट
सदन में शोर-शराबे और नारेबाजी के बावजूद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने शून्यकाल के दौरान अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। सरकार के अनुसार यह बजट प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाओं, आधारभूत ढांचे के विस्तार, ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत बनाने, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सरकार का दावा है कि यह अतिरिक्त बजट प्रदेश के आर्थिक विकास को नई दिशा देगा।
विधानसभा अध्यक्ष का कड़ा रुख, SP विधायक पर बड़ी कार्रवाई
लगातार वेल में आकर नारेबाजी करने और सदन की कार्यवाही बाधित करने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए निष्कासित कर दिया। इतना ही नहीं, विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव एथिक्स कमेटी को भेजने की चेतावनी भी दी। इस कार्रवाई के बाद सदन का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
ये भी पढ़ें: मदरसा कहीं भी हो, आतंकवाद ही पैदा करता है: केशव प्रसाद मौर्य के बयान से यूपी की सियासत में मचा भूचाल
विपक्ष पर जमकर बरसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

विपक्ष के लगातार विरोध के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के रवैये की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर नियमों के तहत चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष का उद्देश्य केवल सदन की कार्यवाही को बाधित करना और जनता के समय को बर्बाद करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और यहां जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष के व्यवहार को असंवैधानिक और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह का रवैया प्रदेश की 25 करोड़ जनता के हितों के खिलाफ है।
मार्शलों और विधायकों के बीच हुई धक्का-मुक्की
हंगामा उस समय और बढ़ गया जब विपक्षी विधायक वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मार्शलों और विपक्षी विधायकों के बीच धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। बढ़ते विवाद को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी।
59,019 करोड़ के अनुपूरक बजट में किन क्षेत्रों को मिला सबसे ज्यादा पैसा
सरकार द्वारा पेश किए गए अनुपूरक बजट में कुल 59,019.54 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें 17,399 करोड़ रुपये राजस्व व्यय तथा 41,620 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं।
सरकार ने इस बजट में औद्योगिक विकास, ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, ऊर्जा उत्पादन, स्वास्थ्य सेवाओं, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को प्राथमिकता दी है। इसके अलावा प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, नए एक्सप्रेसवे बनाने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
इन विभागों को मिला सबसे बड़ा बजट आवंटन
अनुपूरक बजट में सबसे अधिक राशि भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग को दी गई है, जिसके लिए 22,107.88 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके बाद ग्राम्य विकास विभाग को 17,942.73 करोड़ रुपये, ऊर्जा विभाग को 7,422.27 करोड़ रुपये, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 2,025 करोड़ रुपये, समाज कल्याण विभाग को 1,655 करोड़ रुपये, महिला कल्याण विभाग को 1,094.40 करोड़ रुपये तथा लोक निर्माण विभाग के लिए 700.01 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन विभागों में अतिरिक्त निवेश से रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
राम मंदिर और छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष का हमला
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के विधायकों ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद और छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। विपक्षी विधायक वेल में पहुंच गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। विपक्ष का आरोप था कि सरकार जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
ये भी पढ़ें: मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा का BJP पर हमला, बोलीं- क्या साधु का कॉपीराइट इनके पास है?
शिवपाल सिंह यादव ने सरकार की वित्तीय नीति पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने अनुपूरक बजट को लेकर सरकार की वित्तीय रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सरकार अपने मूल बजट का 30 से 50 प्रतिशत हिस्सा ही प्रभावी ढंग से खर्च नहीं कर पाई, तब अतिरिक्त बजट लाने का औचित्य समझ से परे है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि सरकार को पहले मौजूदा बजट के उपयोग और वित्तीय पारदर्शिता पर जवाब देना चाहिए। साथ ही उन्होंने रामलला के दरबार में चढ़ावे को लेकर उठे सवालों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि जनता सरकार से जवाबदेही की अपेक्षा करती है।
बजट के साथ बढ़ी सियासी गर्माहट
59,019 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट ने जहां प्रदेश की विकास योजनाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट की हैं, वहीं विपक्ष ने इसे सरकार की वित्तीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का अवसर बनाया है। मानसून सत्र के शुरुआती दिनों में ही सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट देखने को मिली है। आने वाले दिनों में बजट पर चर्चा के दौरान दोनों पक्षों के बीच और अधिक तीखी बहस होने की संभावना है।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।
