Gorakhpur Crime News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में खून की अवैध तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। रामगढ़ताल पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने एक कार से 100 यूनिट रेड ब्लड सेल्स (पीआरबीसी) बरामद किए हैं। इस मामले में मुरादाबाद निवासी दो आरोपियों फहीम अहमद और ताज गुड्डू को गिरफ्तार किया गया है। बरामद खून के दूषित होने की भी आशंका जताई जा रही है। ऐसे में इस कार्रवाई ने ब्लड बैंकों के जरिए होने वाले रक्त के अवैध कारोबार और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कार में छिपाकर ले जा रहे थे 100 यूनिट खून
पुलिस के मुताबिक, काफी समय से सूचना मिल रही थी कि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से वाहनों में छिपाकर खून की खेप लाई जा रही है। इस अवैध कारोबार में शामिल लोग रक्त को सस्ते दामों पर खरीदकर ऊंची कीमत पर बेचते थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देश पर रामगढ़ताल पुलिस चौकी प्रभारी अमित चौबे ने जांच शुरू की।
पुलिस ने बिछाया जाल
मंगलवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मुरादाबाद से अवैध रूप से खून की एक बड़ी खेप गोरखपुर पहुंचने वाली है। इसके बाद पुलिस ने औषधि निरीक्षक श्रीध्वजेश्वर शुक्ला को सूचना देकर संयुक्त टीम गठित की। टीम ने भगत चौराहे के पास एलआईसी कार्यालय के नजदीक घेराबंदी कर यूके नंबर की एक सफेद ऑल्टो कार को रोक लिया। कार की तलाशी लेने पर पुलिस को पिछली सीट पर रखे दफ्ती के डिब्बे में 40 ब्लड बैग मिले, जबकि डिक्की में रखे थर्माकोल के डिब्बे से 60 ब्लड बैग बरामद हुए। इस तरह कुल 100 यूनिट रेड ब्लड सेल्स पुलिस के हाथ लगे।
पूछताछ में खुला कारोबार
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मुरादाबाद स्थित एसएस चैरिटेबल ब्लड बैंक से सस्ते दामों पर खून खरीदते थे। इसके बाद अलग-अलग ब्लड बैंकों की मांग के अनुसार इसे ऊंची कीमतों पर बेचते थे। बरामद रक्त की खेप को गोरखपुर के एक ब्लड बैंक में सप्लाई किया जाना था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा इससे पहले कितनी बार रक्त की सप्लाई की जा चुकी है।
दूषित होने की आशंका, जांच के लिए सुरक्षित किए नमूने
बरामद 100 यूनिट ब्लड के दूषित होने की आशंका को देखते हुए औषधि निरीक्षक ने दोनों डिब्बों से एक-एक यूनिट रक्त का नमूना लिया। इन नमूनों को जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। जांच रिपोर्ट से ही रक्त की गुणवत्ता और उसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल इस मामले में रक्त की सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
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दो आरोपी गिरफ्तार, कार भी सीज
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुरादाबाद निवासी फहीम अहमद और ताज गुड्डू के रूप में की है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2) और औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम की धारा 18/27 के तहत कार्रवाई की गई है। जिस कार में खून की खेप ले जाई जा रही थी, उसे भी सीज कर दिया गया है। पुलिस इस अवैध कारोबार के अन्य संभावित ठिकानों और इससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
ब्लड बैंक में किस ग्रुप का कितना खून, ऑनलाइन मिलेगी जानकारी
दूसरी ओर, प्रयागराज में मरीजों और उनके तीमारदारों को रक्त की उपलब्धता की जानकारी आसानी से देने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। अब जरूरतमंद लोग ब्लड बैंकों में उपलब्ध रक्त और संबंधित ब्लड ग्रुप की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए सभी ब्लड बैंकों को ई-रक्तकोष पोर्टल के एकीकृत डाटा बैंक पर उपलब्ध रक्त का विवरण दर्ज करना होगा।
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आपातकाल में मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मरीजों और उनके परिजनों को जरूरत के समय अलग-अलग ब्लड बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे ऑनलाइन पता कर सकेंगे कि किस ब्लड बैंक में उनके जरूरत के ब्लड ग्रुप का रक्त उपलब्ध है। खासतौर पर थैलेसीमिया, कैंसर, जननी सुरक्षा से जुड़े मामलों और सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों के लिए यह सुविधा मददगार साबित हो सकती है। आपातकालीन स्थिति में समय पर रक्त की उपलब्धता मरीजों के इलाज में अहम भूमिका निभाती है।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं। Read More..










