Saharanpur Accident: दीपावली से पहले उजड़ गया पूरा परिवार, कार पर पलटा कंटेनर, मां-बेटे समेत चार की मौत

Saharanpur Accident: देहरादून में दर्दनाक सड़क हादसे में सहारनपुर के कपूर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कार पर कंटेनर पलटने से विश्वेश कपूर, उनकी मां किरण, पत्नी निशा और चालक नीरज की मौत हो गई।


November 5, 2026 • by

Saharanpur Accident News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के एक परिवार के लिए दीपावली की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। जिस घर को कुछ दिन पहले ही त्योहार के लिए रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया था, वहां अब अपनों को खोने का गम पसरा हुआ है। देहरादून में एक दर्दनाक सड़क हादसे में कपूर परिवार के तीन सदस्यों और कार चालक की मौत हो गई। हादसे में परिवार का छह वर्षीय मासूम बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया है।

गर्भवती बहू का हाल जानने निकला था परिवार

जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर के कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र की गोकुल एनक्लेव कॉलोनी निवासी कपूर परिवार बुधवार को देहरादून के लिए निकला था। परिवार के सदस्य वहां रह रहे छोटे बेटे दीपेश कपूर की गर्भवती पत्नी का हाल जानने जा रहे थे। इस सफर में विश्वेश कपूर के साथ उनकी मां किरण, पत्नी निशा और छह वर्षीय बेटा माहेर भी मौजूद थे। कार चलाने के लिए परिवार ने किराए पर चालक नीरज को रखा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि अपनों से मिलने की यह यात्रा जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगी।

देहरादून पहुंचते ही कार पर पलटा कंटेनर

देहरादून पहुंचते ही कार पर पलटा कंटेनर

बताया जा रहा है कि परिवार की कार जैसे ही देहरादून में दाखिल हुई, तभी एक कंटेनर कार के ऊपर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि कार में सवार लोग इसकी चपेट में आ गए। दुर्घटना में विश्वेश कपूर, उनकी मां किरण, पत्नी निशा और चालक नीरज की मौत हो गई। वहीं, छह वर्षीय बेटा माहेर गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हादसे ने एक ही परिवार की कई जिंदगियां छीन लीं। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।

सहारनपुर में अधिवक्ता थे विश्वेश कपूर

विश्वेश कपूर सहारनपुर में सेल टैक्स के अधिवक्ता थे। उनका कार्यालय कोर्ट रोड पर स्थित है। वह दो भाइयों में बड़े थे। उनका छोटा भाई दीपेश कपूर देहरादून में रहकर बिल्डर का काम करता है। परिवार सहारनपुर के कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र में जीपीओ रोड के पास गोकुल एनक्लेव कॉलोनी में रहता था। विश्वेश का एक छह वर्षीय बेटा माहेर है। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, सभी लोग एक-दूसरे से जुड़े हुए थे और परिवार में आने वाली नई खुशियों का इंतजार कर रहे थे।

नए घर में बसाए थे कई सपने

कपूर परिवार पहले सहारनपुर के मिशन कंपाउंड में रहता था। वर्ष 2004 में परिवार वहीं रह रहा था। करीब चार साल पहले ही उन्होंने गोकुल एनक्लेव कॉलोनी में अपना नया घर बनाया और वहां शिफ्ट हुए थे। इस घर में परिवार ने नई जिंदगी की शुरुआत की थी। त्योहारों पर घर को सजाना और परिवार के साथ खुशियां मनाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। लेकिन देहरादून में हुए हादसे ने परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया।

रोशनी से जगमग घर में अब पसरा सन्नाटा

दीपावली का त्योहार नजदीक है। बाजारों से लेकर घरों तक त्योहार की तैयारियां चल रही हैं। कपूर परिवार ने भी दीपावली को लेकर खास तैयारियां की थीं। पड़ोसी प्रदीप के मुताबिक, विश्वेश ने तीन दिन पहले ही झालरें खरीदकर पूरे घर को रोशनी से सजा दिया था। उन्होंने घर में आतिशबाजी भी की थी। परिवार को त्योहार साथ मनाने की उम्मीद थी, लेकिन हादसे ने सबकुछ बदल दिया। जिस घर में कुछ दिन पहले दीपावली की रौनक थी, वहां अब चार लोगों की मौत के बाद मातम छाया हुआ है।

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मिलनसार स्वभाव के थे विश्वेश कपूर

विश्वेश कपूर और उनके परिवार के असमय चले जाने से गोकुल एनक्लेव के लोग स्तब्ध हैं। पड़ोसी प्रदीप ने बताया कि विश्वेश बेहद मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। वह सभी से हंसकर मिलते थे और पड़ोसियों के साथ उनका व्यवहार काफी अच्छा था। किसी से भी मुलाकात होने पर वह आत्मीयता से बातचीत करते थे। उनकी मौत की खबर से कॉलोनी के लोग गहरे सदमे में हैं। पड़ोसियों का कहना है कि विश्वेश के व्यवहार और उनकी यादों को लंबे समय तक भुलाया नहीं जा सकेगा।

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दीपावली से पहले परिवार की खुशियां मातम में बदलीं

कपूर परिवार में एक तरफ दीपावली की तैयारियां चल रही थीं तो दूसरी तरफ परिवार में आने वाले नए सदस्य को लेकर उत्साह था। किरण अपने छोटे बेटे के परिवार से मिलने जा रही थीं। लेकिन देहरादून में हुए इस दर्दनाक हादसे ने परिवार के चार सदस्यों को हमेशा के लिए छीन लिया। सहारनपुर स्थित घर में अब त्योहार की रोशनी के बजाय अपनों को खोने का दुख है। छह वर्षीय माहेर के घायल होने की खबर ने इस त्रासदी को और भी पीड़ादायक बना दिया है। पूरे इलाके में इस हादसे को लेकर शोक का माहौल है।

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