Dhanteras 2026: धनतेरस पर चांदी खरीदने उमड़े ग्राहक, कानपुर में इन सिक्कों और मूर्तियों की डिमांड

Dhanteras 2026: कानपुर के सराफा बाजार में चांदी की खरीदारी का ट्रेंड बदल गया है। 1800 रुपये के सिक्कों से लेकर 925 हॉलमार्क वाली एंटीक मूर्तियों और डिजाइनर बर्तनों तक की मांग बढ़ी है।


November 3, 2026 • by

Dhanteras 2026: धनतेरस और दीपावली के त्योहार को लेकर कानपुर के सराफा बाजार में रौनक बढ़ गई है। इस बार चांदी की खरीदारी में ग्राहकों का रुझान पहले के मुकाबले काफी बदलता दिखाई दे रहा है। लोग अब केवल पारंपरिक लक्ष्मी-गणेश के सिक्के और सामान्य मूर्तियां ही नहीं खरीद रहे, बल्कि शुद्धता प्रमाणित सीलपैक सिक्कों, 925 हॉलमार्क वाली एंटीक फिनिश मूर्तियों और डिजाइनर चांदी के बर्तनों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। खास बात यह है कि चांदी के भाव में आई गिरावट के बाद बाजार में वास्तविक खरीदारों की संख्या बढ़ी है।

ब्रांडेड सिक्कों पर बढ़ा ग्राहकों का भरोसा

धनतेरस पर चांदी के सिक्के खरीदने की परंपरा काफी पुरानी है, लेकिन इस बार सिक्कों के वजन और डिजाइन को लेकर ग्राहकों की पसंद बदल गई है। पहले बाजार में एक तोले यानी 11.664 ग्राम के पारंपरिक चांदी के सिक्के अधिक प्रचलित थे। अब इनकी जगह 10 ग्राम के सिक्कों की मांग बढ़ रही है।

कानपुर के सराफा बाजार में 10 ग्राम का सामान्य चांदी का सिक्का करीब 1800 से 1820 रुपये में मिल रहा है। वहीं, एमएमटीसी जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के सीलपैक सिक्कों की कीमत 2100 से 2200 रुपये तक है। कीमत में अंतर होने के बावजूद ग्राहक ब्रांडेड सिक्के खरीदने में अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

शुद्धता की गारंटी को दे रहे प्राथमिकता

बुलियन कारोबारी पंकज अरोड़ा के मुताबिक, ग्राहकों की पसंद में आए इस बदलाव की एक बड़ी वजह सामान्य लक्ष्मी-गणेश के सिक्कों की शुद्धता को लेकर बढ़ता संशय है। बाजार में गिलट यानी मिश्रित धातु से बने सिक्के उपहार में दिए जाने के कारण लोगों का भरोसा प्रभावित हुआ है।

इसी वजह से अब ग्राहक ऐसे सिक्के खरीदना चाहते हैं, जिनकी शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर उन्हें भरोसा हो। ब्रांडेड सीलपैक सिक्कों की मांग इसी बदलाव का नतीजा है। बाजार में ये सिक्के 10, 20, 50 और 100 ग्राम के अलावा आधा किलो और एक किलो तक के वजन में उपलब्ध हैं। ऐसे में ग्राहक अपने बजट और जरूरत के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं।

दक्षिण भारत की एंटीक मूर्तियों ने खींचा ध्यान

कानपुर के बिरहाना रोड स्थित गर्ग ज्वैलर्स के प्रोपराइटर भूपेंद्र गर्ग के मुताबिक, इस बार दक्षिण भारत से मंगवाई गईं 925 हॉलमार्क वाली एंटीक फिनिश चांदी की मूर्तियों की विशेष मांग है। इन मूर्तियों की बारीक नक्काशी और आकर्षक डिजाइन ग्राहकों को खूब पसंद आ रहे हैं।

इन मूर्तियों को लोग केवल पूजा-पाठ के लिए ही नहीं, बल्कि घर की सजावट और त्योहारों पर उपहार देने के लिए भी खरीद रहे हैं। इनका निर्माण 925 शुद्धता वाली चांदी से किया जाता है, यानी इनमें 92.5 प्रतिशत चांदी होती है। इन मूर्तियों पर करीब 10 प्रतिशत मेकिंग चार्ज लिया जा रहा है।

तीन लाख रुपये तक पहुंची चांदी की मूर्तियों की कीमत

सराफा बाजार में चांदी की एंटीक मूर्तियां अलग-अलग वजन और कीमत में उपलब्ध हैं। छह इंच ऊंची करीब डेढ़ किलो वजन की मूर्ति की कीमत लगभग तीन लाख रुपये है। वहीं, एक किलो वजन वाली मूर्ति करीब 2.10 लाख रुपये में मिल रही है।

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छोटे बजट वाले ग्राहकों के लिए भी बाजार में विकल्प मौजूद हैं। 200 ग्राम वजन की मूर्ति की कीमत करीब 40 हजार रुपये और 100 ग्राम की मूर्ति लगभग 20 हजार रुपये है। इसके अलावा पारंपरिक सफेद रंग की चांदी की मूर्तियां भी खरीदारों को आकर्षित कर रही हैं। इनका वजन 35-40 ग्राम से लेकर एक किलो तक है। इनकी कीमत करीब 10 हजार रुपये से शुरू होकर 1.75 लाख से दो लाख रुपये तक पहुंच रही है।

चांदी के बर्तनों की खरीदारी में भी तेजी

धनतेरस पर पूजा सामग्री के साथ-साथ रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाले चांदी के बर्तनों की खरीदारी भी बढ़ रही है। नयागंज बाजार के कारोबारी रवि गुप्ता के मुताबिक, इस बार ग्राहक चांदी के गिलास और दूसरे डिजाइनर बर्तनों में भी रुचि दिखा रहे हैं। 925 शुद्धता वाले करीब 100 ग्राम के चांदी के गिलास की कीमत लगभग 19 हजार रुपये है। खास बात यह है कि इन बर्तनों पर मेकिंग चार्ज भी करीब एक प्रतिशत ही लिया जा रहा है। इससे ग्राहकों को आकर्षक डिजाइन के साथ खरीदारी का विकल्प मिल रहा है।

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इस बार चांदी की खरीदारी में दिख रहा नया ट्रेंड

कानपुर के सराफा बाजार में इस बार धनतेरस की खरीदारी केवल परंपरा तक सीमित नहीं रह गई है। ग्राहक अब चांदी की शुद्धता, ब्रांड, डिजाइन और उपयोगिता को भी ध्यान में रखकर सामान खरीद रहे हैं। एक ओर 1800 रुपये के 10 ग्राम चांदी के सिक्के पसंद किए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर लाखों रुपये की एंटीक मूर्तियों की भी मांग बनी हुई है। चांदी के भाव में आई राहत से बाजार में खरीदारों की सक्रियता बढ़ी है। ऐसे में इस धनतेरस पर कानपुर के सराफा बाजार में चांदी के सिक्कों, हॉलमार्क वाली मूर्तियों और डिजाइनर बर्तनों की खरीदारी का नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है।

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