UP News In Hindi: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले अनुपूरक बजट के जरिए चुनावी साल में विकास और जनकल्याण पर बड़ा दांव खेला है। 59,019.54 करोड़ रुपये के इस अनुपूरक बजट को विधानमंडल के दोनों सदनों से मंजूरी मिल चुकी है। इस बजट में किसानों, युवाओं, ग्रामीण विकास, औद्योगिक निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, सड़क, आईटी और कृषि क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरकार का दावा है कि यह बजट केवल अतिरिक्त खर्च का दस्तावेज नहीं बल्कि प्रदेश के समग्र विकास का रोडमैप है।
युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार पर विशेष फोकस
अनुपूरक बजट में युवाओं की शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों और डिग्री कॉलेजों में टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा इंजीनियरिंग कॉलेजों में नए छात्रावास और आधुनिक परिसर विकसित किए जाएंगे ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
डिजिटल यूपी बनाने की तैयारी
राज्य सरकार डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी तेजी से काम कर रही है। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को 101 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि दी गई है। राज्य डेटा सेंटर की स्थापना के लिए 51 करोड़ रुपये और आईटी सदन के निर्माण के लिए 50.02 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ना और आईटी सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
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गांवों तक पहुंचेगी डिजिटल सुविधा

सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का फैसला लिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों और युवाओं को डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी। साथ ही प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत रसोइयों के मानदेय के लिए भी अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया गया है।
युवा कल्याण योजनाओं को मिला नया बल
युवा समग्र विकास योजना, पीआरडी परिवार कल्याण योजना और पीआरडी ड्यूटी भत्ते में भी वृद्धि की गई है। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से लाखों युवाओं को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी तथा रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की शुरुआत की गई है। फिलहाल इस योजना के लिए 20 करोड़ रुपये की प्रतीकात्मक व्यवस्था की गई है। सरकार का कहना है कि विस्तृत कार्ययोजना तैयार होने के बाद इस योजना में और अधिक बजट उपलब्ध कराया जाएगा ताकि आधुनिक खेती और किसानों की आय बढ़ाने पर प्रभावी ढंग से काम किया जा सके।
आलू, प्याज और टमाटर किसानों को राहत
सरकार ने किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से 100 करोड़ रुपये का भामाशाह भाव स्थिरता कोष स्थापित किया है। इस कोष के माध्यम से आलू, प्याज और टमाटर जैसी प्रमुख फसलों के दाम गिरने पर किसानों को राहत देने की योजना बनाई गई है। इससे किसानों को बाजार में होने वाले भारी नुकसान से बचाने की कोशिश होगी।
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कृषि और बागवानी को मिलेगा नया प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लिए 20 करोड़ रुपये, फलदार पौधों की रोपाई के लिए 10 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के लिए 14 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सरदार वल्लभभाई पटेल एग्री इन्फ्रास्ट्रक्चर योजना के लिए 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। नंदबाबा मिशन, डेयरी विकास और मैकेनिकल गन्ना कटाई मशीनों के लिए भी अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है।
भंडारण और खाद्य सुरक्षा पर जोर
सरकार ने निजी शीतगृहों में आलू भंडारण पर अनुदान देने के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। वहीं खाद्य एवं रसद विभाग के लिए 254.88 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट दिया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना और खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष प्रावधान शामिल हैं।
ग्रामीण विकास को मिला सबसे बड़ा हिस्सा
ग्राम्य विकास विभाग को 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि दी गई है। इस राशि का बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार की ग्रामीण विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर खर्च किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य गांवों में सड़क, डिजिटल सेवाएं, पंचायत भवन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का तेजी से विकास करना है।
गांवों में बढ़ेगी आधुनिक सुविधाएं
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, ग्राम सचिवालयों में आधार सेवा केंद्र, डिजिटल ग्राम योजना, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पंचायत उत्सव भवन तथा मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना के लिए भी पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया गया है। इससे गांवों में प्रशासनिक और डिजिटल सुविधाएं पहले से अधिक मजबूत होंगी।
एक्सप्रेसवे किनारे विकसित होंगे औद्योगिक गलियारे
सरकार ने अमरोहा, फिरोजाबाद, अमेठी, सुल्तानपुर, बदायूं, इटावा, हमीरपुर, महोबा, जालौन और उन्नाव सहित 10 स्थानों पर एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने का फैसला किया है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन परियोजनाओं से उद्योगों के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलने की उम्मीद है।
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निवेश बढ़ाने पर सरकार का फोकस
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन को 1500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं एफडीआई और फॉर्च्यून-500 कंपनियों को आकर्षित करने के लिए 1302.61 करोड़ रुपये तथा भारत औद्योगिक विकास योजना के लिए लगभग 496 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को निवेश का प्रमुख केंद्र बनाना है।
सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को रफ्तार
जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए 250 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए 5780 करोड़ रुपये की बड़ी राशि आवंटित की गई है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से परिवहन, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलेगी।
बुनकरों और छोटे उद्योगों को भी मिली राहत
अनुपूरक बजट में फुटवियर, लेदर और नॉन-लेदर उद्योगों के विकास के लिए नई नीति लागू करने की दिशा में बजटीय प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना के लिए 10 करोड़ रुपये और संत कबीरनगर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना के लिए 125 करोड़ रुपये दिए गए हैं। बुनकरों के सामूहिक बीमा की दिशा में भी पहल की गई है।
ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े निवेश की तैयारी

ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए मेजा यूनिट-2 परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये और आरडीएसएस योजना के तहत 6958 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। साथ ही यूपीडा के नए कार्यालय के निर्माण के लिए 119 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
विकास और चुनावी रणनीति का मिला-जुला संदेश
अनुपूरक बजट से साफ संकेत मिलता है कि योगी सरकार चुनावी वर्ष में किसानों, युवाओं, ग्रामीण क्षेत्रों और औद्योगिक निवेश पर विशेष ध्यान देकर विकास की गति तेज करना चाहती है। शिक्षा, डिजिटल सुविधाएं, कृषि, उद्योग, सड़क, ऊर्जा और ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर किए गए बड़े बजटीय प्रावधान सरकार की दीर्घकालिक विकास रणनीति को भी दर्शाते हैं। आने वाले महीनों में इन योजनाओं का जमीन पर कितना प्रभाव दिखाई देता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।
