Lucknow News In Hindi: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीकेटी इलाके में किसान पथ पर फॉर्मेलिन केमिकल से भरा टैंकर पलटने के बाद बड़े क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। टैंकर से केमिकल का रिसाव होने के बाद आसपास के इलाकों में धुंध जैसी स्थिति बन गई। इसके बाद लोगों को आंखों में जलन, खांसी, त्वचा में खुजली और सांस लेने में परेशानी की शिकायत होने लगी।
शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना से 50 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंचीं। एहतियातन प्रभावित क्षेत्र में बैरिकेडिंग कराई गई और वाहनों का रूट डायवर्जन किया गया।
किसान पथ पर टैंकर पलटने से फैला केमिकल
लखनऊ के बख्शी का तालाब (बीकेटी) क्षेत्र में किसान पथ पर सोमवार देर शाम फॉर्मेलिन केमिकल से भरा टैंकर पलट गया। हादसे के बाद टैंकर से केमिकल का रिसाव होने लगा और आसपास के इलाके में धुंध जैसी स्थिति बन गई। शुरुआत में लोगों को लगा कि मौसम में कोहरा छाया है, लेकिन कुछ ही देर बाद आंखों में तेज जलन, खांसी और त्वचा में खुजली जैसी परेशानियां सामने आने लगीं। कई लोगों ने सांस लेने में भी दिक्कत महसूस की। धीरे-धीरे आसपास के इलाकों में केमिकल के प्रभाव की जानकारी फैलने लगी, जिसके बाद स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई।
दो किलोमीटर के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस उपायुक्त उत्तरी अमित आनंद, एसीपी बीकेटी, स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। एहतियात के तौर पर घटनास्थल के आसपास बैरिकेडिंग की गई और लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई। पुलिस ने यातायात को नियंत्रित करने के लिए वाहनों का रूट डायवर्जन भी कराया। केमिकल के प्रभाव से पुलिसकर्मियों को भी परेशानी होने लगी, जिसके बाद उनके लिए मास्क मंगाए गए। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्र में लोगों की आवाजाही रोकने और केमिकल के संपर्क में आने से बचाव करने की रही।
सड़क पर फैले रसायन को हटाने की कवायद
हादसे के बाद पुलिस अधिकारियों ने केमिकल इंडस्ट्री को इसकी जानकारी दी। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची और सड़क पर फैले केमिकल को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की गई। रिसाव के कारण आसपास के क्षेत्र में बनी परेशानी को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए। केमिकल को निष्क्रिय करने का काम देर रात तक जारी रहा। प्रशासन और संबंधित टीमें स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी रहीं, ताकि प्रभावित इलाके में लोगों को होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।
एक किलोमीटर दूर तक लोगों ने बताई परेशानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, टैंकर पलटने की जगह से करीब एक किलोमीटर दूर बीकेटी चौराहा और महिला थाने के आसपास तक लोगों को घुटन, खांसी और खुजली जैसी दिक्कतें महसूस हुईं। कई लोग शुरुआत में यह समझ नहीं पाए कि अचानक आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी क्यों होने लगी है। बाद में केमिकल रिसाव की जानकारी सामने आने पर लोगों को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ। प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बन गई।
हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों को भी हुई परेशानी
घटनास्थल के आसपास कई शिक्षण संस्थान और हॉस्टल स्थित हैं। स्थानीय जानकारी के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में 50 से अधिक हॉस्टल हैं, जिनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहते हैं। इनमें छोटे बच्चों के हॉस्टल भी शामिल हैं। केमिकल रिसाव के कारण हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक हॉस्टल में रहने वाले छात्र वरुण ने बताया कि वह शाम को अपने दोस्त अमित के साथ बाहर टहल रहे थे। इसी दौरान अचानक धुंध छा गई। शुरुआत में उन्हें लगा कि कोहरा है, लेकिन कुछ देर बाद आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी होने लगी। उन्हें खांसी भी शुरू हो गई।
वरुण के मुताबिक, उन्होंने पहले मुंह पर रुमाल रखा, लेकिन इससे ज्यादा देर तक राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने रुमाल गीला करके मुंह पर लगाया और तेजी से हॉस्टल के अंदर पहुंचे। वह अपने कमरे में चले गए और कुछ देर बाद नहाया, जिसके बाद उन्हें सामान्य महसूस हुआ। घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों के बीच भी चिंता का माहौल रहा।
