पहले प्रेमिका ने पकड़े हाथ, फिर पति ने घोंट दिया गला, लखनऊ मर्डर केस का दिल दहला देने वाला खुलासा

Lucknow News: लखनऊ के अंजली हत्याकांड में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। आरोप है कि पति ने प्रेमिका के साथ मिलकर पत्नी की हत्या की, शव को गोमती नदी में फेंक दिया और बाद में गुमशुदगी का नाटक रचा।


August 3, 2026 by

Lucknow News Today: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद इलाके में सामने आए अंजली हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में पुलिस जांच के दौरान ऐसा खुलासा हुआ है जिसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए। पुलिस के अनुसार, अंजली की हत्या उसके ही पति उमेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी प्रेमिका आरती वर्मा के साथ मिलकर की। हत्या के बाद दोनों ने सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की, लेकिन एक छोटी सी चूक ने उनकी पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

हत्या की साजिश पहले से थी तैयार

पुलिस जांच में सामने आया कि 30 जुलाई की रात आरोपी उमेंद्र प्रताप सिंह अपनी पत्नी अंजली को स्विफ्ट डिजायर कार में बैठाकर घर से निकला। रास्ते में उसने रहीमाबाद क्षेत्र में सुनसान जगह पर कार रोक दी। वहां पहले से उसकी प्रेमिका आरती वर्मा मौजूद थी। पुलिस के मुताबिक, यह पूरी वारदात पहले से योजनाबद्ध थी और हत्या की साजिश काफी पहले रच ली गई थी।

प्रेमिका ने पकड़े हाथ, पति ने दबाया गला

प्रेमिका ने पकड़े हाथ, पति ने दबाया गला

पूछताछ में आरोपी पति ने पुलिस के सामने कबूल किया कि जब उसने अंजली का गला दबाकर हत्या की, उस समय उसकी प्रेमिका आरती वर्मा ने अंजली के दोनों हाथ मजबूती से पकड़ रखे थे ताकि वह अपना बचाव न कर सके। पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर कार के अंदर ही अंजली की हत्या कर दी। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

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पत्थर बांधकर गोमती नदी में फेंका शव

हत्या के बाद दोनों आरोपी शव को ठिकाने लगाने के लिए इटौंजा क्षेत्र पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने अंजली की साड़ी में बड़ा पत्थर बांधा ताकि शव नदी की गहराई में चला जाए और किसी को उसका पता न चले। इसके बाद पुल से शव गोमती नदी में फेंक दिया गया। हालांकि उनकी योजना सफल नहीं हो सकी।

एक गलती से खुल गया पूरा राज

जांच में सामने आया कि पुल से शव फेंकते समय साड़ी से बंधा पत्थर नीचे गिरते ही खुल गया। इस कारण शव नदी की गहराई में जाने के बजाय किनारे पर ही रह गया। रात का अंधेरा होने की वजह से दोनों आरोपियों को इसका अंदाजा नहीं लगा और वे मौके से फरार हो गए। बाद में शव मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की और धीरे-धीरे पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं।

हत्या के बाद प्रेमिका को दिए 10 लाख के जेवर

रहीमाबाद पुलिस के अनुसार, हत्या करने के बाद उमेंद्र ने अपनी पत्नी के करीब 32 प्रकार के सोने-चांदी के जेवर अपनी प्रेमिका आरती वर्मा को सौंप दिए। इन जेवरों की कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रेमिका के कब्जे से सभी जेवर बरामद कर लिए हैं। इनमें सोने के हार, कंगन, झुमके, नथ और चांदी के कई आभूषण शामिल हैं।

गुमशुदगी का नाटक कर पुलिस को किया गुमराह

हत्या को छिपाने के लिए आरोपी पति ने अगले ही दिन नया खेल खेला। 31 जुलाई को वह रहीमाबाद थाने पहुंचा और पत्नी अंजली की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में उसने लिखा कि उसकी पत्नी घर से जेवर लेकर कहीं चली गई है। पुलिस को गुमराह करने की यह कोशिश ज्यादा देर तक नहीं चल सकी और जांच के दौरान आरोपी खुद अपने बयानों में उलझ गया।

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पुलिस पूछताछ में टूटी साजिश की कड़ी

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या की पूरी कहानी कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने प्रेमिका आरती वर्मा को भी हिरासत में लिया। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में

मृतका अंजली के भाई पुष्पेंद्र ने पुलिस में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में परिवार के अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। रिपोर्ट में चाचा उमेश सिंह, सास गायत्री, चालक सुजीत चौरसिया और कपिल के नाम भी शामिल किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पति का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी उमेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ वर्ष 2020 में हरदोई जिले के लोनार थाने में मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने का मुकदमा दर्ज हो चुका है। अब पुलिस उसके अन्य जिलों में भी आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा है या नहीं।

परिजनों की मांग-सभी दोषियों को मिले सख्त सजा

अंजली के परिवार का कहना है कि केवल पति और उसकी प्रेमिका की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। मृतका के भाई पुष्पेंद्र ने मांग की है कि इस हत्याकांड में शामिल हर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाए ताकि अंजली को न्याय मिल सके। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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