Ghaziabad News Today: गाजियाबाद पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने Just Dial पर फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनियों की प्रोफाइल बनाकर देशभर के लोगों से लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के चार अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा कर्नाटक, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ था। पुलिस का मानना है कि बीते एक वर्ष में इस गिरोह ने एक करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की हो सकती है।
शिकायतों के बाद शुरू हुई कार्रवाई
लगातार मिल रही साइबर ठगी की शिकायतों के बाद मुरादनगर पुलिस और ग्रामीण जोन की स्वाट टीम को मामले की जांच सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल सिम और बैंक खातों की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया। इसी दौरान एक संदिग्ध सिम कार्ड की जानकारी पुलिस को बदायूं तक ले गई। वहां मोबाइल फोन की दुकान चलाने वाले दशमेश से पूछताछ की गई, जिसके बाद पूरे साइबर गिरोह का पर्दाफाश हो गया। पुलिस का कहना है कि एक मामूली लगने वाली सिम से मिली जानकारी ने देशभर में फैले साइबर नेटवर्क का खुलासा कर दिया।
चार आरोपी गिरफ्तार, चार की तलाश जारी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बदायूं के हजरतपुर निवासी दशमेश, फर्रुखाबाद के अमृतनगर निवासी सौरभ सिंह और अभिषेक अवस्थी तथा लखीमपुर खीरी के मितौली निवासी राकेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। वहीं गिरोह के अन्य सदस्य विकास, अजय, सुरजीत और विजय अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। सभी आरोपी 12वीं तक पढ़े-लिखे बताए जा रहे हैं। इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया एक कीपैड मोबाइल फोन और मोबाइल खरीद से जुड़े चार बिल बरामद किए गए हैं।
ये भी पढ़ें: अमरोहा पुलिस ने किए 38 लाख रुपये के 192 गुम मोबाइल बरामद
फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनी बनाकर देते थे सस्ते वाहन का लालच
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सौरभ सिंह इस पूरे गिरोह का तकनीकी काम संभालता था। वह गुजरात और महाराष्ट्र के नाम से फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनियां तैयार करता था और उन्हें Just Dial पर सूचीबद्ध करवा देता था। जब कोई ग्राहक सामान भेजने के लिए संपर्क करता, तो उसे बाजार से कम कीमत में वाहन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया जाता था। आरोपी ग्राहकों का विश्वास जीतने के बाद बुकिंग के नाम पर 10 से 50 प्रतिशत तक एडवांस राशि ऑनलाइन जमा करा लेते थे। जैसे ही पैसा खाते में पहुंचता, आरोपी मोबाइल नंबर बंद कर देते और ग्राहक से हर तरह का संपर्क खत्म कर देते थे।
64 बैंक खातों से चला ठगी का खेल
जांच के दौरान पुलिस को गिरोह से जुड़े 64 बैंक खातों की जानकारी मिली है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन खातों के माध्यम से पिछले एक वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम लोगों से ठगी गई। पुलिस अब इन खातों का लेनदेन खंगाल रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि किन-किन राज्यों के लोग इस साइबर गिरोह का शिकार बने। इसके लिए अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।
ग्रामीणों की पहचान का किया जाता था दुरुपयोग
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ग्रामीण इलाकों के लोगों को लालच देकर उनके नाम पर सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाता था। आरोपियों द्वारा कम कीमत में अधिक रिचार्ज, गिफ्ट और अन्य ऑफर का झांसा देकर लोगों के दस्तावेज हासिल किए जाते थे। एक व्यक्ति के नाम पर दो से तीन सिम कार्ड जारी करा लिए जाते थे। बाद में इन्हीं सिम नंबरों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था। कई लोगों को इस बात की जानकारी तक नहीं होती थी कि उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल अपराध में हो रहा है।
ये भी पढ़ें: खेतों से गायब हो रहे थे स्टार्टर और केबल, अमरोहा पुलिस ने 3 शातिर चोरों को दबोचा
एनएसडीएल बैंकिंग आईडी का भी हुआ इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार आरोपी दशमेश के पास नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) बैंकिंग सेवा की आईडी भी थी। इसी आईडी के जरिए वह ग्रामीणों को गुमराह कर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। एक बैंक खाता खुलवाने के बदले उसे करीब चार हजार रुपये का भुगतान किया जाता था। इन्हीं खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा कराई जाती थी और बाद में अलग-अलग माध्यमों से निकाल ली जाती थी।
कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था और अलग-अलग राज्यों में बैठकर साइबर अपराध को अंजाम देता था। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और फरार साथियों की तलाश के लिए कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है। इसके अलावा बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की गहन जांच की जा रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
डीसीपी ग्रामीण ने क्या कहा?
ग्रामीण जोन के पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि मुरादनगर थाना पुलिस और ग्रामीण स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए Just Dial पर फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनी बनाकर साइबर ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक कीपैड मोबाइल फोन और चार मोबाइल खरीद बिल बरामद हुए हैं। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ इस पूरे साइबर नेटवर्क की वित्तीय और तकनीकी जांच भी कर रही है, ताकि सभी पीड़ितों और आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

Sunny Singh उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध और स्थानीय समाचारों को कवर करने वाले पत्रकार हैं। उन्हें डिजिटल पत्रकारिता और समाचार लेखन का लगभग 4 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने India Update 24 और Hind 24 में कार्य किया है। वर्तमान में वे UP News 24 की डिजिटल डेस्क पर कार्यरत हैं।






