95 साल की दादी की आखिरी इच्छा: 25 पोतों ने पालकी में बिठाकर कराई अनोखी कांवड़ यात्रा

Kanwar Yatra 2026: 95 वर्षीय सोन देवी की हरिद्वार में गंगा स्नान की वर्षों पुरानी इच्छा उनके 25 पोतों ने पूरी की। पोते उन्हें पालकी में बैठाकर तीर्थ यात्रा पर ले गए और कांवड़ यात्रा के दौरान सेवा-समर्पण की यह तस्वीर लोगों का दिल जीत रही है।


August 8, 2026 by

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा के दौरान जहां हर तरफ भगवान शिव की भक्ति, गंगाजल से भरी कांवड़ और हर-हर महादेव के जयकारे सुनाई दे रहे हैं, वहीं हापुड़ में सामने आई एक तस्वीर ने लोगों का दिल जीत लिया। यहां 95 वर्षीय सोन देवी की वर्षों पुरानी हरिद्वार जाकर मां गंगा में स्नान करने की इच्छा को उनके 25 पोतों ने अपना संकल्प बना लिया।

बुजुर्ग दादी के लिए उनके पोते न सिर्फ उन्हें हरिद्वार लेकर गए, बल्कि गंगा स्नान कराने के बाद पालकी में बैठाकर वापस गांव की ओर लेकर लौट रहे हैं।

दादी बनीं यात्रा की सबसे खास कांवड़िया

बुलंदशहर के हसनपुर जागीर की रहने वाली 95 वर्षीय सोन देवी उम्र के इस पड़ाव पर खुद लंबी तीर्थ यात्रा करने में सक्षम नहीं थीं। इसके बावजूद उनके मन में हरिद्वार जाकर मां गंगा के दर्शन और गंगा स्नान करने की वर्षों पुरानी इच्छा थी। परिवार के युवाओं ने जब उनकी इच्छा के बारे में जाना तो उन्होंने इसे सिर्फ एक इच्छा नहीं रहने दिया, बल्कि उसे पूरा करने का फैसला किया। करीब 25 पोते एक साथ आगे आए और दादी को पालकी में बैठाकर हरिद्वार ले गए।

25 पोतों ने उठाया दादी का भार

हरिद्वार पहुंचने के बाद सोन देवी ने मां गंगा में स्नान किया और भगवान शिव की भक्ति के साथ कांवड़ यात्रा का अनुभव लिया। इसके बाद जब वापस लौटने की बारी आई तो पोतों ने दादी को पैदल चलने की परेशानी से बचाने के लिए पालकी का सहारा लिया। करीब 25 पोते बारी-बारी से पालकी को अपने कंधों पर उठाकर आगे बढ़ते रहे। इस दौरान सोन देवी पालकी में बैठकर हाथ जोड़ती रहीं और भोलेनाथ का जयघोष करती नजर आईं।

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मेरठ रोड पर थम गए राहगीरों के कदम

हापुड़ नगर क्षेत्र के मेरठ रोड पर जब यह परिवार पहुंचा तो सड़क से गुजर रहे लोगों की नजर पालकी पर बैठी बुजुर्ग महिला और उसे कंधे पर उठाए युवाओं पर टिक गई। कुछ देर के लिए राहगीरों के कदम थम गए। लोगों ने इस दृश्य को देखा तो कई लोग भावुक हो गए। कांवड़ यात्रा के शोर और उत्साह के बीच दादी की सेवा करते पोतों की यह तस्वीर लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई।

‘महाकाल ग्रुप’ के नाम से निकले पोते

95 year old grandmother kanwar yatra 2026

जानकारी के मुताबिक, परिवार के करीब 25 पोते ‘महाकाल ग्रुप’ के नाम से कांवड़ यात्रा पर निकले हैं। उनका कहना है कि दादी की इच्छा थी कि वह हरिद्वार जाकर गंगा स्नान करें। उम्र अधिक होने के कारण उनके लिए यह यात्रा आसान नहीं थी। ऐसे में पोतों ने तय किया कि दादी को उनकी इच्छा पूरी करने के लिए हरिद्वार जरूर ले जाया जाएगा। परिवार के युवाओं ने इस जिम्मेदारी को मिलकर निभाया और दादी को सुरक्षित तरीके से हरिद्वार ले जाकर गंगा स्नान कराया।

भारतीय संस्कार की दिखी खूबसूरत तस्वीर

आज के दौर में जहां कई बुजुर्ग अकेलेपन और उपेक्षा की शिकायत करते दिखाई देते हैं, वहीं सोन देवी के परिवार की यह पहल बुजुर्गों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की एक अलग तस्वीर पेश करती है। 25 पोतों का अपनी 95 वर्षीय दादी के लिए इस तरह साथ खड़ा होना लोगों को भारतीय परिवार और संस्कारों की याद दिला रहा है। परिवार के सदस्यों ने दादी की इच्छा को अपनी जिम्मेदारी समझकर पूरा किया।

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दादी की यात्रा में पोते बने ‘श्रवण कुमार’

परिवार के युवाओं की इस पहल को देखकर लोग उन्हें श्रवण कुमार की मिसाल से जोड़ रहे हैं। जिस तरह पौराणिक कथा में श्रवण कुमार अपने माता-पिता को तीर्थ यात्रा कराने के लिए उन्हें कंधे पर लेकर निकले थे, उसी तरह सोन देवी के 25 पोते भी अपनी दादी की तीर्थ यात्रा पूरी कराने में जुटे हैं। हालांकि यह तुलना लोगों की भावनाओं और परिवार के प्रति उनके समर्पण को व्यक्त करने के लिए की जा रही है।

कांवड़ यात्रा में याद रह जाएंगी ये तस्वीरें

हापुड़ की यह घटना सिर्फ कांवड़ यात्रा और धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। 95 साल की सोन देवी की इच्छा को पूरा करने के लिए 25 पोतों का एकजुट होना परिवार, संस्कार और बुजुर्गों के सम्मान की ऐसी तस्वीर पेश करता है, जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। पालकी में बैठी दादी और उसे कंधों पर उठाकर चलते पोतों की तस्वीर ने कांवड़ यात्रा के बीच सेवा और समर्पण का संदेश भी दिया है।

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