लखनऊ में जेन-अल्फा छात्रों का प्रदर्शन: शिक्षकों की कमी पर फूटा गुस्सा, मंत्री ने जाना पूरा मामला

Lucknow News: लखनऊ के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में शिक्षकों की कमी से नाराज सैकड़ों छात्र सड़क पर उतर आए और मोहान रोड पर जाम लगा दिया। इसी दौरान मंत्री असीम अरुण ने काफिला रोककर छात्रों की समस्याएं सुनीं।


August 14, 2026 by

Lucknow News Today: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को शिक्षकों की कमी और विद्यालय की व्यवस्थाओं से नाराज जेन-अल्फा पीढ़ी के सैकड़ों छात्र सड़क पर उतर आए। पारा क्षेत्र के मोहान रोड स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के कक्षा 8 से 12 तक के छात्रों ने विद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देखते ही देखते छात्रों ने मोहान रोड पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ और जाम की स्थिति बन गई।

प्रार्थना के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन

छात्रों के मुताबिक विद्यालय में पर्याप्त अध्यापक नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। कई विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं और मौजूदा शिक्षकों की संख्या इतनी कम है कि समय पर पाठ्यक्रम पूरा कर पाना मुश्किल हो रहा है। छात्रों का कहना है कि इस समस्या को लेकर वे कई बार विद्यालय प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन ठोस समाधान नहीं होने के कारण उन्हें मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा।

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मंत्री का काफिला जाम में फंसा तो रुके असीम अरुण

छात्रों का प्रदर्शन चल ही रहा था कि इसी दौरान कन्नौज की ओर जा रहे समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण का काफिला भी जाम में फंस गया। सड़क पर बड़ी संख्या में छात्रों को बैठे देखकर मंत्री ने अपना काफिला रुकवाया और खुद गाड़ी से नीचे उतरकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत शुरू की। उन्होंने छात्रों की बात ध्यान से सुनी और उन्हें समझाकर विद्यालय परिसर में वापस चलने के लिए कहा।

विद्यालय के अंदर छात्रों ने रखीं अपनी समस्याएं

विद्यालय के अंदर छात्रों ने रखीं अपनी समस्याएं

मंत्री के समझाने के बाद प्रदर्शन कर रहे छात्र विद्यालय परिसर में पहुंचे। इसके बाद ऑडिटोरियम में छात्रों और मंत्री के बीच संवाद हुआ। छात्रों ने केवल शिक्षकों की कमी ही नहीं, बल्कि विद्यालय में खेलकूद के सामान की कमी, खराब बिजली व्यवस्था, लाइब्रेरी का पर्याप्त उपयोग नहीं होने और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं को भी सामने रखा। छात्रों ने कहा कि बेहतर सुविधाओं के अभाव में उन्हें पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

NEET-JEE की तैयारी में भी आ रही परेशानी

विद्यालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग से जुड़ी समस्या भी मंत्री के सामने रखी। छात्रों ने बताया कि NEET और JEE जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित कोचिंग में केमिस्ट्री के शिक्षक की कमी है। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को विषय की पढ़ाई में परेशानी हो रही है। छात्रों ने इस कमी को जल्द पूरा करने की मांग की।

शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर विभाग से चल रही बातचीत

विद्यालय प्रशासन के अनुसार संस्थान में कुल छह शिक्षकों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल चार शिक्षक उपलब्ध हैं। प्रिंसिपल विनोद कुमार ने बताया कि केमिस्ट्री, गेम्स और इतिहास जैसे विषयों में शिक्षकों की कमी है। उन्होंने कहा कि नए अध्यापकों की तैनाती को लेकर विभागीय स्तर पर बातचीत चल रही है और जल्द ही शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की उम्मीद है।

अंशकालिक शिक्षकों की नियुक्ति भी बनी चुनौती

छात्रों ने यह भी बताया कि विद्यालय में आठ अंशकालिक शिक्षकों की बहाली से जुड़ा मामला अदालत में चल रहा है। वहीं विद्यालय में फिलहाल चार गेस्ट टीचर उपलब्ध हैं, लेकिन छात्रों का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति के कारण कई बार नियमित पढ़ाई प्रभावित होती है। इन परिस्थितियों के चलते विद्यार्थियों को अपने पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने की चिंता बनी हुई है।

मंत्री ने समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा

छात्रों की शिकायतें सुनने के बाद राज्यमंत्री असीम अरुण ने उन्हें समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं और शिक्षकों की उपलब्धता से जुड़े मुद्दों पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मंत्री के संवाद के बाद छात्रों ने अपना सड़क प्रदर्शन समाप्त कर दिया और विद्यालय परिसर में लौट गए।

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प्रदर्शन ने शिक्षा व्यवस्था पर खड़े किए सवाल

लखनऊ में छात्रों के इस प्रदर्शन ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता और बुनियादी सुविधाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का कहना है कि बेहतर शिक्षा के लिए पर्याप्त शिक्षक, नियमित कक्षाएं और जरूरी संसाधन बेहद महत्वपूर्ण हैं। अब विद्यार्थियों को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों पर जल्द कार्रवाई होगी और विद्यालय में पढ़ाई का माहौल पहले से बेहतर किया जाएगा।

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