Kanwar Yatra 2026: सावन माह की कांवड़ यात्रा को देखते हुए मेरठ में रोडवेज बसों के संचालन में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा लागू किए जा रहे रूट डायवर्जन के कारण 30 जुलाई 2026 से भैंसाली और मेरठ डिपो की अधिकांश बसें अपने पुराने बस अड्डों के बजाय नए स्थानों से संचालित होंगी। यात्रियों को यात्रा से पहले नए बस अड्डों और बदले हुए रूट की जानकारी लेना जरूरी होगा, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पांच अस्थायी बस अड्डों से चलेगी बस सेवा
कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra )के दौरान भारी भीड़ और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भैंसाली और मेरठ डिपो की बसों का संचालन पांच अस्थायी बस अड्डों और सोहराब गेट बस अड्डे से किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ मार्ग पर वाहनों का दबाव कम करना और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित बस अड्डे की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
लंबा सफर होने से बढ़ेगा बस किराया
रूट बदलने के कारण कई बसों को लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। इसी वजह से प्रति किलोमीटर लगभग 1 रुपये 30 पैसे की दर से किराए में वृद्धि की जाएगी। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, दूरी बढ़ने का सीधा असर टिकट की कीमतों पर पड़ेगा। हालांकि किराया बढ़ोतरी केवल उन्हीं मार्गों पर लागू होगी, जहां बसों को डायवर्जन के कारण अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी।
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हरिद्वार और दिल्ली जाने वालों पर असर

मेरठ से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को अब पहले से अधिक किराया देना होगा। वर्तमान में इस रूट का किराया 260 रुपये है, जो बढ़कर 267 रुपये हो जाएगा। वहीं, सोहराब गेट डिपो से संचालित दिल्ली-हरिद्वार मार्ग पर बस का किराया 385 रुपये से बढ़कर 413 रुपये तक पहुंच जाएगा। इससे रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों और श्रद्धालुओं की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
29 जुलाई रात से लागू होगा डायवर्जन
सोहराब गेट डिपो के प्रभारी एआरएम राजीव कुमार और मेरठ डिपो के प्रभारी एआरएम सोमपाल सिंह ने बताया कि प्रशासन के निर्देशानुसार 29 जुलाई की रात से रूट डायवर्जन प्रभावी हो जाएगा। इसके बाद 30 जुलाई की सुबह से सभी प्रभावित रोडवेज बसों का संचालन परिवर्तित मार्गों से शुरू कर दिया जाएगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित रूट और बस अड्डों की जानकारी लेकर ही यात्रा करें।
कुछ रूटों पर मिलेगी राहत
जहां हरिद्वार और दिल्ली रूट का किराया बढ़ेगा, वहीं मेरठ से बागपत, बड़ौत और शामली जाने वाले यात्रियों को राहत मिल सकती है। इन रूटों की बसों का संचालन दिल्ली-देहरादून हाईवे के बाईपास स्थित अस्थायी बस अड्डों से किया जाएगा। इससे बसों की दूरी कम होगी और किराए में मामूली कमी आने की संभावना जताई गई है।
देहरादून रूट के लिए नई व्यवस्था

मेरठ से देहरादून जाने वाली रोडवेज बसों को इस बार बाईपास से संचालित किया जाएगा। इन बसों को दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के माध्यम से निकाला जाएगा, जिससे कांवड़ यात्रा के दौरान शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके। इससे यात्रा अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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ईटीएम मशीन में तुरंत अपडेट होगा किराया
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को अंतिम रूट निर्धारण होने के बाद प्रत्येक मार्ग की अतिरिक्त दूरी का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर नया किराया तय कर तुरंत ईटीएम (इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन) में अपडेट कर दिया जाएगा, ताकि यात्रियों से सही किराया ही लिया जाए और टिकट व्यवस्था में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra ) से पहले बस अड्डा और रूट जरूर जांचें
कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बदली रहेगी। ऐसे में यदि आप हरिद्वार, दिल्ली, देहरादून या अन्य शहरों की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले अपने बस अड्डे, रूट और किराए की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। इससे समय की बचत होगी और यात्रा बिना किसी असुविधा के पूरी हो सकेगी।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।