रामसागर मिश्रा अस्पताल में इमरजेंसी व्यवस्था अलर्ट
टैंकर हादसे की जानकारी मिलने के बाद बीकेटी स्थित रामसागर मिश्रा अस्पताल में डॉक्टरों की टीम को इमरजेंसी के लिए तैयार रखा गया। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके शर्मा समेत अन्य अधिकारी भी व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग ने संभावित रूप से प्रभावित लोगों के इलाज के लिए जरूरी इंतजाम किए। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, देर रात तक फॉर्मेलिन के संपर्क में आने की शिकायत लेकर कोई मरीज इमरजेंसी में नहीं पहुंचा था।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
घटना के बाद स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन अरुण और सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने रामसागर मिश्रा अस्पताल में इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं, बीकेटी स्थित सौ शैय्या अस्पताल में भी स्वास्थ्यकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया। फॉर्मेलिन के संपर्क में आने से प्रभावित संभावित मरीजों को भर्ती करने के लिए वार्ड तैयार किया गया। देर रात तक यहां भी किसी मरीज के इमरजेंसी में पहुंचने की सूचना नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकीय टीमों को तैयार रहने और जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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आंखों और त्वचा में जलन होने पर तुरंत धोने की सलाह
बीकेटी पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से सावधानी बरतने की अपील की। एडवाइजरी में कहा गया कि यदि किसी व्यक्ति को आंखों या त्वचा में जलन महसूस होती है, तो वह तुरंत साफ और ठंडे पानी से प्रभावित हिस्से को अच्छी तरह धोए। केमिकल के संपर्क में आने की आशंका होने पर प्रभावित क्षेत्र से दूर रहना और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है। किसी को सांस लेने में परेशानी, लगातार खांसी या आंखों में तेज जलन हो, तो उसे तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
आंखों से लेकर सांस की नली तक पड़ सकता है असर
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के रेस्पिरेटरी एवं पल्मोनरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सूर्यकांत ने बताया कि फॉर्मेलिन के संपर्क में आने से आंखें लाल होने, तेज जलन और आंखों से पानी गिरने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा नाक और गले में जलन, खांसी, सिरदर्द, चक्कर और उल्टी की शिकायत भी हो सकती है। कुछ लोगों में रक्तचाप बढ़ने और नींद प्रभावित होने जैसी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं। केमिकल के संपर्क से त्वचा में जलन और नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। विशेषज्ञ के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति का ऑक्सीजन स्तर 90 प्रतिशत से नीचे पहुंचता है, तो उसे तत्काल अस्पताल ले जाने की जरूरत होती है।
इन गांवों और बस्तियों में रहने वाले लोग प्रभावित
केमिकल रिसाव से प्रभावित बताए गए इलाकों में मामपुर, बाना, भैंसामऊ, मौर्या नगर, बरगदी, बरगदी कला और बीकेटी चौराहा शामिल हैं। इसके अलावा आसपास की कई नई बस्तियों में भी लोगों को परेशानी होने की जानकारी सामने आई। प्रभावित क्षेत्र में 10 से अधिक गांवों और दर्जनों हॉस्टलों का जिक्र किया गया है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना से 50 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
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रिसाव पर नियंत्रण और लोगों की सुरक्षा पर जोर
किसान पथ पर टैंकर पलटने और फॉर्मेलिन के रिसाव की घटना ने आसपास के गांवों, बस्तियों और हॉस्टलों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस, दमकल, एसडीआरएफ, केमिकल विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्थिति से निपटने में जुटी रहीं। प्रभावित इलाके में बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन और अस्पतालों में इमरजेंसी व्यवस्था जैसे कदम उठाए गए। फिलहाल, लोगों के लिए जरूरी है कि वे प्रभावित क्षेत्र से दूरी बनाए रखें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह के गंभीर लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं। Read More..










