टूटी हड्डी, खाली जेब और रुका ऑपरेशन, रामपुर के दिव्यांग की दर्दभरी कहानी आपको भावुक कर देगी

Rampur News: रामपुर के दिव्यांग ललता प्रसाद का आयुष्मान कार्ड अब तक नहीं बनने से उनका जरूरी ऑपरेशन रुका हुआ है। आर्थिक तंगी के कारण इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ ललता प्रसाद ने जिलाधिकारी से जल्द आयुष्मान कार्ड जारी कर निशुल्क इलाज उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।


August 5, 2026 by

Rampur News Today: रामपुर जिले के ग्राम काशीपुर निवासी दिव्यांग ललता प्रसाद ने आयुष्मान भारत योजना का लाभ न मिलने के कारण अपना ऑपरेशन रुक जाने की शिकायत जिलाधिकारी से की है। उनका कहना है कि कई बार प्रयास करने के बावजूद अब तक आयुष्मान कार्ड जारी नहीं किया गया, जिससे उन्हें सरकारी योजना के तहत मिलने वाली निशुल्क उपचार सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वह निजी अस्पताल या अन्य माध्यमों से इलाज कराने में भी असमर्थ हैं। ऐसे में उन्होंने जिला प्रशासन से शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।

सड़क हादसे के बाद बढ़ी परेशानी

ललता प्रसाद ने बताया कि कुछ समय पहले वह सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। हादसे में उनके पैर की हड्डी गंभीर रूप से टूट गई थी। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद तुरंत ऑपरेशन कराने की सलाह दी थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण समय पर उपचार संभव नहीं हो सका। इलाज में हुई देरी के चलते उनकी शारीरिक स्थिति लगातार प्रभावित होती गई और दर्द भी बढ़ता गया।

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सीमित आय के कारण इलाज कराना मुश्किल

दिव्यांग होने के कारण ललता प्रसाद पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। परिवार की आय सीमित होने से रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में लाखों रुपये तक पहुंचने वाले इलाज और ऑपरेशन का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं है। उनका कहना है कि यदि समय पर आयुष्मान कार्ड बन जाता, तो वह सरकार की स्वास्थ्य योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ उठा सकते थे।

कई बार आवेदन के बाद भी नहीं बना कार्ड

कई बार आवेदन के बाद भी नहीं बना कार्ड

पीड़ित के अनुसार उन्होंने आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए कई बार आवेदन किया और संबंधित अधिकारियों से संपर्क भी किया, लेकिन अब तक उनका कार्ड जारी नहीं हुआ। बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं निकल पाया। उनका कहना है कि सरकारी योजना का लाभ मिलने में हो रही देरी सीधे उनके स्वास्थ्य पर असर डाल रही है।

जांच में सामने आई दूसरी गंभीर समस्या

ललता प्रसाद ने बताया कि उनका पहले एक ऑपरेशन कराया जा चुका है, लेकिन बाद में हुई चिकित्सकीय जांच में यह पता चला कि एक अन्य हड्डी भी क्षतिग्रस्त है। डॉक्टरों ने दूसरी सर्जरी कराने की सलाह दी है। यदि समय रहते ऑपरेशन नहीं कराया गया तो भविष्य में चलने-फिरने में और अधिक परेशानी हो सकती है। लगातार दर्द और शारीरिक तकलीफ के कारण उनका सामान्य जीवन भी प्रभावित हो गया है।

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जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार

जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार

अपनी समस्या को लेकर ललता प्रसाद ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर जल्द से जल्द उनका आयुष्मान कार्ड जारी कराया जाए, ताकि आयुष्मान भारत योजना के तहत उनका निशुल्क इलाज और ऑपरेशन कराया जा सके। उन्होंने अपने आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज भी संलग्न किए हैं, जिससे प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार

फिलहाल यह मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में है। अब पीड़ित और उसके परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेगा और आयुष्मान कार्ड जारी होने के बाद उनका ऑपरेशन कराया जा सकेगा। समय पर इलाज मिलने से न केवल उनकी शारीरिक परेशानी कम होगी, बल्कि वह सामान्य जीवन की ओर भी लौट सकेंगे। अब सभी की नजर जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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