क्या एक मुसलमान होना ही मेरा गुनाह है? जेल से निकलते ही छलका आजम खान का दर्द

Azam Khan: जेल से 11 महीने 14 दिन बाद बाहर आए आजम खान को ईडी ने तुरंत हिरासत में ले लिया। इस दौरान उनका दर्द छलक उठा। बोले- क्या यह एक मुसलमान होने की सजा है? वहीं, अब्दुल्ला आजम को रिहाई मिल गई।


November 1, 2026 • by

Azam Khan News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जेल से रिहाई के दौरान शनिवार शाम रामपुर में उस समय बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब जेल से बाहर निकलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

करीब 11 महीने 14 दिन बाद आजम खान की रिहाई की खबर से उनके समर्थकों और सपा कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल था, लेकिन जेल के गेट पर ईडी की मौजूदगी ने इस खुशी को मायूसी में बदल दिया। वहीं, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम जेल से रिहा होकर बाहर आ गए। जेल से निकलने के दौरान आजम खान ने अपना दर्द बयां करते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए और पूछा कि क्या एक मुसलमान होने की यही सजा है?

हाईकोर्ट से राहत के बाद रिहाई का रास्ता हुआ था साफ

आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में जिला स्तरीय अदालत ने सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद दोनों को 17 नवंबर 2025 को जेल भेज दिया गया था। मामले में राहत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की गई थी। गुरुवार को हाईकोर्ट ने दोनों की सजा पर रोक लगाते हुए जमानत मंजूर कर ली थी। इसके बाद शुक्रवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में हाईकोर्ट का आदेश दाखिल कर जमानत की जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गईं।

शनिवार को जारी हुए रिहाई के परवाने

हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी आजम खान और अब्दुल्ला आजम की जेल से रिहाई का रास्ता पूरी तरह आसान नहीं था। उनके खिलाफ दर्ज दूसरे मामलों में रिहाई के परवाने जारी होना बाकी थे। ऐसे में उनकी रिहाई में देरी की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि, आजम खान के अधिवक्ताओं ने तेजी से कानूनी प्रक्रिया पूरी की और शनिवार को उनसे जुड़े अन्य मामलों में भी रिहाई के परवाने जारी करा लिए। इसके बाद दोनों की जेल से रिहाई लगभग तय हो गई।

जेल के बाहर जुटने लगी थी समर्थकों की भारी भीड़

आजम खान की रिहाई की खबर मिलते ही रामपुर जेल के बाहर समर्थकों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया था। दोपहर से ही बड़ी संख्या में लोग जेल के बाहर जमा होने लगे थे। समर्थकों को उम्मीद थी कि करीब 11 महीने 14 दिन बाद उनके नेता जेल से बाहर आएंगे। जेल के बाहर खुशी और उत्साह का माहौल था। कार्यकर्ता अपने नेता के स्वागत की तैयारी में जुटे थे, लेकिन शाम होते-होते घटनाक्रम ने अचानक नया मोड़ ले लिया।

जेल के गेट पर पहले से मौजूद थी ईडी की टीम

शनिवार शाम करीब 6:15 बजे जेल के मुख्य गेट पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पहुंच गई। टीम के साथ बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बल के जवान भी मौजूद थे। जैसे ही समर्थकों को ईडी की मौजूदगी की जानकारी मिली, वहां हलचल तेज हो गई। शाम करीब सात बजे आजम खान जेल से बाहर आए तो ईडी के अधिकारियों ने उन्हें घेर लिया। अधिकारियों ने उन्हें एक आदेश दिखाया और कुछ सेकंड तक इस मामले को लेकर आजम खान तथा ईडी अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। इसके बाद ईडी की टीम उन्हें अपने साथ ले गई।

समर्थकों में छाई मायूसी

आजम खान को जेल से बाहर आते ही ईडी की टीम द्वारा हिरासत में लिए जाने से उनके समर्थकों को बड़ा झटका लगा। जिस रिहाई का इंतजार कार्यकर्ता लंबे समय से कर रहे थे, वह कुछ ही पलों में नए घटनाक्रम में बदल गई। ईडी की कार्रवाई के विरोध में समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। जेल के बाहर कुछ देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। हालांकि, बाद में जब अब्दुल्ला आजम जेल से बाहर आए तो समर्थकों ने उनका स्वागत किया।

छलका आजम खान का दर्द

ईडी की हिरासत में लिए जाने से पहले आजम खान ने अपनी प्रतिक्रिया में काफी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अब कहने के लिए बचा ही क्या है और वह आखिर क्या कहें? आजम खान ने आरोप लगाया कि कानून का वजूद खत्म हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या यह एक मुसलमान होने की सजा है?” उन्होंने आगे कहा कि उनकी गलती सिर्फ इतनी थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई और बच्चों के लिए स्कूल स्थापित किए। आजम खान ने सवाल किया कि क्या बच्चों के लिए स्कूल और यूनिवर्सिटी बनाना भी उनका गुनाह है?

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ईडी ने दर्ज कराया था मुकदमा

आजम खान के खिलाफ जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन के इस्तेमाल समेत कुछ अन्य आरोपों को लेकर भी मामला दर्ज कराया गया था। खबर के मुताबिक, 13 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अजीमनगर थाने में आजम खान के खिलाफ एक नया मामला दर्ज कराया गया था। इसी मामले को लेकर ईडी की टीम उनकी रिहाई के समय जेल के बाहर मौजूद थी। दो पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई हुई, लेकिन दूसरे मामले में ईडी की कार्रवाई के चलते वह जेल से बाहर आने के तुरंत बाद हिरासत में ले लिए गए।

गाजियाबाद ले गई ईडी की टीम

रामपुर के एएसपी अनिल सिंह सिसोदिया ने बताया कि ईडी की टीम आजम खान को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए गाजियाबाद मुख्यालय ले गई है। इस घटनाक्रम के बाद आजम खान की रिहाई का इंतजार कर रहे समर्थकों में निराशा देखने को मिली। वहीं, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम जेल से बाहर आ गए। अब इस मामले में ईडी की पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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