रोने वाला भी कोई नहीं बचा… प्रतापगढ़ में ढह गया 100 साल पुराना घर, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत

Pratapgarh News House Collapse: प्रतापगढ़ में एक ही पल में उजड़ गया पूरा परिवार! 100 साल पुराना मकान बारिश के बीच अचानक भरभराकर गिरा और माता-पिता, बेटा-बहू समेत दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। आखिर कैसे हुआ यह दिल दहला देने वाला हादसा? पढ़ें पूरी खबर।


August 6, 2026 by

Pratapgarh News House Collapse Hindi: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में बुधवार देर रात दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। लगातार हो रही बारिश के बीच नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली मोहल्ले में स्थित करीब 100 साल पुराना मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय घर के सात सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे। देखते ही देखते छत और दीवारें ढह गईं और पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया। इस हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई, जबकि एक सदस्य गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है।

AC वाले कमरे में सोया था परिवार

बताया जा रहा है कि बुधवार रात बारिश के बावजूद गर्मी और उमस काफी अधिक थी। इसी वजह से परिवार के सभी सदस्य घर के उस कमरे में सो रहे थे, जहां एयर कंडीशनर (AC) लगा हुआ था। देर रात अचानक मकान की पुरानी छत और दीवारें एक साथ गिर गईं। किसी को संभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी।

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मलबे से निकाले गए सभी लोग

घटना की सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस, स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गया। स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। घंटों की मशक्कत के बाद मलबे में दबे सभी सात लोगों को बाहर निकाला गया और अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक सदस्य का इलाज जारी है। प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।

माता-पिता, बेटा-बहू और दो मासूम बच्चों की गई जान

माता-पिता, बेटा-बहू और दो मासूम बच्चों की गई जान

इस दर्दनाक हादसे में मकान मालिक प्रमोद श्रीवास्तव (60), उनकी पत्नी रीता श्रीवास्तव (55), बेटे नितिन श्रीवास्तव (25), बहू माधुरी श्रीवास्तव (23), दो वर्षीय पोते माधव और महज चार महीने के मासूम अद्विक की मौत हो गई। एक ही परिवार के छह लोगों की मौत से पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। लोगों का कहना है कि कुछ ही पलों में एक हंसता-खेलता परिवार हमेशा के लिए खत्म हो गया।

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पुराने मकानों की सुरक्षा पर उठे सवाल

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पुराने और जर्जर मकानों की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। लगातार हो रही बारिश के कारण कमजोर इमारतों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि ऐसे पुराने मकानों का समय रहते सर्वे और मरम्मत कराई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।

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