बिजनौर में बाढ़ जैसे हालात: 6 गांवों में 3 फीट तक जलभराव, ट्रैक्टर-ट्रॉली से आवाजाही करने को मजबूर ग्रामीण

Bijnor News: यूपी के बिजनौर में गंगा के उफान से 6 गांव प्रभावित हुए हैं। सड़कों पर 3 फीट तक पानी भरने से रास्ते बंद हैं और ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली के सहारे आवाजाही कर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है और राहत केंद्र सक्रिय कर दिए गए हैं।


August 1, 2026 by

Chandpur Bijnor News Today: बिजनौर जिले में गंगा नदी लगातार तीसरे दिन भी उफान पर बनी हुई है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे चांदपुर तहसील के खादर क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। नदी का पानी अब आधा दर्जन से अधिक गांवों में घरों तक पहुंच चुका है, जबकि आसपास के कई अन्य गांवों पर भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।

6 गांवों में घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी

6 गांवों में घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी

गंगा का पानी मीरापुर सीकरी, जलालपुर खादर, रायपुर खादर, जमालुद्दीनपुर, स्याली और दत्तियाना गांवों तक पहुंच गया है। कई स्थानों पर पानी आबादी के बिल्कुल नजदीक पहुंच चुका है। ग्रामीणों के घरों के आसपास पानी भरने से लोगों में चिंता का माहौल है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोग अपने जरूरी सामान और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हुए हैं।

12 गांवों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा

बाढ़ का असर केवल प्रभावित गांवों तक ही सीमित नहीं है। मीरापुर सीकरी, स्याली, रायपुर खादर, नारनौर समेत करीब 12 गांव ऐसे हैं, जहां गंगा का बढ़ता जलस्तर खतरे की घंटी बन चुका है। यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहती है या गंगा का जलस्तर और बढ़ता है, तो इन गांवों में भी हालात गंभीर हो सकते हैं। प्रशासन ने इन क्षेत्रों को संवेदनशील मानते हुए निगरानी बढ़ा दी है।

स्टेट हाईवे तीसरे दिन भी पानी में डूबा

गंगा का पानी कई किलोमीटर तक फैलने से बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे लगातार तीसरे दिन भी जलमग्न रहा। सड़क पर पानी भर जाने के कारण सामान्य यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है, जबकि स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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तीन फीट पानी में डूबे गांवों के मुख्य रास्ते

बाढ़ प्रभावित गांवों के मुख्य संपर्क मार्गों पर करीब तीन फीट तक पानी भर गया है। ऐसे में ग्रामीणों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। गांवों का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से लगभग कटने की स्थिति में पहुंच गया है।

ट्रैक्टर-ट्रॉली बनी ग्रामीणों का सहारा

ट्रैक्टर-ट्रॉली बनी ग्रामीणों का सहारा

सड़कें जलमग्न होने के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली ही लोगों की आवाजाही का प्रमुख साधन बन गई है। ग्रामीण इन्हीं के जरिए जरूरी सामान, दूध, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा रहे हैं। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो खाद्य सामग्री, पेयजल और पशुओं के चारे का संकट भी गहरा सकता है।

एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

चांदपुर के एसडीएम प्रशांत वर्मा ने मीरापुर सीकरी, नारनौर, रायपुर खादर, खानपुर खादर और जमालुद्दीनपुर सहित कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राहत और बचाव व्यवस्था पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।

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ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

एसडीएम प्रशांत वर्मा ने ग्रामीणों से अपील की कि छोटे बच्चों और पशुओं को गंगा नदी के किनारे न जाने दें। उन्होंने कहा कि सभी लोग प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। संभावित खतरे को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

राहत केंद्र सक्रिय, हालात पर लगातार नजर

प्रशासन के अनुसार फिलहाल अधिकांश गांवों में स्थिति नियंत्रण में है, हालांकि रायपुर खादर गांव में गंगा का पानी आबादी के काफी नजदीक पहुंच चुका है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ राहत केंद्रों को सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन जलस्तर की हर घंटे निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी पूरी कर चुका है। ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील की गई है।

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