बिजनौर में हरिद्वार मार्ग पर बह रहा मालन का पानी, हजारों बीघा फसल प्रभावित

Bijnor News: बिजनौर में पहाड़ों पर लगातार बारिश के बाद मालन नदी उफान पर है। नदी का पानी हरिद्वार मार्ग पर करीब एक फुट तक बह रहा है, जबकि हजारों बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं। जलस्तर बढ़ने पर यातायात बंद कर रूट डायवर्जन की स्थिति बन सकती है।


August 19, 2026 by

Bijnor News Today: बिजनौर जिले में पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। मालन नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नदी अपनी सामान्य धारा से कई किलोमीटर तक फैल गई है। नदी का पानी आसपास के खेतों में घुस गया है, जिससे हजारों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। हरिद्वार मार्ग पर भी मालन का पानी पहुंचने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।

हरिद्वार मार्ग पर पानी

बुधवार तड़के मालन नदी का पानी गांव गजरौला शिव के सामने हरिद्वार मार्ग पर उतर आया। सड़क पर करीब एक फुट तक पानी बह रहा है। पानी का बहाव लगातार बढ़ता रहा तो इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ सकती है। इससे बिजनौर और हरिद्वार के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

रपटे पर भी बढ़ा जलस्तर

मालन के बढ़ते जलस्तर का असर रावली-शहजादपुर रपटे पर भी दिखाई दे रहा है। यहां अभी करीब डेढ़ से दो फीट तक पानी बह रहा है। मंगलवार को पानी रपटे तक पहुंचने के बाद ग्रामीणों की सुविधा के लिए एक बार फिर जोड़े वाली नाव का संचालन शुरू किया गया। आसपास के गांवों के लोगों को रपटा पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

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खेतों में भरी नदी की धार

मालन नदी का पानी आसपास के कई गांवों के खेतों में भर गया है। हजारों बीघा कृषि भूमि में पानी जमा होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि अभी तक गांवों की आबादी में पानी नहीं पहुंचा है, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन और सिंचाई विभाग की निगरानी के बीच ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।

पहले भी बंद हुआ था मार्ग

पहले भी बंद हुआ था मार्ग

मालन का पानी हरिद्वार मार्ग तक पहुंचने की यह पहली घटना नहीं है। पिछले महीने भी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सड़क पर पानी आ गया था। उस समय हरिद्वार मार्ग पर करीब 24 घंटे तक वाहनों का संचालन बंद करना पड़ा था और यातायात को दूसरे रास्तों से निकाला गया था। मौजूदा हालात में भी जलस्तर बढ़ने पर इसी तरह की स्थिति दोबारा बन सकती है।

सिंचाई विभाग की निगरानी

रपटे और आसपास के क्षेत्र में बढ़ते पानी को देखते हुए सिंचाई विभाग की टीम ने निगरानी तेज कर दी है। टीम मौके पर डेरा डालकर जलस्तर और पानी के बहाव पर नजर रख रही है। अधिकारियों की कोशिश है कि स्थिति बिगड़ने से पहले आवश्यक कदम उठाए जाएं और संवेदनशील स्थानों पर लोगों को सतर्क किया जा सके।

गंगा में भी बढ़ा पानी

मंगलवार रात गंगा नदी में भी जलस्तर अचानक बढ़ गया था। उस दौरान गंगा में दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी दर्ज किया गया, हालांकि यह स्थिति कुछ ही समय तक रही। बुधवार सुबह गंगा में करीब 1.42 लाख क्यूसेक पानी बह रहा था। भीमगौड़ा बैराज से गंगा में करीब 1.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था।

जलीलपुर क्षेत्र में बाढ़ के हालात

गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बावजूद जलीलपुर क्षेत्र में कई दिनों से बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। मालन नदी में पानी बढ़ने के कारण गंगा में भी जलस्तर पर इसका असर पड़ रहा है। नदी और आसपास के जलस्रोतों में बढ़ते पानी को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

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अधिकारी ने दी राहत की जानकारी

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कर्णपाल सिंह के अनुसार बरसात के मौसम में गंगा में इस स्तर का पानी रहना सामान्य है। उन्होंने बताया कि फिलहाल तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। साथ ही भीमगौड़ा बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की कोई सूचना नहीं है। विभाग की टीम हालात पर लगातार नजर रख रही है।

वाहनों पर मंडराया खतरा

हरिद्वार मार्ग पर पानी का स्तर बढ़ने की स्थिति में यातायात को रोकने या रूट डायवर्जन करने की जरूरत पड़ सकती है। सड़क पर तेज बहाव के बीच वाहनों को निकालना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से मार्ग की स्थिति के अनुसार यातायात व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।

ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

मालन नदी के लगातार बढ़ते पानी ने ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है, जबकि ग्रामीण आबादी तक पानी पहुंचने का खतरा भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फिलहाल गांवों में पानी नहीं पहुंचने से राहत है, लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में हालात बदल सकते हैं।

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