Kanpur News in Hindi: उत्तर प्रदेश के कानपुर में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जाजमऊ क्षेत्र की रैदास विहार नई बस्ती में भारी तबाही मचा दी। लगातार हुई तेज बारिश के कारण बस्ती में पानी तेजी से भर गया, जिससे कई मकानों की नींव और दीवारें कमजोर हो गईं। देखते ही देखते करीब 12 मकान भरभराकर ढह गए और उनमें रहने वाले लगभग 25 लोग मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और कई घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि इस हादसे में कई लोग घायल हुए, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई।
बारिश ने बदली बस्ती की तस्वीर
जाजमऊ स्थित रैदास विहार नई बस्ती में मंगलवार शाम अचानक हालात बिगड़ गए। क्षेत्र में तेज बारिश होने के बाद डॉट नाला उफान पर आ गया। नाले का पानी बस्ती की संकरी गलियों में घुस गया और देखते ही देखते पांच से छह फीट तक जलभराव हो गया। पानी का दबाव इतना अधिक था कि कई मकानों की दीवारों में दरारें पड़ गईं और कुछ ही देर में एक के बाद एक लगभग 12 मकान गिर पड़े। हादसे के दौरान कई परिवार घरों के अंदर मौजूद थे, जो अचानक मलबे में दब गए।
चार घंटे तक चला राहत और बचाव अभियान

हादसे की सूचना मिलते ही जाजमऊ पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। संकरी गलियों और भारी जलभराव के कारण राहत कार्य आसान नहीं था। इसके बावजूद करीब चार घंटे तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। टीमों ने मलबा हटाकर एक-एक कर सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को तुरंत निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश लोगों को छुट्टी दे दी गई।
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इन परिवारों के मकान हुए क्षतिग्रस्त
हादसे में नसीम फातिमा, पप्पू पाल, छोटे लाल, मोहम्मद शमशेर, मोहम्मद नजीर, कमलेश कुमारी, खुर्शीदा और मोहम्मद सईद सहित कई परिवारों के मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घरों में रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, राशन और अन्य घरेलू सामग्री पानी और मलबे में दबकर खराब हो गई। कई परिवारों ने अपनी पूरी जिंदगी की जमा-पूंजी कुछ ही मिनटों में बर्बाद होते देखी।
जलभराव से दहशत में लोग छोड़ रहे घर

हादसे के बाद भी बस्ती में पानी भरा रहा, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपने घर खाली कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि मकानों की दीवारों में अब भी दरारें हैं और दोबारा हादसा होने का डर बना हुआ है। नगर निगम की टीम लगातार पानी निकालने का प्रयास कर रही है, लेकिन नाला पूरी तरह साफ न होने के कारण खतरा अभी भी टला नहीं है।
स्थानीय लोगों ने लगाए लापरवाही के आरोप
बस्ती के निवासियों ने प्रशासन और नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डॉट नाले की सफाई को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि यदि नाले की नियमित सफाई होती तो इतना बड़ा जलभराव नहीं होता और मकान गिरने जैसी घटना से बचा जा सकता था।
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नाले पर कब्जों ने बढ़ाई परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार डॉट नाले के आसपास वर्षों से अवैध कब्जे हो चुके हैं। इसी वजह से नाले की चौड़ाई कम हो गई और उसकी सफाई भी ठीक से नहीं हो पाती। हल्की बारिश में भी इस इलाके में पानी भर जाता है, जबकि मंगलवार की तेज बारिश ने हालात को और गंभीर बना दिया। नाला चोक होने के कारण पानी तेजी से बस्ती में भर गया और मकानों की नींव कमजोर पड़ गई।
इन लोगों को सुरक्षित निकाला गया
रेस्क्यू टीम ने हुमैरा, नसीब जहां, राशिद, खुर्शीदा, चांद, बिंदेश्वरी, शाहजहां, माजिद, साजन कुमार, लाली, शाहीन, तौहीद, गोलू, जानकी, मुन्ना लाल, शानू, आयतल, नसरीन, नरगिस, विपिन समेत कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत कार्य के दौरान स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन का सहयोग किया, जिससे सभी लोगों को समय रहते बचाया जा सका।
दो मोटरों से निकाला गया पानी

हादसे के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जलनिकासी का कार्य शुरू कराया। बस्ती से पानी निकालने के लिए दो बड़ी मोटरें लगाई गईं, जो देर रात तक लगातार चलती रहीं। इससे जलभराव में कुछ कमी आई, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाले की सफाई जल्द नहीं हुई तो अगली बारिश में फिर यही स्थिति बन सकती है।
पूरा परिवार हुआ घायल
हादसे में कबाड़ की फेरी लगाने वाले शानू का पूरा परिवार घायल हो गया। शानू, उसकी पत्नी नरगिस, तीन वर्षीय बेटे आयतल और मां नसरीन मकान गिरने के दौरान मलबे में दब गए थे। सभी को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। परिवार के सदस्य अभी भी सदमे में हैं और उनका अधिकांश घरेलू सामान भी नष्ट हो गया।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
यह हादसा एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था और नालों की सफाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोग अब स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने और क्षेत्र की स्थिति का सर्वे कर आगे की कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।

Sunny Singh उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध और स्थानीय समाचारों को कवर करने वाले पत्रकार हैं। उन्हें डिजिटल पत्रकारिता और समाचार लेखन का लगभग 4 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने India Update 24 और Hind 24 में कार्य किया है। वर्तमान में वे UP News 24 की डिजिटल डेस्क पर कार्यरत हैं।






