Sambhal News In Hindi: संभल जिले में वर्षों से उपेक्षा और अतिक्रमण का शिकार रही पौराणिक महिष्मति नदी को उसके पुराने स्वरूप में वापस लाने के लिए प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम बुलडोजर के साथ मैदान में उतरी और नदी की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी। प्रशासन का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाली नदी को फिर से प्रवाहित करना है, ताकि क्षेत्र की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को नया जीवन मिल सके।
अतिक्रमण हटाने के लिए चला बुलडोजर
राजस्व विभाग की टीम ने किसानों और ईंट-भट्ठा संचालकों द्वारा नदी की भूमि पर किए गए कब्जों को हटाना शुरू कर दिया है। कई स्थानों पर नदी के हिस्से में खेती की जा रही थी, जबकि कुछ जगहों पर स्थायी और अस्थायी निर्माण भी पाए गए। बुलडोजर की मदद से इन अवैध कब्जों को हटाया जा रहा है ताकि नदी के मूल मार्ग को पूरी तरह मुक्त कराया जा सके।
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डीएम के निर्देश पर शुरू हुआ विशेष अभियान
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर संभल तहसील क्षेत्र में नदियों के वास्तविक प्रवाह का सत्यापन और पुनरुद्धार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसडीएम विकास चंद्र ने पांच अगस्त को महिष्मति नदी के पुनरुद्धार के लिए राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की। यह टीम लगातार मौके पर पहुंचकर पैमाइश, सीमांकन और अतिक्रमण हटाने का कार्य कर रही है।
आठ किलोमीटर लंबी नदी को मिलेगा नया स्वरूप
प्रशासन के अनुसार महिष्मति नदी की लंबाई लगभग आठ किलोमीटर है। यह नदी गांव खग्गूपुरा, हबीबपुर, रसूलपुर सराय, नरोत्तम सराय और बदायूं दरवाजा से होकर गुजरती है। कभी यह प्राचीन जलधारा चंदायन तक बहती थी, लेकिन समय के साथ इसका अधिकांश हिस्सा नाले में बदल गया। अब प्रशासन इसे दोबारा नदी के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
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दो हेक्टेयर भूमि कराई गई कब्जामुक्त
पैमाइश के दौरान प्रशासन को कई स्थानों पर नदी की जमीन पर अवैध कब्जे मिले। अब तक करीब दो हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान लगातार जारी रहेगा और नदी की पूरी भूमि को खाली कराने के बाद उसके प्राकृतिक स्वरूप को बहाल किया जाएगा।
खोदाई कर लौटाई जाएगी पुरानी चौड़ाई और गहराई
अतिक्रमण हटाने के बाद ग्राम पंचायतों के सहयोग से समतलीकरण और खोदाई का कार्य कराया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि नदी की चौड़ाई और गहराई को उसी रूप में विकसित किया जाए जैसी वह पहले हुआ करती थी। इससे वर्षा जल का बेहतर संरक्षण होगा और भूजल स्तर सुधारने में भी मदद मिलेगी।
सोत नदी से जोड़ने की है बड़ी योजना
महिष्मति नदी के पुनरुद्धार के साथ प्रशासन ने एक और महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। योजना के तहत इस नदी को भवानीपुर स्थित सोत नदी से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। यदि यह योजना सफल होती है तो क्षेत्र में जल प्रवाह बेहतर होगा, सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी है महिष्मति नदी
महिष्मति नदी केवल एक जलधारा नहीं बल्कि संभल की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। मान्यता है कि यह गंगा की एक धारा है और प्राचीन ग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है। संभल के 68 तीर्थों और 19 प्राचीन कूपों की धार्मिक विरासत भी इसी नदी से जुड़ी मानी जाती है। ऐसे में इसके पुनरुद्धार को स्थानीय लोग ऐतिहासिक पहल के रूप में देख रहे हैं।
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गांवों में जारी है कार्रवाई
गुरुवार को राजस्व विभाग की टीम खग्गूपुरा, हबीबपुर और रसूलपुर सराय गांवों में पहुंची, जहां अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया। कब्जा की गई भूमि पर किसानों द्वारा बोई गई फसलों को हटाया गया और नदी की वास्तविक सीमा को चिन्हित किया गया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सहित अन्य राजस्व अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते रहे।
पर्यावरण और जल संरक्षण की दिशा में अहम कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महिष्मति नदी का सफलतापूर्वक पुनरुद्धार हो जाता है तो इससे न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भूजल स्तर सुधरेगा, बाढ़ और जलभराव की समस्या कम होगी तथा क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान भी मजबूत होगी। प्रशासन का यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।
