जौहर यूनिवर्सिटी पर सियासी संग्राम तेज: ध्वस्तीकरण रोकने की मांग, सपा नेताओं ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

Jauhar University Rampur: रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण के विरोध में समाजवादी पार्टी खुलकर छात्रों के समर्थन में उतर आई है। अखिलेश यादव के निर्देश पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और पूर्व मंत्री कमाल अख्तर ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।


July 23, 2026 by

Jauhar University Rampur News: रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के प्रस्तावित आदेश के खिलाफ चल रहे आंदोलन ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे पर खुलकर छात्रों का समर्थन किया है। गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में सपा का प्रतिनिधिमंडल विश्वविद्यालय पहुंचा और छात्रों के आंदोलन के समर्थन में आवाज बुलंद की। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी (डीएम) को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

अखिलेश यादव के निर्देश पर रामपुर पहुंचे नेता

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, पूर्व मंत्री कमाल अख्तर और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता रामपुर पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने पहले विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर छात्रों और विश्वविद्यालय प्रबंधन से मुलाकात की। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की।

धरने पर बैठे छात्रों से की मुलाकात

विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर कई दिनों से छात्र-छात्राएं ध्वस्तीकरण आदेश के विरोध में धरने पर बैठे हैं। सपा नेताओं ने धरनास्थल पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले हजारों छात्रों का भविष्य इस फैसले से प्रभावित हो सकता है, इसलिए सरकार को जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना चाहिए।

बंद कमरे में हुई अहम बैठक

बंद कमरे में हुई अहम बैठक

विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विश्वविद्यालय प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ बंद कमरे में बैठक की। बैठक में ध्वस्तीकरण आदेश, छात्रों के आंदोलन, कानूनी स्थिति और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद नेताओं ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि पार्टी इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाएगी।

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शिक्षा का केंद्र है जौहर यूनिवर्सिटी

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी केवल एक संस्थान नहीं बल्कि शिक्षा का बड़ा केंद्र है। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय के भवनों को गिराने का आदेश उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान से जुड़े फैसले लेते समय वहां पढ़ रहे छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

डीएम को सौंपा गया ज्ञापन

डीएम को सौंपा गया ज्ञापन

प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय से जुड़े मामले का समाधान कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से निकाला जाना चाहिए। साथ ही प्रशासन से पूरे मामले पर निष्पक्ष और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की अपील भी की गई।

संभल, अमरोहा और मुरादाबाद से पहुंचे कार्यकर्ता

सुबह से ही विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर छात्रों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का जमावड़ा शुरू हो गया था। संभल, अमरोहा, मुरादाबाद सहित आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में सपा नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता रामपुर पहुंचे। बरेली-मुरादाबाद रोड स्थित टोल प्लाजा पर एकत्र होने के बाद सभी काफिले के रूप में विश्वविद्यालय पहुंचे, जिससे परिसर के बाहर काफी देर तक हलचल बनी रही।

पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा

कार्यक्रम को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई और पूरे घटनाक्रम पर लगातार निगरानी रखी गई ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

आजम खान के समर्थन में लगे नारे

कार्यक्रम के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री आजम खान के समर्थन में भी नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं छात्रों ने भी दोहराया कि यदि भवनों का ध्वस्तीकरण किया गया तो हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित होगा।

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विधानसभा में भी उठेगा मुद्दा

सपा विधायक नवाब इकबाल महमूद ने कहा कि यदि जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

मामले पर सबकी नजर

जौहर यूनिवर्सिटी के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण को लेकर अब कानूनी, प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है, जबकि समाजवादी पार्टी ने खुलकर उनके समर्थन में उतरकर इस मुद्दे को और अधिक राजनीतिक बना दिया है। अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम और ध्वस्तीकरण से जुड़े निर्णय पर टिकी हुई है।

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