UP Crime: यूपी में मां की बेरहमी, डेढ़ साल के बेटे की गर्दन पर बैठी, तड़पकर मासूम ने तोड़ा दम

UP Crime: जालौन में मां पर अपने डेढ़ साल के बेटे की गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगा है। परिजनों के मुताबिक, महिला का मानसिक इलाज चल रहा था। 20 दिन पहले उसने बड़ी बेटी पर भी लाठी से हमला किया था।


November 4, 2026 • by

UP Crime News: उत्तर प्रदेश के जालौन से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां पर अपने ही डेढ़ साल के मासूम बेटे की गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि महिला बच्चे की गर्दन पर बैठ गई थी, जिससे दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि महिला पिछले कई महीनों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी और उसका इलाज भी चल रहा था। हैरानी की बात यह है कि करीब 20 दिन पहले उसने अपनी बड़ी बेटी पर भी लाठी से हमला कर दिया था।

घर में पसरा मातम

जालौन जिले के कोटरा थाना क्षेत्र के सीकरी व्यास गांव में मंगलवार सुबह यह दर्दनाक घटना सामने आई। गांव निवासी राजेश बरार मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनकी शादी करीब 10 साल पहले हमीरपुर जिले के बंगरा गांव की रहने वाली पारो (28) से हुई थी। दंपती के चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे ऋषभ (7) और रितिक (डेढ़ वर्ष) तथा दो बेटियां रश्मि (6) और मोहिनी (4) शामिल हैं। परिवार में राजेश के माता-पिता भी साथ रहते हैं।

कई महीनों से चल रहा था महिला का इलाज

परिजनों के मुताबिक, पारो पिछले कई महीनों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी। करीब चार महीने से ग्वालियर में उसका इलाज भी कराया जा रहा था। परिवार का कहना है कि महिला पहले भी तीन बार घर से कहीं चली गई थी। बाद में जानकारी मिलने पर राजेश उसे वापस घर लेकर आए थे।

परिजनों ने बताया कि महिला का व्यवहार कई बार अचानक बदल जाता था। वह छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने लगती थी और कभी-कभी परिवार के लोगों के साथ मारपीट भी करती थी। उसकी इन हरकतों की वजह से बच्चे भी उससे डरने लगे थे। इसी कारण छोटा बेटा रितिक ज्यादातर अपनी दादी शांति या दादा परमानंद के पास सोता था।

सुबह चार बजे दादा के पास सो रहा था मासूम

मंगलवार तड़के करीब चार बजे डेढ़ साल का रितिक अपने दादा परमानंद के पास लेटा हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान पारो बच्चे को उठाकर अपने पास ले गई। इसके बाद उसने मासूम का गला दबा दिया।

सुबह करीब पांच बजे राजेश की नजर बच्चे पर पड़ी तो वह यह देखकर घबरा गए कि पारो बच्चे की गर्दन पर बैठी हुई थी और उसके हाथ मासूम की गर्दन पर थे। राजेश ने तुरंत पत्नी को धक्का देकर बच्चे से अलग किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मासूम की सांसें थम चुकी थीं। बच्चे के गले पर दबाव के निशान भी दिखाई दिए।

पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया

बेटे की मौत के बाद राजेश ने तुरंत डायल 112 पर फोन कर पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही कोटरा थाना पुलिस गांव पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की जांच के लिए फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया, जहां टीम ने जरूरी साक्ष्य जुटाए।

पुलिस ने मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की। वहीं, पति राजेश की तहरीर पर आरोपी महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

20 दिन पहले बड़ी बेटी पर भी किया था लाठी से हमला

परिजनों के मुताबिक, पारो का गुस्सा कई बार इतना बढ़ जाता था कि वह बच्चों के साथ भी मारपीट करने लगती थी। करीब 20 दिन पहले उसकी बड़ी बेटी रश्मि घर में खेल रही थी। इसी दौरान बच्ची के शोर मचाने पर पारो नाराज हो गई।

आरोप है कि गुस्से में उसने घर में रखी लाठी उठाकर बेटी पर हमला कर दिया था। इस घटना में रश्मि को चोट आई थी। परिजनों का कहना है कि महिला के व्यवहार के कारण बच्चे भी सहमे रहते थे। इसके बावजूद परिवार की ओर से उसका इलाज कराया जा रहा था।

सीओ ने क्या बताया

इस मामले में सीओ राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। आरोप है कि महिला ने अपने डेढ़ वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या की है। पति की तहरीर के आधार पर महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।

क्यों बदल जाता है व्यक्ति का व्यवहार

मनोरोग चिकित्सक अर्चना विश्वास के अनुसार, कुछ मानसिक बीमारियों में व्यक्ति का अपने व्यवहार और भावनाओं पर नियंत्रण कमजोर हो सकता है। इसके पीछे गंभीर तनाव, अवसाद, बाइपोलर डिसऑर्डर, मनोविकृति, नींद की कमी और अन्य मानसिक या शारीरिक समस्याएं जिम्मेदार हो सकती हैं।

ऐसी स्थिति में व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने लगता है। कई बार चिड़चिड़ापन, शक, आक्रामकता और असामान्य व्यवहार भी दिखाई देने लगता है। कुछ गंभीर मामलों में व्यक्ति को सही और गलत के बीच अंतर समझने में भी परेशानी हो सकती है।

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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

  1. व्यवहार में अचानक बदलाव हो सकता है चेतावनी का संकेत।
  2. मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें समय रहते पहचानना जरूरी है।
  3. छोटी-छोटी बातों पर अचानक गुस्सा आना।
  4. परिवार के लोगों के साथ मारपीट या हिंसक व्यवहार करना।
  5. बिना वजह शक करना और असामान्य बातें करना।
  6. नींद और खानपान की आदतों में बदलाव आना।
  7. अकेले रहना और लगातार चिड़चिड़ापन महसूस करना।
  8. व्यवहार में अचानक और असामान्य परिवर्तन होना।
  9. खुद को या दूसरों को नुकसान पहुंचाने की बात करना।

मानसिक बीमारी का इलाज कैसे संभव है

मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज संभव है। इसके लिए सबसे पहले मनोरोग विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी होता है। बीमारी के प्रकार और उसकी गंभीरता के अनुसार चिकित्सक दवाएं, मनोचिकित्सा और नियमित परामर्श की सलाह दे सकते हैं।

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विशेषज्ञों के अनुसार, मरीज को चिकित्सक की सलाह के मुताबिक दवाएं लेनी चाहिए और बिना परामर्श उपचार बंद नहीं करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे या वह खुद को अथवा दूसरों को नुकसान पहुंचाने की आशंका पैदा करे, तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए तत्काल पेशेवर मदद लेनी चाहिए। ऐसी स्थिति में संभावित जोखिम को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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