मेरठ में कांवड़िए आपस में भिड़े: बाइक टकराने पर हुई झड़प, पुलिस जीप से खींचकर युवक पर बरसाए डंडे

Meerut News: मेरठ के दिल्ली-दून हाईवे पर कांवड़ यात्रा के दौरान दो बाइक टकराने के बाद कांवड़ियों के दो गुटों में जमकर मारपीट हो गई। पुलिस के सामने ही एक युवक को जिप्सी से खींचकर लाठी-डंडों से पीटा गया।


August 4, 2026 by

Meerut News Today: मेरठ में सावन कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-दून हाईवे (NH-58) पर आधी रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बाइक टकराने के मामूली विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। दो अलग-अलग गुटों के कांवड़ियों के बीच शुरू हुई कहासुनी कुछ ही मिनटों में लाठी-डंडों और मारपीट में बदल गई।

हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर पहुंची पुलिस के सामने ही एक युवक को पुलिस की जिप्सी से बाहर खींचकर बेरहमी से पीटा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि पुलिस ने वायरल हो रहे कई दावों को भ्रामक बताया है।

आधी रात बाइक टकराने से शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, घटना 3 अगस्त की रात करीब 2:30 बजे दौराला थाना क्षेत्र स्थित दिल्ली-दून हाईवे पर हुई। नोएडा निवासी सोनू अपने साथी गुड्डू के साथ बाइक से हरिद्वार गंगाजल लेने जा रहा था। इसी दौरान सामने से हरिद्वार से जल लेकर लौट रहे एक अन्य कांवड़िये की बाइक से उसकी बाइक की टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई, जो कुछ ही देर में हाथापाई में बदल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे और देखते ही देखते सड़क पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। हाईवे पर मौजूद अन्य कांवड़ियों की भी भीड़ मौके पर जुटने लगी, जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ गई।

पैदल कांवड़ियों के पहुंचते ही बढ़ गया हंगामा

विवाद के दौरान उसी मार्ग से बड़ी संख्या में पैदल कांवड़िये भी गुजर रहे थे। जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, कई लोग एक पक्ष के समर्थन में आ गए। इसके बाद दोनों गुटों के बीच जमकर लाठी-डंडे और थप्पड़ चलने लगे। कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन बढ़ती भीड़ के कारण हालात नियंत्रण से बाहर होते चले गए।

कुछ ही मिनटों में हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और कांवड़ यात्रा का मार्ग भी कुछ समय के लिए प्रभावित हो गया।

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पुलिस ने बचाने की कोशिश, फिर भीड़ हुई उग्र

मारपीट की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करते हुए सोनू और उसके साथी गुड्डू को भीड़ से बचाकर पुलिस की जिप्सी में बैठा लिया ताकि उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा सके।

लेकिन यह कदम भीड़ को नागवार गुजरा। आसपास मौजूद कुछ कांवड़ियों को लगा कि पुलिस टक्कर मारने वाले युवकों को बचाकर ले जा रही है। इसके बाद भीड़ अचानक उग्र हो गई और पुलिस वाहन को घेर लिया।

जिप्सी से बाहर खींचकर युवक को बेरहमी से पीटा

जिप्सी से बाहर खींचकर युवक को बेरहमी से पीटा

गुस्साई भीड़ ने पुलिस जिप्सी में बैठे एक युवक को जबरन बाहर खींच लिया और उसके साथ लात-घूंसों, थप्पड़ों तथा लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की। वहीं दूसरे युवक को वाहन के अंदर ही पीटे जाने की भी बात सामने आई।

घटना के दौरान जिप्सी में बैठा एक युवक अपने साथियों को मोबाइल फोन से लगातार बुलाता भी दिखाई दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह स्थिति संभालने का प्रयास किया और भीड़ को शांत कराया।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से बढ़ी चर्चा

घटना के बाद मौके के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह के दावे किए जाने लगे। कुछ पोस्ट में यह दावा किया गया कि कांवड़ियों ने पुलिसकर्मियों की भी पिटाई कर दी, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।

हालांकि पुलिस ने इन दावों का स्पष्ट रूप से खंडन करते हुए कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति पुलिसकर्मी नहीं बल्कि कांवड़िया है, जिसे दूसरे पक्ष के लोगों ने पीटा था।

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दोनों पक्षों का कराया गया मेडिकल

घटना के बाद पुलिस दोनों पक्षों को अपने साथ थाने ले गई। सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों से लिखित शिकायत देने को भी कहा, लेकिन किसी भी पक्ष ने तहरीर देने से इनकार कर दिया।

तहरीर नहीं मिलने के कारण फिलहाल पुलिस ने कानूनी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई और दोनों पक्षों को समझाकर उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया।

एसपी सिटी ने वायरल दावों को बताया भ्रामक

मेरठ के एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने बताया कि दो बाइकें टकराने के कारण कांवड़ियों के बीच विवाद हुआ था।

मेरठ के एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने बताया कि दो बाइकें टकराने के कारण कांवड़ियों के बीच विवाद हुआ था। सूचना मिलने पर सादी वर्दी में तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को अलग कराया। इस दौरान हल्की धक्का-मुक्की जरूर हुई, लेकिन किसी भी पुलिसकर्मी के साथ मारपीट नहीं हुई और न ही कोई पुलिसकर्मी घायल हुआ।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर पुलिस की पिटाई होने का जो दावा किया जा रहा है, वह पूरी तरह भ्रामक है। पुलिस ने दोनों पक्षों का मेडिकल कराया और चूंकि किसी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई, इसलिए उन्हें समझाकर आगे की यात्रा के लिए भेज दिया गया।

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पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपुष्ट वीडियो और भ्रामक दावों पर विश्वास न करें। अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी जानकारी पुलिस के पास है और आवश्यकता पड़ने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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